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40 साल पहले एक उपन्यास ने की थी चीन में कोराना वायरस की भविष्यवाणी

News18Hindi
Updated: February 18, 2020, 12:18 PM IST
40 साल पहले एक उपन्यास ने की थी चीन में कोराना वायरस की भविष्यवाणी
कोराना वायरस को लेकर एक फिक्शन नॉवेल वायरल हो रही है, इसमें 40 साल पहले इसकी भविष्यवाणी को लेकर दावा किया गया है

1981 में अमेरिकी उपन्यासकार डीन कोन्ट्ज (Dean Koontz) ने The Eyes of Darkness नाम की सस्पेंस-थ्रिलर उपन्यास लिखा था. इस काल्पनिक उपन्यास में कोरोना वायरस (Coronavirus) की तरह की एक महामारी का जिक्र है.

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चीन (China) में कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर जारी है. इस वायरस की चपेट में आकर मरने वालों का आंकड़ा 1800 के पार कर गया है. हालांकि अब दावा किया जा रहा है कि बीमारी के फैलने में कमी आई है. इससे संक्रमित नए मरीजों में बीमारी के हल्के लक्षण हैं.

इस बीच कोरोना वायरस को लेकर एक दिलचस्प जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि चीन में फैले कोरोना वायरस को लेकर 40 साल पहले ही एक उपन्यास में बता दिया गया था. दुनियाभर में सोशल मीडिया पर इस जानकारी को लेकर फिक्शन नॉवेल वायरल हो रहा है. 1981 में लिखे इस नॉवेल में कोरोना वायरस जैसी महामारी के बारे में बताया गया है.  अब सोशल मीडिया में लोग इस नॉवेल और उसके उन पन्नों को शेयर कर रहे हैं, जहां पर करोना वायरस का जिक्र मिलता है.

40 साल पहले उपन्यास में क्या हुई थी भविष्यवाणी
1981 में अमेरिकी उपन्यासकार डीन कोन्ट्ज ने The Eyes of Darkness नाम की सस्पेंस-थ्रिलर उपन्यास लिखा था. इस काल्पनिक सस्पेंस-थ्रिलर उपन्यास में कोरोना वायरस की तरह की एक महामारी का जिक्र है. सोशल मीडिया पर लोग इस नॉवेल के उस पेज को शेयर कर रहे हैं, जिसमें करोना वायरस की तरह के महामारी का जिक्र है. इस उपन्यास में कोरोना वायरस की तरह की महामारी को वुहान-400 नाम दिया गया है. उपन्यास में लिखा गया है कि वुहान-400 के पास इतनी ताकत है कि वो मानव जाति को खत्म कर दे. नॉवेल में इसे चीन द्वारा बनाया जैविक हथियार बताया गया है.



सोशल मीडिया पर इस दिलचस्प जानकारी को शेयर किया जा रहा है. अमेरिकी उपन्यासकार डीन कोन्ट्ज के नॉवेल और उसमें दी गई जानकारी को कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है. मनीष तिवारी ने नॉवेल के पन्नों को शेयर करते हुए लिखा है- ‘क्या कोरोना वायरस चीन द्वारा निर्मित एक बायोलॉजिकल वीपन (जैविक हथियार) है, जिसे वुहान-400 नाम दिया गया था. ये किताब 1981 में प्रकाशित हुई थी. इसके अंश को पढ़कर देखें.’



मनीष तिवारी ने जिस पन्ने को हाई लाइट किया है, उस पर लिखा है- वे इसे वुहान-400 कहते हैं. क्योंकि इसे जिस लैब में विकसित किया गया है, वो वुहान शहर के बाहर स्थित है. उस सेंटर में मैन मेड माइक्रो ऑर्गेनिज्म बनाए जाते थे.

नॉवेल में क्या लिखा है कोरोनो वायरस को लेकर
डीन कोन्ट्ज ने फिक्शन नॉवेल लिखा है. लेकिन उसमें वुहान-400 की जो जानकारी दी गई है, वो कोरोना वायरस से मिलती जुलती है. इसलिए इसे सोशल मीडिया में खूब शेयर किया जा रहा है. किताब में लिखा गया है कि किस प्रकार चीन की मिलिट्री ने लैब में एक बायोलॉजिकल वीपन तैयार करता है, जो पूरी मानवजाति को खत्म करने की ताकत रखता है.

नॉवेल के चैप्टर 39 में कोन्ट्ज लिखते हैं कि वो लेबोरेट्ररी वुहान में स्थित है. उसी लैब में वुहान-400 नाम का जैविक हथियार बनाया जाता है.

किताब के एक अंश में चीनी वैज्ञानिक ली चेन का जिक्र मिलता है. किताब में लिखा गया है कि- चीन का ये वैज्ञानिक अमेरिका के लिए खतरनाक है. इसके पास चीन की सबसे खतरनाक और नया बायोलॉजिकल वीपन है, जिसे दशकों में बनाया गया है.

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कोरोना वायरस की वजह से चीन में 1800 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं


वुहान-400 को बताया गया है परफेक्ट जैविक हथियार
नॉवेल में लिखा गया है कि वुहान-400 एक परफेक्ट हथियार है. क्योंकि ये सिर्फ मनुष्यों को शिकार बनाता है, बाकि जीव जंतुओं पर इसका कुछ असर नहीं होता.

उपन्यास में लिखा गया है कि चीन वुहान-400 का इस्तेमाल करके पूरे शहर और देश को खत्म करने की क्षमता रखता है. इस हथियार के इस्तेमाल करके चीन दूसरे इलाकों पर अपना अधिकार कर सकता है.
उपन्यास के इन्हीं अंशों की वजह से दुनियाभर के सोशल मीडिया यूजर्स इसे कोराना वायरस की तरह का बता रहे हैं.

कई मीडिया रिपोर्ट्स भी इस तरह की आ चुकी है, जिसमें दावा किया गया है कि कोराना वायरस चीन द्वारा बनाया गया जैविक हथियार ही है, लेकिन गलती से वो अपने ही बनाए जैविक हथियार की चपेट में आ गया है. हालांकि ऐसी रिपोर्ट में किसी पुख्ता सबूत का हवाला नहीं दिया गया है. इंटरनेट पर इस तरह की कई रिपोर्ट्स मिल जाती है.
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First published: February 18, 2020, 12:17 PM IST
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