कोरोना मरीजों के आते ही खाली हो गया आठ मंजिला अस्पताल का हर कमरा

इस रहस्यमयी वायरस को लेकर अजीबोगरीब बातें भी हो रही हैं (सांकेतिक तस्वीर)
इस रहस्यमयी वायरस को लेकर अजीबोगरीब बातें भी हो रही हैं (सांकेतिक तस्वीर)

सोशल मीडिया (social media) पर कोरोना वायरस (coronavirus) के खात्मे के लिए कई इलाज वायरल हो रहे हैं. जबकि विशेषज्ञ अबतक इसका कोई इलाज नहीं खोज सके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 11, 2020, 3:10 PM IST
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चीन से आए कोरोना का खतरा दुनिया के बहुत से देशों को कब्जे में ले चुका है. भारत भी इसकी जद में है. बुधवार सुबह तक यहां 11 राज्यों से 59 मामले आ चुके हैं. इसके साथ ही इस रहस्यमयी वायरस को लेकर अजीबोगरीब बातें भी हो रही हैं. इसमें इलाज के देसी तरीकों से लेकर मरीजों का अस्पतालों से भागना भी शामिल है.

कौन लेकर आया कोरोना
अब तक माना जा रहा था कि बीमारी का इटालियन कनेक्शन है. इटली से 20 पर्यटकों का एक दल 21 से 28 फरवरी के बीच राजस्थान घूमने आया, जो अपने साथ ये वायरस लेकर आया और बीमारी फैलती गई. दल में एंड्री कार्ली नामक 69 साल का एक सैलानी बीमार पड़ा, जो जांच में कोरोना पॉजिटिव निकला. वहां से ये इंफेक्शन देश के उन सभी हिस्सों में फैला, जहां-जहां ये गए थे, इनमें राजस्थान, आगरा और दिल्ली के कई हिस्से शामिल थे.

हालांकि अब इसे लेकर नई जानकारी सामने आई है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इटली के पर्यटकों से पहले हांगकांग की एक टूरिस्ट इसे यहां लेकर आई होगी. 12 जनवरी को हांगकांग की टूरिस्ट राजस्थान के मंडावा में ठहरी हुई थी और वापस लौटने पर वो कोरोना पॉजिटिव पाई गई. इस टूरिस्ट के बाद ही इटली के सैलानी यहां आए थे. अब राजस्थान सरकार अंदाज लगा रही है कि 12 जनवरी तक चूंकि यहां कोरोना का कोई मामला नहीं था, लिहाजा हांगकांग की सैलानी ही ये बीमारी लेकर यहां आई होगी.
इस नई जानकारी के बाद से अब उन जगहों और लोगों की भी जांच हो रही है, जो हांगकांग की महिला के संपर्क में आए थे. इससे पहले इटालियन सैलानियों के साथ संपर्क में आए 215 लोगों की भी स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 93 सैंपल टेस्ट हुए. उन सारे होटल के कमरों को बंद कर सैनिटेशन प्रोसेस से गुजारा गया, जहां ये सैलानी ठहरे थे.



भाग रहे मरीज
इधर बीमारी के दौरान आइसोलेशन को लेकर भी बहुत से लोगों में काफी डर फैला हुआ है. बता दें कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर मरीज को अस्पताल के एक वार्ड में एकदम अलग-थलग रखा जाना इलाज की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है. इसे निगेटिव प्रेशर रूम भी कहा जाता है, जहां मरीज का संपर्क सिर्फ अस्पताल स्टाफ से रह जाता है. ऐसे में कई वाकये सामने आए हैं जिनमें मरीज अस्पताल छोड़कर भाग निकले या भागने को कोशिश के दौरान पकड़े जा सके. जैसे उड़ीसा के कटक से कोरोना का एक मरीज इलाज से दौरान निकल भागा. ये आयरिश नागरिक था, जिसे बाद में अपने भारतीय सहयोगी के साथ एक होटल से पकड़ा गया.

9 मार्च को भी मिलती-जुलती एक घटना में दुबई से मंगलुरु आया एक व्यक्ति अस्पताल से निकल भागा. दरअसल एयरपोर्ट स्क्रीनिंग के दौरान उसे बुखार था, कोरोना के संदेह में उसे जांच के लिए अस्पताल लाया गया. यहां उसने अस्पताल स्टाफ से झगड़ा किया और देर रात निकल भागा. फिलहाल तटीय इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर उसकी खोज की जा रही है. ऐसे और भी कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां मरीज निजी अस्पताल में इलाज या गलत जांच बताते हुए निकल भागे हैं.

अस्पताल हुआ खाली
खचाखच भरे अस्पताल में जैसे ही कोरोना वायरस के कुछ संदिग्ध लाए गए, कुछ ही घंटों के भीतर पूरा अस्पताल खाली हो गया. ये मामला जयपुर के राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज़ (आरयूएचएस) का है. यहां कोरोना के 9 संदिग्ध लाए गए. उनके आते ही तेजी से खबर फैली और दहशत मे आए मरीज अस्पताल से निकल भागे. आननफानन उस 8 मंजिला अस्पताल के सारे कमरे खाली हो गए. यहां तक अगली रोज ओपीडी भी खाली पड़ी रही.

बाजार में नहीं हैं मास्क 
संक्रमण से बचने से लिए लोग मास्क और सैनेटाइजर खरीद रहे थे. अब बाजार में इन दोनों ही चीजों की भारी किल्लत हो गई है. ये कमी इस कदर है कि हाल ही में एक फार्मासिस्ट को मास्क को सैनेटाइजर चोरी के आरोप में पकड़ा गया है. ये घटना पुणे के एक अस्पताल की है, जहां 7 मार्च को एक फार्मासिस्ट ने अस्पताल से मास्क, सैनेटाइजर और बुखार की दवाओं की चोरी की. इसकी कीमत लगभग 35 हजार रुपए बताई जा रही है. फिलहाल जांच चल रही है. किल्लत और जमाखोरी इतनी ज्यादा है कि कई जानी-मानी ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के पास भी डिलीवरी के लिए सैनेटाइजर नहीं है. वहीं दिल्ली के थोक और रिटेल बाजार में एन 95 मास्क की कीमत 50 फीसदी तक बढ़ चुकी बताई जा रही है.

देसी दवाओं से इलाज
सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस के खात्मे के लिए कई इलाज वायरल हो रहे हैं. कई होम्योपैथिक दवाएं सुझाई जा रही हैं तो अल्टरनेटिव चिकित्सा के तहत आयुर्वेदिक उपचार भी अपनाए जा रहे हैं. मसलन लौंग-इलायची और कपूर को एक साथ मिलाकर अपने साथ रखा जाए तो कोरोना वायरस असर नहीं करेगा. या फिर इलायची, पिपली, गिलोय और तुलसी का काढ़ा बनाकर रोज पिया जाए तो कोरोना किसी भी हाल में नहीं होगा. कोरोना से बचाव के लिए शराब पीने के मैसेज भी धड़ल्ले से चल रहे हैं. यहां तक कि गाय के मूत्र और कुछ खास तरह से योग से भी कोरोना का संक्रमण होने से बचाव जैसे दावे हो रहे हैं. हालांकि विशेषज्ञ अबतक इस बीमारी का कोई इलाज नहीं खोज सके हैं.

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