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दुबई के देह व्यापार में क्यों बढ़ रही है ईरानी महिलाओं की संख्या

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Updated: January 23, 2020, 1:02 PM IST
दुबई के देह व्यापार में क्यों बढ़ रही है ईरानी महिलाओं की संख्या
आम तौर पर ईरान में धार्मिक पाबंदियों के कारण लड़किया शादी तक 'वर्जिन' रहने का तकनीकी तौर पर पालन करती हैं.

2016 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक दुबई में वेश्यावृत्ति (Prostitution) के धंधे में ईरानी महिलाओं (Irani Women) की संख्या तेजी से बढ़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक कुर्दिश इलाके सुलेमेनिया में सेक्स ट्रैफिकिंग (Sex Trafficking) और प्रताड़ना (Torture) की वजह से कई महिलाओं और लड़कियों की मौत भी हो चुकी है. इस इलाके में चल रहे वेश्यालयों में ईरानी लड़कियों की ही सप्लाई होती है.

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  • Last Updated: January 23, 2020, 1:02 PM IST
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1979 की इस्लामिक क्रांति (Islamic Revolution) ने ईरान को अमेरिकी प्रभाव और राजशाही के कब्जे से तो मुक्त कर दिया लेकिन उसके बाद देश में धार्मिक जड़ता ने अपनी जड़ें तेजी के साथ जमाईं. इस धार्मिक जड़ता का सबसे तेज और सीधा असर वहां की महिलाओं पर पड़ा. शाह के समय में पश्चिमी परिधानों में नजर आने वाली महिलाएं और लड़कियों पर सीधे धार्मिक प्रतिबंध लगाए गए.

इन धार्मिक प्रतिबंधों की वजह से धीरे-धीरे महिलाओं की स्थितियां खराब हुई हैं. प्रतिबंधों का असर और  बुरा हुआ. ऊपरी तौर पर सख्त नियमों के तले वो सब कुछ चल रहा है जो धार्मिक नियमों में वर्जित है.

ब्रिटिश पत्रकार रमिता नवई (Ramita Navai) ने अपनी किताब में लिखा है-इस्लामिक ईरान की जिंदगी में पोर्न और वेश्यावृत्ति (Prostitution) सबसे कॉमन चीजों में से हैं. रमिता नवई लिखती हैं कि दिलचस्प बात ये है कि महिलाओं को शादी से बाहर संबंध बनाने के लिए 100 कोड़े की सजा दी जाती है और अगर एडल्टरी में पकड़ी गईं तो फिर मौत की सजा पक्की है. रमिता की इस किताब का नाम है-City of Lies. इस किताब में उन्होंने ईरानी लड़कियों की सेक्सुअल फ्रीडम सहित अन्य मुद्दों पर बेहद तफसील से लिखा है.

रमिता नवई लिखती हैं कि आम तौर पर ईरान में धार्मिक पाबंदियों के कारण लड़किया शादी तक 'वर्जिन' रहने के नियम का 'तकनीकी तौर' पर पालन करती हैं. सामान्य तौर पर किशोरावस्था में लड़कियों के संबंध अपने नजदीकी रिश्तेदारों के साथ बनते हैं और इस दौरान भी खयाल रखा जाता है की लड़की  की वर्जिनिटी भंग न हो. लड़कियां इसके लिए अप्राकृतिक सेक्स का रास्ता अपनाती हैं. रमिता नवई ईरान में लड़कियों के बीच पनपे इस सिस्टम को तंज भरे लहजे में बताती हैं.

ब्रिटिश पत्रकार रमिता नवई ईरान की ही रहने वाली हैं. इस्लामिक क्रांति के समय वो 6 साल की थीं और उसी समय उनका परिवार ईरान छोड़कर लंदन शिफ्ट हो गया था.
ब्रिटिश पत्रकार रमिता नवई ईरान की ही रहने वाली हैं. इस्लामिक क्रांति के समय वो 6 साल की थीं और उसी समय उनका परिवार ईरान छोड़कर लंदन शिफ्ट हो गया था.


लड़कियों पर वर्जिनिटी को लेकर भारी दबाव किस कदर है इसको ईरान में प्रचलित एक प्रक्रिया से समझा जा सकता है. ईरान में La-paee sex (between the legs) युवाओं के बीच आम प्रचलन में है. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये तरीका सिर्फ शारीरिक सुख के लिए नहीं बल्कि वर्जिनिटी बनाए रखने के लिए किया गया है. ईरान में एडल्टरी और सामाजिक खुलेपन के उलट वेश्यावृति और महिलाओं की तस्करी का धंधा खूब फल-फूल रहा है.

वेश्यावृत्ति और सेक्स ट्रैफिकिंग की जड़ेंसाल 2008 में ईरान के जनरल रजा ज़ारई (तेहरान पुलिस) अपने घर में कई वेश्याएं रखने के कारण पकड़े गए थे. उन्होंने वेश्याओं का हरम बना रखा था. तब ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदेनीजाद को इसे लेकर काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी. ज़ारई पर आरोप लगे थे कि उन्होंने अपने ओहदे का फायदा उठाकर वेश्यावृत्ति के धंधे को फलने-फूलने में मदद पहुंचाई. हालांकि ईरान में वेश्यावृत्ति पर बैन है लेकिन तात्कालिक शादी या निकाह मुताह के जरिए शॉर्ट टर्म रिलेशन की छूट है.

हालांकि इस धार्मिक प्रक्रिया पर भी कई बार सवाल उठाए गए हैं. आरोप लगते हैं ईरानी पुरुष इस धार्मिक नियम का इस्तेमाल सिर्फ अपने शारीरिक आनंद के लिए करते हैं. कई बार ईरानी महिलाओं की तरफ से इस नियम के खिलाफ आवाज भी उठाई गई है. ईरान में स्थानीय लोगों की तरफ से भी आवाज उठाई गई है कि इस नियम का इस्तेमाल ईरान में वेश्यावृत्ति को बढ़ाने के लिए हो रहा है क्योंकि इसे धार्मिक संरक्षण हासिल है.

साल 2016 के एक आकंड़े के मुताबिक ईरान में 10 हजार सेक्स वर्कर मौजूद हैं. हालांकि अलग-अलग आंकड़ों के मुताबिक इनकी संख्या 80 हजार तक है. ईरान को सेक्स ट्रैफिकिंग का बड़ा केंद्र भी माना जाता है. महिलाओं और बच्चों की ट्रैफिकिंग के मामले में ईरान सोर्स देश के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. जानकारी के मुताबिक इन कामों में बड़े स्तर पर ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप शामिल हैं. 13 से 17 साल के बीच की लड़कियों को दूसरे देश में बेचने के लिए तस्करी की जाती है. छोटी बच्चियों को तब तक घरेलू कामों में लगाए रखा जाता है जब तक कि तस्करों को भरोसा न हो जाए कि वो सेक्स के काबिल हो चुकी हैं.

ईरान में हिजाब को लेकर पिछले साल में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ था. महिलाओं ने अनिवार्य हिजाब के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में कई महिलाओं को सरकार ने गिरफ्तार भी किया था जिसकी पश्चिमी मीडिया में तारीफ हुई थी.
ईरान में हिजाब को लेकर पिछले साल जबरदस्त प्रदर्शन हुआ था. महिलाओं ने अनिवार्य हिजाब के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन में कई महिलाओं को सरकार ने गिरफ्तार भी करवाया था जिसकी पश्चिमी मीडिया में आलोचना हुई थी.


2016 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक दुबई में वेश्यावृत्ति के धंधे में ईरानी महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक कुर्दिश इलाके सुलेमेनिया में सेक्स ट्रैफिकिंग और प्रताड़ना की वजह से कई महिलाओं और लड़कियों की मौत भी हो चुकी है. इस इलाके में चल रहे वेश्यालयों में ईरानी लड़कियों की ही सप्लाई होती है.

कुर्दिशस्तान रिजनल गवर्नमेंट के कई अधिकारियों पर वेश्यालय से जुड़े होने के आरोप लगे हैं. साल 2007 में अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने ईरान को ट्रैफिकिंग के मामले में टियर 2 देशों की श्रेणी में रखा था. इसके बाद साल 2010 में हिलेरी क्लिंटन ने ईरान की रेटिंग और खराब करते हुए उसे टियर 3 रेटिंग दी थी क्योंकि उनका मानना था कि देश ने ट्रैफिकिंग जैसी गंभीर समस्या को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया.
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First published: January 22, 2020, 11:41 AM IST
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