अपना शहर चुनें

States

ईरान के परमाणु वैज्ञानिक की हत्या में क्या इजरायली किलिंग मशीन Mossad का हाथ है?

ईरान के परमाणु हथियार बनाने पर इजरायल को खतरा हो सकता है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)
ईरान के परमाणु हथियार बनाने पर इजरायल को खतरा हो सकता है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)

ईरान के परमाणु हथियार (nuclear weapon Iran) बनाने पर इजरायल (Israel) को खतरा हो सकता है. यही वजह है कि वो उसके परमाणु कार्यक्रमों में अड़ंगा डालता रहा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 28, 2020, 11:37 AM IST
  • Share this:
ईरान (Iran) के टॉप परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह (Mohsen Fakhrizadeh) की शुक्रवार को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. हत्या के पीछे इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ माना जा रहा है, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम के आगे बढ़ने से परेशान था. वैज्ञानिक की हत्या एक तरह से इजरायल की ईरान को चेतावनी है. वैसे अगर मोसाद का इस हत्या में हाथ है, तो ऐसा पहली बार नहीं.

सबसे पहले तो जानते हैं, ईरान के 'परमाणु बम कार्यक्रम के जनक' कहे जाने वाले शीर्ष वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह के बारे में. शुक्रवार को राजधानी तेहरान से बाहर अब्सार्द शहर में अपनी कार में जाते मोहसिन पर गोलियों की बौछार कर दी गई, जिससे कार तक गोलियों से छलनी हो गई. कहना न होगा कि घटना स्थल पर ही वैज्ञानिक की मौत हो गई, जिसकी पुष्टि अस्पताल में हुई. मोहसिन लंबे समय से अपने देश को परमाणु शक्ति संपन्न करने की कोशिशों में लगे थे.

iran scientist
ईरान के टॉप परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फखरीजादेह की शुक्रवार को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई




उन्होंने इस दिशा में अहम कामयाबी भी पाई थी और अमाद नाम से परमाणु हथियार बना लिया था, जिसका अर्थ है उम्मीद. बाद में अमेरिकी दबाव के कारण ये प्रोग्राम रोक दिया गया था. इजरायल भी लगातार दबाव बनाए हुए था कि ईरान किसी तरह से भी परमाणु हथियार न बना सके. हालांकि हाल ही में इस वैज्ञानिक ने नए सिरे से काम शुरू करवाया था और सफल भी हो रहे थे.
ये भी पढ़ें: चीन ने लॉन्च किया दुनिया का पहला 6जी सैटेलाइट, हो सकती है बड़ी उलटफेर

ईरानी मीडिया में गोलियों से छलनी कार का वीडियो वायरल हो रहा है. साथ ही साथ बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कार रोककर गोलियों की बरसात की और भाग निकले. हमले में मोहसिन के अलावा और भी तीन लोग मारे गए. फिलहाल इजरायल ने इस घटना पर कोई कमेंट नहीं की है लेकिन ईरानी मीडिया लगातार कह रहा है कि घटना के पीछे मोसाद का ही हाथ है. न्यूयॉर्क टाइम्स में भी इस हवाले से खबर आई है, जिसमें मोसाद का जिक्र है.

iran scientist
ईरानी मीडिया में गोलियों से छलनी कार की फोटो वायरल हो रही है


बता दें कि दुनिया की सबसे ताकतवर और क्रूर मानी जाने वाली ये एजेंसी पहले भी ऐसे कई कारनामे कर चुकी है. जनवरी, 2010 में भी एक परमाणु वैज्ञानिक मसूद अली मुहम्मदी की रिमोट बम से हत्या कर दी गई थी. अगले दो सालों के भीतर तीन और परमाणु वैज्ञानिक एक के बाद एक मारे गए. इस पूरे दौरान ईरान मोसाद और अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन पर आरोप लगाता रहा.

ये भी पढ़ें: क्यों इस नेपाली नेता को China से जान का खतरा महसूस हो रहा है?  

मोसाद अपने खतरनाक ऑपरेशन्स की वजह से दुनिया की सबसे तेज इंटेलिजेंस भी कही जाती है. इसका मुख्यालय तेल अवीव शहर में है. दिसंबर 1949 को बनी ये एजेंसी देश की नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी है. इसके एजेंट इतने तेज होते हैं कि दुनिया के किसी भी कोने से अपने दुश्मन को खोज निकालते और उसे खत्म करके ही दम लेते हैं. इसके लिए उनकी खास ट्रेनिंग होती है.

ये भी पढ़ें: वो कौन-सा नया एशियाई देश है जो चीन के कर्ज के जाल में फंस गया?   

वे हर तरह के हथियार चलाने में ट्रेंड होते हैं. दुनिया के अत्याधुनिक से लेकर ट्रेडिशनल चीजों तक के इस्तेमाल से वे दुश्मन का सफाया कर देते हैं. मोसाद के लिए काम करने वाले एजेंट को पहले ही बता दिया जाता है कि अगर वो पकड़े गए तो इजरायल उन्हें न तो पहचानेगा, न अपनाएगा. उन्हें बरसों तक परिवार से दूर रहना हो सकता है. हालांकि अगर ऑपरेशन में एजेंट मारा जाए तो देश उसे पूरा सम्मान देता है.

israel
मोसाद अपने खतरनाक ऑपरेशन्स की वजह से दुनिया की सबसे तेज इंटेलिजेंस भी कही जाती है- सांकेतिक फोटो


सिर्फ हथियार ही नहीं, मोसाद के एजेंट्स को मनोवैज्ञानिक लड़ाई में भी महारत है. वहां साइकोलॉजिकल वारफेयर का पूरा एक विभाग है, जो पक्का करता है कि दुनिया के किस नेता की कौन सी सीक्रेट बात लीक की जाए, जो उनके फेवर में जाए. मोसाद ने ही अमेरिका के पूर्व प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन और मोनिका लेविंस्की की बात को रिकॉर्ड कर लिया था. बाद में इसी वजह से पूरे अमेरिका में बदहवासी फैल गई थी.

ये भी पढ़ें: कितने खतरनाक होते हैं वॉटर कैनन, जो पुलिस प्रदर्शनकारियों पर इस्तेमाल करती है  

वैसे तो कई ऑपरेशनों के लिए मोसाद का जिक्र होता है लेकिन ऑपरेशन एंटेबे को खासतौर पर याद किया जाता है. साल 1976 में युगांडा के हवाईअड्डे पर घुसकर मोसाद ने आतंकियों को मार गिराया था ताकि वो अपहरकर्ताओं की कैद में फंसे 54 नागरिकों को सेफ निकाल सके. इसके लिए उसने कई सारे प्रोटोकॉल तोड़े थे. ये ऑपरेशन बाद में अपने नागरिकों को बचाने के लिए हुए सबसे अहम ऑपरेशनों में शामिल किया गया.

इसी तरह से साल 1972 में मोसाद ने अपने 11 खिलाड़ियों की हत्या का बदला लिया. दो आतंकी संगठनों ने मिलकर इजरायल के खिलाड़ियों की हत्या की थी. इसके तुरंत बाद बदले की मुहिम शुरू हुई जो अगले कई सालों तक चली. हरेक आतंकी को दुनिया के हर कोने से निकालकर मारा गया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज