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चोरी हो चुके लाखों भारतीयों के ID, डार्क नेट पर हो रही बिक्री

डार्क बेव ने लाखों की संख्या में भारतीयों का डाटा चुरा लिया है और उनकी स्कैन्ड कॉपी सीक्रेट तरीके से बेची जा रही है (Photo-pixabay)

डार्क बेव ने लाखों की संख्या में भारतीयों का डाटा चुरा लिया है और उनकी स्कैन्ड कॉपी सीक्रेट तरीके से बेची जा रही है (Photo-pixabay)

बेहद हैरतअंगेज तरीके से 1 लाख से ज्यादा भारतीयों के ID डार्क वेब (Indian national IDs on sell on dark web) पर बिक्री के लिए आ चुके हैं. इनमें आधार कार्ड (Aadhaar card), पैन कार्ड से लेकर पासपोर्ट (passport) तक हैं.

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    साइबर क्राइम के लिए इस्तेमाल होने वाले डार्क बेव ने हाल ही में लाखों की संख्या में भारतीयों का डाटा चुरा लिया है और उनकी स्कैन्ड कॉपी सीक्रेट तरीके से बेची जा रही है. इसका खुलासा साइबर खुफिया एजेंसी साइबल (Cyble) ने 3 जून को किया, जिसके बाद से तहलका मचा हुआ है. जानिए, क्या कहती है साइबर खुफिया एजेंसी और क्या है डार्क वेब.

    Cyble ने इंटरनेट की खुफिया साइटों पर लाखों की संख्या में आईडी की स्कैन्ड कॉपीज देखीं. इसमें पासपोर्स, आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसी चीजें थीं जो खुफिया तौर पर बेची जा रही थीं. पड़ताल करने पर पता चला कि डार्क साइट पर भारतीयों को 1 लाख से ज्यादा आईडी हैं, जिसकी बिक्री चालू है. Cyble इनमें से 1000 आईडी डार्क नेट से निकाल चुका है और पड़ताल की प्रक्रिया चालू है.

    IDs का इस्तेमाल अपराधी लोगों के बीच जाने और खुद को आम इंसान बताते हुए यकीन हासिल करने में करते हैं (Photo-pixabay)


    हिंदुस्तान टाइम्स में आई रिपोर्ट के मुताबिक इसपर Cyble के अधिकारियों ने कहा कि डाटा सरकार की ओर से लीक नहीं दिखता, बल्कि लगता है कि थर्ड पार्टी ने इसे लीक किया है. इसे किसी अचर्चित एक्टर की प्रोफाइल के जरिए बेचा जा रहा है. पड़ताल में पता चला कि एक्टर के पास देश के अलग-अलग हिस्सों के 1 लाख से ज्यादा ID हैं. इन IDs का इस्तेमाल अपराधी लोगों के बीच जाने और खुद को आम इंसान बताते हुए सबका यकीन हासिल करने में करते हैं.

    माना जा रहा है कि ID की स्कैन्ड कॉपी किसी कंपनी के ‘Know Your Customer’ (KYC) से चुराई गई है. खुफिया एजेंसी के मुताबिक हाल के वक्त में KYC और बैंकिंग स्कैम दोनों बढ़े हैं. एजेंसी का मानना है कि बैंकों से थर्ड पार्टी ये आईडी चुरा रही है और डार्क नेट के जरिए साइबर क्रिमिनल्स को उसे ऊंचे दाम पर बेच रही है. मई में भी खुफिया एजेंसी ने खतरे की तरफ आगाह किया था. इसके मुताबिक 7.65 से ज्यादा भारतीयों की पर्सनल जानकारी डार्क नेट पर बेची जा रही थी. पड़ताल में पाया गया कि इनमें से 4.75 वो लोग हैं, जो ट्रूकॉलर का इस्तेमाल करते हैं. लाखों डाटा नौकरी की वेबसाइट्स से चुराए गए.

    नेट पर अपराधी कोरोना से रिकवर हुए मरीज का खून और मास्क, वेंटिलेटर जैसी चीजें तक बेचते दिखे हैं (Photo-pixabay)


    वैसे इंटरनेट की खुफिया दुनिया डार्क नेट का नाम इन दिनों काफी उछला हुआ है. ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें डार्क नेट पर अपराधी कोरोना से रिकवर हुए मरीज का खून और मास्क, वेंटिलेटर जैसी जरूरी चीजें तक बेचते दिखे हैं. Australian Institute of Criminology ने डार्क नेट पर इस खून की अवैध बिक्री का खुलासा किया है. अमीर लोग इसे खरीद रहे हैं ताकि वे कोरोना के लिए इम्यून हो सकें.

    डार्क नेट इंटरनेट दुनिया का ऐसा सीक्रेट संसार है, जहां कुछ ही ब्राउजर के जरिए पहुंचा जा सकता है और ये सर्च इंजन में भी नहीं आता है. नेट का ये खुफिया संसार काफी फैला हुआ है. साल 2015 में लंदन की किंग्स यूनिवर्सिटी ने इसपर 5 हफ्ते तक शोध किया. इतने ही दिनों में 2,723 डार्क वेब साइट्स का पता लग गया. वक्त के साथ-साथ हालात और बिगड़ रहे हैं. साल 2019 की एक रिसर्च, जिसे यूनिवर्सिटी ऑफ सर्रे के डॉक्टर माइकल मैकगुर्वेस ने किया था, इसमें कई बातें निकलकर आईं. जैसे साइबर क्रिमिनल्स की तेजी से बढ़ी संख्या और गलत कामों की ओर युवाओं का बढ़ता रुझान. Tor Internet के जरिए लगातार दुनियाभर के लोग इससे जुड़ने लगे हैं, जिनके मस्तिष्क में किसी भी तरह की खुराफात रहती है.

    ये इंटरनेट दुनिया का ऐसा सीक्रेट संसार है, जहां कुछ ही ब्राउजर के जरिए पहुंचा जा सकता है (Photo-pixabay)


    डार्क नेट पर अपराधी क्रेडिट कार्ड खरीदते हैं और लाखों का चूना लगा जाते हैं. यहां दुनिया की किसी भी किस्म का नशा मिल पाता है. यहां कंप्यूटर और कई तरह के अकाउंट हैक हो सकते हैं. यहां पर हैकर्स भी मिल जाते हैं. यहां तक कि लाइफटाइम नेटफ्लिक्स प्रीमियम अकाउंट भी खरीदा जा सकता है, जो चोरी से यहां पर उपलब्ध होता है.

    डार्क वेब की दुनिया अपने-आप में काफी रहस्यमयी है. इसका इस्तेमाल खुद में अवैध नहीं क्योंकि अज्ञात होने के बाद भी आपके पास एनक्रिप्शन होता है लेकिन डार्क वेब के जरिए आप जिस काम से जुड़ रहे हों, वो अवैध हो सकता है. जैसे किसी के क्रेडिट कार्ड का पासवर्ड लेना, नशे की खरीद-फरोख्त से जुड़ना या पोर्नोग्राफी में शामिल हो जाना.

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