क्या चीन बनाने वाला है पाकिस्तान को गुलाम?

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Updated: October 6, 2018, 11:05 AM IST
क्या चीन बनाने वाला है पाकिस्तान को गुलाम?
चीन ने पाकिस्तान के अंदर अपना एक शहर बनाने की योजना बना ली है. इस शहर में 5 लाख चीन के नागरिक रहेंगे.

चीन ने पाकिस्तान के अंदर अपना एक शहर बनाने की योजना बना ली है. इस शहर में 5 लाख चीन के नागरिक रहेंगे.

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चीन इस वक्त दुनिया में खुद की ताकत बढ़ाने में जुटा है. उसकी पूरी कोशिश है कि वह एशिया के देशों को अपने पीछे लाकर उनका नेता बन सके और इस ताकत की बदौलत दुनिया में अपना दबदबा कायम कर सके. ऐसे में ओबीओआर (OBOR ) चीन का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है. यह प्रोजेक्ट चीन का उस जमीनी और समुद्री रास्ते को फिर से जिंदा करने की चाहत थी जिसके जरिए मध्ययुग तक चीन का यूरोप और अफ्रीका से व्यापार होता था. चीन के इसी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है, चाइना-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPC).

नई खबर के मुताबिक चीन इसी क्रम में पाकिस्तान के ग्वादर में अलग शहर ही बसाने जा रहा है. इस शहर में पांच लाख लोग रहेंगे. सभी चीनी नागरिक होंगे. करीब 15 करोड़ डॉलर की लागत से ये शहर बनाए जाने की खबरे हैं. जानकारों का कहना है कि ये बात सुनकर ऐसा लगता है जैसे चीन नए जमाने का साम्राज्यवादी देश बनने वाला है.

पहली बार नहीं होगा ऐसा
इससे पहले चीन अपने नागरिकों के लिए अफ्रीका और मध्य एशिया में ऐसे ही उपनगर आदि बना चुका है. चीनी सरकार पर यह आरोप भी लगे हैं कि वह पूर्वी रूस और उत्तरी म्यांमार में भी जमीनें खरीद रहा है. इन ख़बरों के बाद से इन इलाके के स्थानीय लोगों में भी गुस्सा बढ़ रहा है.

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार, साल 2022 तक तैयार होने वाले इस शहर में करीब 5 लाख चीनी नागरिकों को बसाने के लिए मकान बनाए जाएंगे. असल में CPEC के तहत पाकिस्तानी बंदरगाह ग्वादर में चीन कई वित्तीय जिले बनाने की योजना बना रहा है. इन जिलों में काम काम करने वाले चीनी कामगारों के रहने के लिए ही यह शहर बसाया जाना है.

चीन लगातार पाकिस्तान पर अपना दबदबा बढ़ाता जा रहा है
चाइना-पाक इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन ने ग्वादर में 36 लाख वर्ग फुट जमीन खरीदी है. इसमें चीनी लोगों के रहने के लिए बस्तियां बनाई जाएंगी. चीन ने पाकिस्तान के पाइपलाइन, रेलवे, हाईवे, मोबाइल नेटवर्क, पावर प्लांट, औद्योगिक इलाकों में भारी निवेश किया है. ये निवेश बॉर्डर रोड इनिशिएटिव (BRI) और CPEC के तहत किए गए हैं.
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गौरतलब है कि सीपीईसी चीन के बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव (BRI) की प्रमुख परियोजना में से एक है. यह चीन के सीक्यांग प्रांत को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ेगी, जिससे चीन की पहुंच अरब सागर तक हो जाएगी. यह परियोजना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरती है, जिसकी वजह से भारत इसका विरोध करता रहा है.

2017 में बीजिंग में OBOR शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जिसमें बहुत से देशों ने हिस्सा लिया था. पर भारत ने संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का हवाला देते हुए इस शिखर सम्मेलन का बहिष्कार किया था.

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First published: October 6, 2018, 11:05 AM IST
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