इस तरह गुलाबी रंग लड़कियों का फेवरेट 'बना दिया गया'

गुलाबी रंग यानि लड़कियों का मनपसंद रंग. ऐसा हम मानकर चलते हैं लेकिन क्या सच में ऐसा है. क्या सच में लड़कियों के मन में गुलाबी रंग को लेकर खास जगह है या फिर कहीं ये किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा तो नहीं.

News18Hindi
Updated: June 18, 2018, 12:28 PM IST
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गुलाबी रंग को लड़कियों से जोड़कर देखा जाना एक आम सी बात है. लेकिन ऐसा शुरू से नहीं था. एक वक्त ऐसा था जब पिंक लड़के भी पहनते थे और नीला रंग लड़कियों पर काफी देखा जाता था. लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि रंगों को खेमे में बांट दिया गया. रैक्ड नाम की वेबसाइट में छपे एक विस्तृत लेख में गुलाबी रंग को महिलाओं से जोड़े जाने का इतिहास बताया गया.

1927 में टाइम मैगेज़ीन ने अमेरिका की 10 बड़ी दुकानों में एक सर्वे किया. पत्रिका जानना चाहती थी कि स्टोर कौन से रंगों को लड़के या लड़की से जोड़कर देखते हैं. जवाब काफी मिलेजुले से थे. बताया जाता है कि इससे पहले अमेरिका में बच्चे फिर वो लड़की हो या लड़का, सफेद रंग ज्यादा पहनते थे क्योंकि उन्हें ब्लीच करना आसान होता था. 1918 में तो कई प्रकाशित लेखों में कहा गया था कि लड़कियों को नीला रंग पहनना चाहिए क्योंकि वो बहुत नाज़ुक और शिष्ट रंग लगता है.

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लेकिन फिर 50 के दशक में पिंक ने लड़कियों के रंग होने का खिताब हासिल कर लिया. 1953 में ड्वाइट आइज़नहावर अमेरिका के राष्ट्रपति बने. जनरल आइज़नहावर की अगुवाई में द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका ने जीत हासिल की थी. राष्ट्रपति बनने से जुड़े एक समारोह के दिन जनरल की पत्नी मैमी आइज़नहावर शानदार गुलाबी रंग की गाउन पहनकर आई. मैमी को गुलाबी रंग बहुत पसंद था और उन्हें लगता था कि यह रंग उनके रूप रंग के साथ बहुत अच्छे से जाता है.

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तापसी पन्नू की फिल्म पिंक अपने विषय को लेकर काफी चर्चा में रही


फिर क्या था, व्हाइट हाउस में गुलाबी रंग ने सफेद रंग को पछाड़ दिया और उसे पिंक पैलेस भी कहा जाने लगा. अमेरिका के अख़बारों में गुलाबी रंग की धूम मच गई. मैमी के गुलाबी रंग प्रेम की चारों और चर्चा थी और जैसा कि होता आया है, यहां भी हुआ - एक लोकप्रिय शख्सियत का अनुसरण. हर किसी के लिए गुलाबी रंग की अहमियत बढ़ गई.

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कई महिलाओं ने गुलाबी रंग को अपनी छवि बनाने या बदलने के लिए भी इस्तेमाल किया. रैक्ड में छपे जेनिफर राइट के लेख के मुताबिक – हॉलीवुड की लोकप्रिय स्टार जेन मेन्सफिल्ड ने गुलाबी रंग को अपनी कोमल छवि दिखाने के लिए इस्तेमाल किया. उन्होंने अपने पालतू जानवरों के बालों से लेकर पर्दे, कार, घर की दीवार हर चीज़ का गुलाबी रंग से धो दिया.

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मायावती का मनपसंद रंग गुलाबी बताया जाता है


लिन पेरिल ने अपनी किताब 'पिंक थिंक' में पेशेवर रेस कार ड्राइवर डोना मै मिम्स का उदाहरण दिया है. डोना खुद को पिंक लेडी बुलाना पसंद करती थी. पेरिल के मुताबिक - मिम्स में यकीनन मर्दों से टक्कर लेकर जीतने का कलेजा रहा होगा लेकिन गुलाबी रंग ने आलोचकों को उनके प्रति थोड़ी नरमी बरतने और यह सोचने में मदद की कि वह दिल से तो एक लड़की ही है.

दिलचस्प बात यह भी थी कि 50 के दशक की महिलाओं को इससे आपत्ति भी नहीं थी. वजह – 1939 से लेकर 1945 तक चला विश्व युद्ध. जब पुरुष युद्ध के मैदान में लड़ रहे थे और महिलाएं फैक्ट्रियों में काम कर रही थी. जेनिफर लिखती हैं कि युद्ध खत्म होने के बाद महिलाओं को दोबारा गुलाबी रंग से लुभाकर घर का काम करने के लिए आकर्षित किया जाने लगा. यहां तक की सैनिटेरी नैपकिन भी गुलाबी रंग के बनाए गए ताकि वह कोमल महसूस कर सके. विश्व युद्ध से पहले जहां महिलाएं नीले रंग को पहनी दिखाई देती थी, उन्हीं औरतों ने अब गुलाबी रंग को अपना लिया था.

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हिलेरी क्लिंटन को भी अक्सर गुलाबी रंग के जैकेट में देखा जाता है


इसके बाद बाज़ारवाद के अभी तक चलते आ रहे सिद्धांत की तरह गुलाबी रंग ने अमेरिका से बाहर निकलकर भारत और अन्य देशों में भी इस सोच के साथ जगह बनाई. सोच जो कहती है कि गुलाबी रंग लड़कियों का मनपसंद है. दुनिया भर के देशों की लड़कियों ने उन विज्ञापनों के सच को अपना सच समझ लिया जो ज़ोर ज़ोर से गुलाबी रंग की अहमियत बताते थे और कहते थे कि गुलाबी रंग से ही आपके अंदर की कोमलता, नारी बाहर निकलकर आएगी. हिन्दी फिल्मों को ही देख लीजिए - औरतों के खिलाफ होने वाले यौन शोषण पर बनी सुपरहिट फिल्म को 'पिंक' नाम दिया गया.

बसपा नेता मायावती का पसंदीदा रंग पिंक है. उन्हें अक्सर गुलाबी रंग के परिधानों में देखा गया है. गुलाबी फूल, गुलाबी केक, गुलाबी घर, गुलाबी जूते. इतना काफी नहीं था कि 2012 में उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान चुनाव आयोग के आदेश पर मायावती की पार्टी बसपा के चुनावी चिह्न हाथी की प्रतिमाओं को गुलाबी शीट से ढक दिया गया था. महिला ऑटो रिक्शा चालकों को बढ़ावा देने के लिए पिंक ऑटो बनाए गए जिन्हें मर्द चला रहे हैं.

उधर अमेरिका की हिलेरी क्लिंटन पर भी आरोप है कि वह अक्सर गुलाबी रंग का सहारा लेकर अपनी कोमल छवि दिखाने की कोशिश करती हैं. हाल ही में पीपल मैगेज़ीन के कवर पेज पर क्लिंटन गुलाबी रंग की जैकेट में नज़र आई. पत्रिका में क्लिंटन उन रुकावटों को तोड़ने की बात कर रही थी जो औरतों को आगे बढ़ने से रोकते हैं या उन्हें एक खाके में फिट कर देते हैं. और यह सब कुछ वह गुलाबी रंग की जैकेट पहनकर करती दिखाई दी. विडंबना देखिए..
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