क्या आप जानते हैं भारत में स्वच्छता के मायने बताने वाले Dettol की कहानी

क्या आप जानते हैं भारत में स्वच्छता के मायने बताने वाले Dettol की कहानी
80 और 90 के दशक के वक्त की बात की जाए तो Dettol का एंटिसेप्टिक सामान्य तौर पर हर पुरुष की सेविंग किट का हिस्सा हुई करता था.

भारत में इसकी शुरुआत 1933 में हुई थी. इसके बाद बीते कई दशकों से ये भारत में आम लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बना हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2020, 7:49 PM IST
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लॉकडाउन की वजह से इस समय ऑनलाइन कंपनियां उन्हीं सामानों की डेलिवरी कर रही हैं जो essential यानी अतिआवश्यक हैं. अब चूंकि कोरोना महामारी में साफ-सफाई का भी बड़ा रोल है ऐसे में इससे जुड़ी वस्तुओं को भी अतिआवश्यक कैटगरी में रखा गया है. लेकिन इन सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक बात कॉमन दिखाई दे रही है. Disinfection से जुड़े Dettol के प्रोडक्ट गायब दिखाई दे रहे हैं. आपको अन्य कंपनियों के प्रोडक्ट दिखा जाएंगे लेकिन Dettol के प्रोडक्ट बेहद कम दिखाई दे रहे हैं या फिर उनकी उपलब्धता बेहद कम है. दरअसल जैसे ही सरकार ने लॉकडाउन का फैसला लिया था उसके बाद ही Dettol के प्रोडक्ट्स की पैनिक बायिंग हुई थी. ऐसा क्यों हुआ?

80 और 90 के दशक के वक्त की बात की जाए तो Dettol का एंटिसेप्टिक सामान्य तौर पर हर पुरुष की सेविंग किट का हिस्सा हुई करता था. बड़े स्तर पर लोग इसका इस्तेमाल फिटकरी के साथ किया करते थे. उस समय दुनियाभर में HIV/AIDS को लेकर जागरूकता फैलाई जा रही थी. इस वजह से रेजर को डेटॉल से धुलने के प्रचलन व्यक्तिगत तौर से लेकर सैलून तक में जारी थी. Dettol घर-घर में पहचाना हुआ नाम बन गया था. ये वो दौर था जब अलग-अलग कैटगरी में कई ऐसे प्रोडक्ट थे जो घर-घर तक पहुंच थे इनमें निरमा, लक्स साबुन, लाइफबॉय और फेविकॉल शामिल थे.





लेकिन 2000 की शुरुआत के साथ ही कई दूसरे ग्लैमरस आफ्टरशेव लोशन सेविंग किट का हिस्सा बनते चले गए. Dettol की वहां थोड़ी अनुपस्थिति हुई लेकिन ऐसा नहीं हुआ कि वो बाजार से गायब हो गया. एंटिसेप्टिक के तौर पर अब डेटॉल भारतीय जनमानस की पहली पसंद है. यही वजह की जब कोरोना के दौर में सैनिटाइटर की माग बढ़ी तो सबसे पहले डेटॉल के प्रोडक्ट ऑनलाइन और सामान्य स्टोर से गायब होना शुरू गो गए.


सेकंड वर्ल्डवार में हुआ था इस्तेमाल
Dettol की वेबसाइट खुद अपने इतिहास के बारे में बताती है कि इसका इस्तेमाल बीते 80 वर्षों से किया जा रहा है. भारत में इसकी शुरुआत 1933 में हुई थी. इसके बाद बीते कई दशकों से ये भारत में आम लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बना हुआ है.

206 साल पहले हुई थी शुरुआत
ये एक ब्रिटिश ब्रांड है जिसकी मालिक कंपनी का नाम Reckitt Benckiser है. इस कंपनी की शुरुआत करीब 200 साल पहले 1814 में हुई थी. कई मर्जर और विस्तार के बाद अब ये कंपनी अपने प्रोडक्ट दुनिया के 200 देशों में बेचती है. कंपनी विशेष तौर पर Cleaning products, health care products और Nutrition प्रोडक्ट्स बनाती है.

डेटॉल एंटिसेप्टिक में chloroxylenol होता है जो सर्जिकल इन्फेक्शन और स्किन इन्फेक्शन को रोकने में कारगर होता है. इसके अलावा Dettol Antibacterial Surface Cleanse में benzalkonium chloride होता है जो मूलरूप से घर में साफ-सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

कोरोना महामारी फैलने के बाद उड़ी थी अफवाह
कोरोना महामारी फैलने के बाद डेटॉल को लेकर एक अफवाह भी सोशल मीडिया पर खूब उड़ी थी. दरअसल फेक सोशल मीडिया संदेशों में ये दावा किया गया था कि डेटॉल एंटिसेप्टिक कोरोना को रोकने में कारगर है. हालांकि बाद में इसका खंडन मीडिया में हुई कई फैक्टचेक स्टोरीज के जरिए किया गया.

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