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Interesting News Today: बच्चे का व्यवहार है गलत तो पैरेंट्स होंगे दंडित! चीन में बना नियम तो...

Interesting News Today: बच्चे का व्यवहार है गलत तो पैरेंट्स होंगे दंडित! चीन में बना नियम तो...

बच्चों के गलत व्यवहार के लिए कौन जिमेदार हैं?

बच्चों के गलत व्यवहार के लिए कौन जिमेदार हैं?

Interesting News Today 21st October 2021: बच्चों के गलत व्यवहार के लिए कौन जिम्मेवार हैं. माता-पिता या बच्चे. इसी बात पर दुनिया में बहस छिड़ा हुआ है.

    Interesting News Today 21st October 2021: अगर कोई बच्चा अपनी कक्षा या समाज में कोई गलत व्यवहार करे तो इसके लिए किसे दंडित किया जाना चाहिए? बच्चे को या उसके माता-पिता को या फिर दोनों को. इस बात पर पूरी दुनिया में बहस छिड़ी हुई है कि बच्चों के गलत व्यवहार के लिए कौन जिम्मेदार है? दरअसल, बहस इसलिए छिड़ी है क्योंकि चीन में एक ऐसा कानून बनाया जा रहा है जिसके तहत बच्चों के गलत व्यवहार के लिए उनके माता-पिता को दंडित किया जाएगा.

    इस प्रस्ताविक कानून के तहत गलत व्यवहार के लिए न केवल बच्चों बल्कि उनके माता-पिता को भी दंडित किया जाएगा. प्रस्ताविक कानून के मुताबिक अगर कक्षा में बच्चे का व्यवहार गलत है तो दंड का कुछ हिस्सा माता-पिता को भी भुगतना होगा. इसके तहत अगर कोई बच्चा किसी स्कूल में नियमों को तोड़ता है तो माता-पिता को फैमिली एजुकेशन प्रोग्राम में शामिल किया जा सकता है.

    इसके अलावा इस प्रस्तावित कानून में यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर कोई किशोर कोई अपराध करता है तो ऐसी स्थिति में कानून लागू करने वाली एजेंसियां उस किशोर के माता-पिता को भी दंडित कर सकती हैं. बशर्ते किशोर की उम्र 16 साल से कम हो. चीन में 16 साल की उम्र को कानूनी सीमा माना गया है.

    कड़े दंड का था प्रावधान
    इस कानून के प्रस्तावित पहले वर्जन में बच्चों के अपराध के मामले में माता-पिता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान था. इसमें कहा गया था कि अगर किसी बच्चे को पारिवारिक शिक्षा नहीं मिलती है तो उनके माता-पिता को चेतावनी, उनसे बाद उन पर करीब 156 डॉलर यानी 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान था.

    लेकिन बाद में विधेयक से दंड के ये प्रावधान हटा दिए गए. अब संशोधित विधेयक में ‘फैमिली एजुकेशन प्रोमोशन लॉ’ शामिल किया गया है. इस पर इसी हफ्ते विचार किया जाएगा.

    कानून का मकसद
    इस प्रस्तावित कानून का मकसद देश में पैरेंटिंग स्कील को बढ़ावा और उसका विकास करना है. इसके तहत नौकतिकता और समाजवाद पर मुख्य जोर है.

    चीन के नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के कानूनी मामलों के आयोग के प्रवक्ता जांग तिइवेई का कहना है कि किशोर के खराब व्यवहार और अपराध के पीछे पारिवारिक शिक्षा की कमी एक बड़ा कारण है. इस प्रस्तावित कानून में कहा गया है कि परिवार को बच्चों में अच्छी आदतें डालने के लिए किफायती होनी चाहिए.

    और कड़ा हो गया नियम
    ऐसा पहली बार नहीं है जब चीन ने बाल विकास के मसले पर ऐसी नीति लाई है. इसी साल अगस्त में सरकार ने आदेश जारी किया था कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे सप्ताह में तीन घंटे से अधिक वीडियो गेम नहीं खेल सकते हैं. इसके तहत शुक्रवार, शनिवार, रविवार के साथ-साथ राष्ट्रीय छुट्टी के दिन रात में ऐसे बच्चे एक-एक घंटा गेम खेल सकते हैं.

    वर्ष 2019 में गेमिंग प्रतिबंध लागू किए गए थे. उस वक्त नाबालिगों को हर रोज डेढ़ घंटे तक वीडियो गेम खेलने की अनुमति थी. उन्हें राष्ट्रीय अवकाश के दिन तीन घंटे तक गेम खेलने की अनुमति थी.

    Tags: Parents

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