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तब भारतीय क्रिकेट टीम ट्रेन से चलती थी, मामूली होटलों में रुकती थी और मैच खेलने का मिलता था एक रुपया

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: January 17, 2020, 12:52 PM IST
तब भारतीय क्रिकेट टीम ट्रेन से चलती थी, मामूली होटलों में रुकती थी और मैच खेलने का मिलता था एक रुपया
अब भारतीय क्रिकेटर्स कांट्रैक्ट सिस्टम में करोड़ों रुपए पाते हैं कभी उन्हें एक रुपया भी नहीं मिलता था

क्या आप विश्वास करेंगे कि 40 के दशक में भारतीय क्रिकेट टीम जब कोई टेस्ट मैच खेलती थी तो उसके खिलाड़ियों को केवल एक रुपए मिलते थे, वो इसलिए कि वो अपने सफेद कपड़ों को साफ रख सकें. वो जहाज की बजाए ट्रेन से यात्रा करते थे और मामूली होटलों में ठहरते थे

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  • Last Updated: January 17, 2020, 12:52 PM IST
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बीसीसीआई ने साल 2019-2020 के लिए खिलाड़ियों के ग्रेड तय कर दिए हैं. इसके तहत क्रिकेटरों को सालाना 07 करोड़ से 01 करोड़ रुपए तक मिलेंगे. इसके अलावा खिलाड़ियों की आईपीएल से जो कमाई होगी सो अलग. अब तो अगर कोई क्रिकेट फर्स्ट क्लास क्रिकेट के मैच भी खेलता है तो वो लाखों रुपए पाता है. एक  जमाना था जब 40 के दशक में भारतीय क्रिकेटरों को एक टेस्ट मैच खेलने पर एक रुपया मिलता था. वे जहाज से नहीं बल्कि ट्रेन से चलते थे. फिर मैच फीस बढ़कर पांच रुपये हुई. 1955 के आसपास भारतीय क्रिकेटरों को 250 रुपये मिलने लगे. अब तो खैर बात ही क्या है.

भारतीय क्रिकेट के एक पूर्व कप्तान ने कुछ समय पहले एक कार्यक्रम में भाषण के दौरान बताया कि 60 के दशक में भारतीय टीम में क्रिकेटरों को हर मैच के 250 रुपये मिलते थे. कई बार बीसीसीआई के पास क्रिकेटरों को मैच फीस देने के भी पैसे नहीं होते थे.

ट्रेन से सफर और मामूली होटलों में ठहरते थे 
क्रिकेटर तब ट्रेन से सफर करते थे. उन्हें मामूली होटलों में ठहराया जाता था. अब इसके उलट खिलाड़ी हवाई जहाज से यात्रा करते हैं. वे पांच सितारा होटलों में ठहरते हैं. 70  के दशक तक भी भारतीय क्रिकेटरों को हर मैच के लिए दो हजार रुपये के आसपास मिलते थे. 80 के दशक में प्रति टेस्ट मैच फीस पांच हजार से दस हजार रुपये तक पहुंची.





40 के दशक में भारतीय टीम ट्रेन में यात्रा करती थी और उसे मामूली होटलों में ठहराया जाता था. कभी-कभी तो बोर्ड खिलाड़ियों को पैसा देने की स्थिति में भी नहीं रहता था.

तब पहले एक रुपया और फिर पांच रुपये मिले 
भारतीय टीम की ओर से 40 के दशक में खेलने वाले माधव आप्टे ने बीसीसीआई के 75 साल पूरे होने के अवसर पर एक समारोह में कहा था कि भारतीय टीम जब 40 के दशक में खेलती थी तो खिलाड़ियों को हर मैच का केवल एक रुपया मिलता था. ये रकम भी लांड्री भत्ते के रूप में दी जाती थी. इसके बाद ये रकम बढ़ाकर पांच रुपये प्रति टेस्ट मैच कर दी गई.

कब शुरू हुआ कांट्रैक्ट सिस्टम
बीसीसीआई का पहला क्रिकेटर कांट्रैक्ट सिस्टम एक अक्टूबर 2004 में लागू किया गया. तब देश के 17 शीर्ष खिलाड़ियों को ग्रेड सिस्टम ऑफर किया गया. सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ समेत सात क्रिकेटरों को ए ग्रेड दिया गया. सात को बी ग्रेड और तीन को सी ग्रेड दिया गया.
तब हर ग्रेड में ऑफर की गई रकम ये थी
ग्रेड ए - 50 लाख रुपये
ग्रेड बी - 35 लाख रुपये
ग्रेड सी - 20 लाख रुपये
इसके साथ उस समय क्रिकेटरों को मैच में मिलने वाली फीस इस तरह थी
टेस्ट मैच - दो लाख रुपये (विदेश में 2.4 लाख रुपये)
वन-डे - 1.6 लाख रुपये ( विदेश में 1.85 लाख रुपये)

40 के दशक में भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य रहे माधव आप्टे ने बीसीसीआई के 75 साल पूरे होने पर कहा था कि तब भारतीय क्रिकेटरों को कितने पैसे मिलते थे


कांट्रैक्ट सिस्टम की समीक्षा
तब से हर साल कांट्रैक्ट सिस्टम की समीक्षा होती है. नए कांट्रैक्ट को आमतौर पर अक्टूबर या नवंबर से लागू किया जाता है. ये पहली बार जब नवंबर 2017 में नया कांट्रैक्ट सिस्टम लागू होने के कुछ महीने बाद एक और नया कांट्रैक्ट सिस्टम आ गया. लेकिन इन बदलावों को एक अक्टूबर 2017 से ही लागू किया गया. ये अक्टूबर 2017 से सितंबर 2018 तक लागू रहा.

पिछले साल कांट्रैक्ट सिस्टम में हुई बढोतरी
पिछले साल बीसीसीआई ने कांट्रैक्ट सिस्टम में बढोतरी की थी. इस बार उसे ज्यों का त्यों रखा गया है. तब क्रिकेटर के प्रदर्शन और पोजिशन के लिहाज से कुछ क्रिकेटरों को ए प्लस स्पेशल ग्रेड देने का फैसला हुआ था. जिसके तहत क्रिकेटरों को सात करोड़ रुपये सालाना दिए जा रहे हैं. वेतन में तीन गुने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी की गई. महिला क्रिकेटरों के लिए भी ग्रेड सिस्टम में तीन कैटेगरी बनाई गई.

अब टीम इंडिया के क्रिकेटर करोड़ों में खेलते हैं. यहां तक कि प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाला क्रिकेटर सालभर में मोटी कमाई कर लेता है


अब किस ग्रेड के खिलाड़ी को कितना मिलेगा
ग्रेड ए प्लस - 07 करोड़ रुपये
ग्रेड ए - 05 करोड़ रुपये (पिछले कांट्रैक्ट में रकम 02 करोड़ रुपये)
ग्रेड बी - 03 करोड़ रुपये (पिछले कांट्रैक्ट में रकम 01 करोड़ रुपये)
ग्रेड सी - 01 करोड़ रुपये (पिछले कांट्रैक्ट में रकम 50 लाख रुपये)
इस करार के अलावा हर टेस्ट मैच खेलने पर एक क्रिकेटर को 15 लाख रुपये की रकम मिलेगी तो एक दिवसीय और टी20 मैच खेलने पर छह लाख रुपये.

सीनियर महिला क्रिकेटरों को भी फायदा 
महिला क्रिकेटरों के करार में भी वेतन वृद्धि तो हुई है लेकिन वैसी नहीं जैसी पुरुष क्रिकेटरों के लिए हुई है. अब उन्हें तीन ग्रेड में बांटा गया है
एक ग्रेड - 50 लाख रुपये सालाना
बी ग्रेड - 30 लाख रुपये
सी ग्रेड - 10 लाख रुपये
(पहले महिला क्रिकेटरों के दो ग्रेड थे. ग्रेड ए के तहत सालभर में 15 लाख रुपये की रकम तो ग्रेड बी में 10 लाख की रकम मिलती थी)

घरेलू क्रिकेट में बढोतरी
अंतरराष्ट्रीय मैचों के अलावा घरेलू क्रिकेट पर भी इस बार फोकस किया गया है. इसमें प्लेइंग इलेवन में शामिल सीनियर पुरुष खिलाड़ियों को हर दिन के हिसाब से 35 हज़ार रुपये तो रिजर्व में शामिल खिलाड़ियों को 17.5 हज़ार रुपये मिलेंगे. वहीं प्लेइंग इलेवन में शामिल अंडर 23 खिलाड़ी को हर दिन 17.5 हज़ार, अंडर-19 खिलाड़ी को 10.5 हज़ार और अंडर 16 खिलाड़ी को 3.5 हजार रुपये मिलेंगे.

प्लेइंग इलेवन में शामिल घरेलू महिला क्रिकेटरों के लिए ये रकम सीनियर खिलाड़ियों के लिए 12.5 हज़ार, अंडर 23 और अंडर 19 खिलाड़ियों के लिए 5.5 हजार रुपये तय की गई है.

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First published: January 17, 2020, 12:34 PM IST
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