हमारे बीच रहते हैं एलियंस लेकिन नजर नहीं आते-वैज्ञानिक का दावा

ऑक्सफोर्ड के एक जाने माने कोरियाई साइंटिस्ट ने ये दावा करके पूरी दुनिया को चौंका दिया है. उसका ये भी कहना है कि समय आने में एलियंस मानवों के साथ इंटरब्रीडिंग कर नई प्रजाति भी पैदा करेंगे.

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: May 6, 2019, 1:41 PM IST
Sanjay Srivastava
Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: May 6, 2019, 1:41 PM IST
एलियंस हमारे बीच अदृश्य तौर पर मौजूद हैं. उनकी नजर लगातार हम सभी पर है. भविष्य में वो समय भी आएगा जब ये एलियंस मानवों से इंटरब्रीडिंग कर सकते हैं, जिससे नई सुपरह्यूमन प्रजाति सामने आएगी. पढ़ने में ये बात बेतुकी और बेसिर-पैर की लग रही होगी, लेकिन इसे कहने वाला ऑक्सफोर्ड का जाना-माना वैज्ञानिक है.

उसने अपनी नई किताब में ये दावा करके वैज्ञानिक जगत में तहलका मचा दिया है. उनकी पूरी किताब ही इस बात पर आधारित है कि किस तरह एलियंस पृथ्वी पर हम सबके बीच ही मौजूद हैं.



आने वाले समय में जब क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग से पृथ्वी के खत्म होने का संकट सामने आएगा, तब एलियंस के जरिए इंटरब्रीडिंग से उत्पन्न प्रजाति इस दुनिया को बचाएगी.

ऑक्सफोर्ड के एक वैज्ञानिक की रिसर्च 

किताब लिखने वाले शख्स का नाम है डॉक्टर यांग हे चेई. डॉक्टर चेई ऑक्सफोर्ड और उससे परे वैज्ञानिक जगत में जाना-माना नाम हैं. डॉक्टर यंग ऑक्सफोर्ड ओरिएंटल इंस्टीट्यूट में प्रोफेसर हैं. वो वैज्ञानिक लेक्चर्स के जरिए अपनी बात कहते रहे हैं. पिछले कई सालों से वो ये बात कह रहे हैं. लेकिन अब उन्होंने अपने दृष्टिकोण को पुख्ता करने के लिए एक किताब लिखी है, जो खासी चर्चाओं में है.

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एलियंस पृथ्वी पर हैं मौजूद
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अप्रैल 2018 में डॉक्टर चेई ने इस पर ऑक्सफोर्ड में एक डिबेट बुलाई. उनकी ये किताब कोरियाई भाषा में है, लेकिन इसके कुछ अंशों का अनुवाद हुआ है. उनका ये कहना है कि पृथ्वी और यहां पर मौजूद मानव प्रजाति संकट में है.

ऑक्सफोर्ड के एक साइंटिस्ट ने ये भी कहा कि एलियंस समय आने पर पृथ्वीवासियों के साथ इंटरब्रीडिंग करके नई प्रजाति को जन्म भी दे सकते हैं


एलियंस हम पर लगातार नजर रखे हुए हैं. वो नहीं चाहते कि पृथ्वी और इस पर मौजूद प्रजातियों का विध्वंस हो, लिहाजा यहां पर वो मानवों के साथ इंटरब्रीडिंग से नई हाईब्रीड प्रजातियां पैदा करेंगे. ये प्रजातियां पृथ्वी पर रहेंगी. हालांकि ये अदृश्य होंगी और अपना काम करती रहेंगी.

एलियंस हमसे अधिक चालाक 
कुछ ऐसी ही बात मार्च में पेरिस में हुई वैज्ञानिकों की एक मीटिंग में भी दोहराई गई. एमईटीआई इंटरनेशनल मीटिंग में कुछ वैज्ञानिकों ने कहा कि एलियंस हमसे कहीं अधिक चालाक हैं. वो जानबूझकर खुद को इंसानों से दूर रखना चाहते हैं, उन्हें शायद लगता है कि सच्चाई जानने के बाद इंसानों का उनके जीवन में दखल बढ़ जाएगा.

इंसानों की हर गतिविधि पर है नजर 
कुछ वैज्ञानिकों ने कहा कि जिस तरह पृथ्वी के वायुमंडल में लगातार यूएफओ देखे जाते हैं, उसका मतलब ये भी है कि हमें खोजने के बाद एलियंस इंसानों की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं. शायद वो भी पृथ्वी में कोई उथल पुथल नहीं करना चाहते.

पेरिस में कुछ समय पहले हुए वैज्ञानिकों की एक मीटिंग में माना गया कि एलियंस हमसे कहीं ज्यादा चालाक हैं, उनकी नजर लगातार हम पर है


दरअसल 1950 के बाद से ही पेरिस में हर दूसरे साल मैसेजिंग एक्स्ट्रा टेरेस्ट्रियल इंटेलिजेंस की मीटिंग होती है, जिसमें इस बारे में शोध कर रहे वैज्ञानिकों का जमावड़ा लगता है.

तब एलियंस करेंगे प्रोजेक्ट की शुरुआत
डॉक्टर चेई अपनी किताब में कहते हैं कि एलियंस जिस समय पृथ्वी पर पहुंचे हैं और हम सबके बीच अदृश्य होकर मौजूद हैं, उस समय से पृथ्वी क्लाइमेट चेंज, न्यूक्लियर हथियारों और अन्य बड़ी दिक्कतों से गुजर रही है. वो ये भी कहते हैं कि हो सकता है कि जब पृथ्वी से मानव सभ्यता खत्म होने की कगार पर हो तब एलियंस यहां अपने हाईब्रीड प्रोजेक्ट की शुरुआत करें.

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किताब में ये तर्क भी दिया गया है कि अगर हम अभी क्लाइमेट चेंज पर काम करना शुरू करते हैं तो ना केवल खुद को बचा सकते हैं बल्कि एलियंस को गलत भी साबित कर सकते हैं.

चार तरह के होते हैं एलियंस 
डॉक्टर चेई मानते हैं कि चार तरह के एलियंस हैं-छोटे कद के और लंबे, पतले और सांप जैसी आंखों वाले तथा कीड़े-मकोड़ों सरीखे एलियंस. उनका कहना है कि उच्चता क्रम में कीड़े सरीखे एलियंस सबसे ऊपर होते हैं, जो अपनी निचली रैंक को आर्डर देते हैं. उनका ये भी मानना है कि सभी एलियंस हाइब्रीड प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं.

डॉक्टर चेई के अनुसार एलियंस चार तरह के होते हैं


लगातार देखे जाते रहे हैं यूएफओ
पिछले कई दशकों से पृथ्वी के वायुमंडल में उड़ती हुई अजीबोगरीब उड़नतश्तरी नुमा चीजें देखी जाती रही हैं. वाशिंगटन टाइम्स ने इस बारे में हाल ही में एक रिपोर्ट प्रकाशित की. जिसमें कहा गया कि कई बार मिलिट्री के खासे अनुभवी और प्रशिक्षित पायलट्स ने ऐसी तेजी से उड़ती हुई गोलाकार चीजों को देखने का दावा किया है, जिन्हें कतई हल्के में नहीं लिया जा सकता. सबने इसके बारे में अलग-अलग तरीके से बताया, कुछ ने इसे घूमता हुआ कहा. कुछ ने कहा कि उन्होंने कुछ सफेद चीज देखी है.

क्या संपर्क होगा?
वैज्ञानिक अब कहने लगे हैं कि अगले एक डेढ़ दो दशकों में एलियन से पृथ्वीवासियों का या तो संपर्क हो पाएगा या उनसे मिलना संभव हो जाएगा. इंसान बरसों से एलियन की तलाश कर रहा है. कभी उसकी तलाश के लिए दूरबीन की मदद ली जाती है, तो कभी अंतरिक्ष में दूरबीन और यान भेजकर उसे तलाशा जाता रहा है. बहुत दिनों से धरती से रेडियो तरंगें भी भेजी जा रही हैं.

पिछले कई दशकों से पृथ्वी के वायुमंडल में यूएफओ देखे जाने का दावा किया जाता रहा है


कहां से आते हैं एलियंस?
नासा और दूसरी बड़ी स्पेस एजेंसियों का मानना है कि मंगल पर पहले जीवन था. उनका ये भी कहना है कि हमारे इसी सौरमंडल से ही आते हैं एलियंस. नासा के ग्रह विज्ञान विभाग का कहना है कि सौर मंडल में चार जगहों पर संभावित जीवन हो सकता है. उनका तयशुदा तरीके से मानना है कि मंगल पर पहले जरूर जीवन रहा होगा. इसके अलावा तीन उपग्रहों टाइटन, यूरोपा और एनसेलडस पर जीवन की संभावना है.

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