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इस भारतीय जनरल ने तैयार की थी ऐसी युद्ध रणनीति, आज भी इलाज ढूंढ रहा है पाकिस्तान

इस भारतीय जनरल ने तैयार की थी ऐसी युद्ध रणनीति, आज भी इलाज ढूंढ रहा है पाकिस्तान

सुंदरजी उस टीम का हिस्सा थे जिसने भारत की न्यूक्लियर पॉलिसी लिखी. उन्होंने एडमिरल आर.एच तहिलियानी के साथ मिलकर इंडियर न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन लिखी थी.

सुंदरजी उस टीम का हिस्सा थे जिसने भारत की न्यूक्लियर पॉलिसी लिखी. उन्होंने एडमिरल आर.एच तहिलियानी के साथ मिलकर इंडियर न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन लिखी थी.

के. सुंदरजी (Krishnaswamy Sundarji) मिलिट्री ऑपरेशन के सर्वकालिक बेहतरीन रणनीतिकारों में से एक माना जाता है. सेना में तकनीक के इस्तेमाल, आधुनिकीकरण, युद्ध रणनीति के मामले में सुंदरजी वक्त से आगे की सोच रखते थे.

    भारत के नए आर्मी जनरल मनोज मुकंद नरवणे (Manoj Mukund Narvane) बनाए गए हैं. उन्हें चीन संबंधित मामलों का जानकार माना जाता है. डोकलाम विवाद (Doklam standoff) के दौरान उन्होंने चीन को उसकी हद दिखाई थी. नरवणे के बारे में कहा जाता है कि रणनीतिक तौर पर उनकी समझ-बूझ बेहद शानदार है. वो कठिन परिस्थितियों के दौरान शांत रहकर उनसे निपटना जानते हैं. ऐसे ही एक और आर्मी जनरल थे कृष्णास्वामी सुंदर जी (Krishnaswamy Sundarji). आम बोलचाल की भाषा में उन्हें के. सुंदर जी कह कर पुकारा जाता है. उनका आधिकारिक नाम था कृष्णा स्वामी सुंदर राजन.

    के. सुंदरजी को मिलिट्री ऑपरेशन के सर्वकालिक बेहतरीन रणनीतिकारों में से एक माना जाता है. सेना में तकनीक के इस्तेमाल, आधुनिकीकरण, युद्ध रणनीति के मामले में सुंदरजी वक्त से आगे की सोच रखते थे. सुंदरजी चाहते थे कि भारत अपना डिफेंस सिस्टम विकसित करे. उनका मानना था कि अगर हमारे पास अपना न्यूक्लियर डिफेंस सिस्टम हो तो फर्क नहीं पड़ता कि पाकिस्तान के पास कितने परमाणु बम हैं.

    क्या थी सुंदरजी डॉक्ट्रिन
    सुंदर जी डॉक्ट्रिन या फिर कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन का मुख्य उद्देश्य था कि पाकिस्तान के साथ किसी भी हमले की स्थिति में त्वरित गति के साथ जवाबी हमला किया जा सके. लेकिन ये हमला इस अंदाज में न किया जाए जिससे पाकिस्तान परमाणु हमला करने को बाध्य हो जाए. साल 2001 में संसद पर हमले के बाद भारत ने इस सिद्धांत का इस्तेमाल करते हुए ऑपरेशन विजयी भव: किया था.

    defence ministry, cds
    (प्रतीकात्मक तस्वीर)


    इस ऑपरेशन के तहत भारतीय आर्मी ने 48 घंटे के भीतर भारतीय-पाकिस्तान सीमा पर बड़ी संख्या में जवानों को इकट्ठा कर जवाब दिया था. साल 2011 में ऑपरेशन सुदर्शन शक्ति के जरिए भारत ने एक बार और इस सिद्धांत का इस्तेमाल किया था. इस सिद्धांत के तहत भारतीय सेना के सभी डिवीजन के बीच में तेजी के साथ कोऑपरेशन कर त्वरित जवाबी हमले के लिए तैयार रहने की तैयारी की जाती है.

    सुंदरजी को भारतीय आर्मी की सोच बदलने वाले आर्मी जनरल के रूप में भी पहचाना जाता है. आर्मी वॉर कॉलेज के कमांडेंट रहने के दौरान उन्हें वॉर मैनुअल को दोबारा लिखा था. इसमें उन्होंने तेजी के साथ कार्रवाई, निर्णायक एक्शन, तकनीक पर बेहद जोर दिया था. सुंदरजी उन कुछ लोगों में थे जिन्हें गल्फ वॉर के दौरान पहले ही इराकी सेना के बारे में घोषणा कर दी थी.

    आज भी उपाय खोजता है पाकिस्तान
    सुंदरजी की इस युद्ध रणनीति का उपाय आज भी पाकिस्तान तलाशता रहता है. साल 2017 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने दावा किया था कि उन्होंने कम दूरी की न्यूक्लियर मिसलाइल डेवलप कर ली है. अब्बासी का दावा था कि हम इस मिसाइल के जरिए भारत की सुंदरजी डॉक्ट्रिन या कोल्ट स्टार्ट डॉक्ट्रिन का मुकाबला आसानी से कर लेंगे.


    न्यूक्लियर पॉलिसी
    सुंदरजी उस टीम का हिस्सा थे जिसने भारत की न्यूक्लियर पॉलिसी लिखी. उन्होंने एडमिरल आर.एच तहिलियानी के साथ मिलकर इंडियर न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन लिखी थी. हालांकि रिटायरमेंट के बाद वो न्यूक्लियर सिक्योरिटी को लेकर नेताओं के अनमने रवैये को लेकर गुस्सा भी थे. उन्होंने इसे लेकर 'ब्लाइंड मेन ऑफ हिंदुस्तान' नाम की किताब भी लिखी थी.

    ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान सेना ने सात विजयंत टैंकों का इस्तेमाल किया था.
    ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान सेना ने सात विजयंत टैंकों का इस्तेमाल किया था.


    ऑपरेशन ब्लू स्टार और ऑपरेशन पवन
    एक विजनरी मिलिट्री अधिकारी होने के बावजूद सुंदरजी पर पर दो ऑपरेशन को लेकर उंगलियां भी उठाई जाती हैं. 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार का नेतृत्व किया था. इस ऑपरेशन को लेकर भारतीय सेना पर मानवाधिकार संगठनों ने काफी सवाल उठाए थे. 1986 में सुंदरजी देश के जनरल बने थे और उसी दौरान भारतीय सैनिकों का दल श्रीलंका गया था. भारतीय पीस कीपिंग फोर्सेज के इस ऑपरेशन का नाम पवन था. भारतीय सैनिकों को इससे पहले इस तरह के जंगल युद्ध का कोई अनुभव नहीं था. सैनिकों का जान भी गंवानी पड़ी और सरकार सहित सुंदरजी को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.

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    Tags: Bipin Rawat, India pakistan, Indian army

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