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कितने संप्रदायों, समुदायों और फिरकों में बंटे हैं दुनियाभर के मुसलमान?

Farha Fatima | News18Hindi
Updated: October 16, 2018, 11:40 AM IST

इस्लामिक इतिहास के आधार पर मुसलमान 'सुन्नी और शिया' दो संप्रदायों में बंटे हैं. ये दोनों सम्प्रदाय अल्लाह, उनके पैगंबर मुहम्मद (रसूल अल्लाह) और कुरान तक एकमत हैं. इनमें पैगंबर के बाद उनके वारिस पर अलग राय हैं.

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  • Last Updated: October 16, 2018, 11:40 AM IST
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इस्लाम भारत और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है. इस्लाम के अनुयायियों की तादाद  2015 में दुनिया भर में 1.8 बिलियन यानी 1.8 अरब आंकी गई थी. जो कि दुनिया की कुल जमा आबादी का 24 फीसदी था. 2011 की जनगणना के मुताबिक, भारत में इस्लाम के अनुयायियों की संख्या देश की आबादी की 14.2 फीसदी यानी 172 मिलियन (17 करोड़, 20 लाख) आंकी गई.

दुनियाभर के मुसलमान मौटे तौर पर दो समुदायों, 'सुन्नी और शिया' में तकसीम हैं. जिसमें लभगभ 80 से 90 फीसदी सुन्नी आबादी है. जिनकी संख्या लगभग 1.5 बिलियन बताई गई है.

-शिया आबादी का अनुमान 10 से 20 फीसदी तक लगाया गया है. जिनकी संख्या 170 से 340 मिलियन तक आंकी गई है.



इस्लाम मध्य एशिया में प्रमुख धर्म है. मुसलमान आबादी इंडोनेशिया, मिडिल ईस्ट के देशों में, साउथ एशिया, नॉर्थ अफ्रीका, साहेल, और एशिया के कुछ हिस्सों में भी है. एशिया-प्रशांत क्षेत्रों में मुस्लिमों की संख्या सबसे ज्यादा है. मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में मुसलमानों की तादाद में बढ़ौतरी लगातार आंकी जाती है.



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मिडिल ईस्ट के देशों में इस्राइल, सीरिया, तुर्की, ईरान, सऊदी अरब, इराक, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, लेबनान, क़तर, स्टेट ऑफ पेलेस्टाइन, जॉर्डन, यमन, बहरीन और साइप्रस शामिल हैं.

शिया आबादी की 80 फीसदी संख्या का ज्यादातर हिस्सा चार देशों में बसा है. जिसमें ईरान, अज़रबाइजान, बहरीन और इराक शामिल हैं. शिया आबादी इन देशों के अलावा अफगानिस्तान, भारत, कुवैत, लेबनान, पाकिस्तान, क़तर, सीरिया, तुर्की, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में रहते भी हैं.

सुन्नी आबादी की तादाद कुल मुसलमानों की 80% है. ये संप्रदाय मौटे तौर पर 6 समुदायों में बंटा है. शिया आबादी कुल मुसलमानों की 20% है. ये सम्प्रदाय मौटे तौर पर 3 समुदायों में बंटा है.

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सुन्नी-शिया में बेसिक फर्क
इस्लामिक इतिहास के आधार पर मुसलमान 'सुन्नी और शिया' दो संप्रदायों में बंटे हैं. ये दोनों सम्प्रदाय अल्लाह, उनके पैगंबर मुहम्मद (रसूल अल्लाह) और कुरान तक एकमत हैं. इन सम्प्रदायों में पैगंबर के बाद उनके वारिस पर अलग राय हैं. सुन्नियों का विश्वास है कि पैगंबर के बाद मुसलमानों के नेता हज़रत अबु-बकर बने. अबु-बकर के बाद हज़रत उमर, उमर के बाद हज़रत उस्मान और उस्मान के बाद हज़रत अली. सुन्नियों के मुताबिक, ये चारों लोग खलीफा कहलाए.

शिया समुदाय, सुन्नियों के मुताबिक पैगम्बर के बाद के माने गए तीनों खलीफाओं अबु-बकर, उमर और उस्मान को राजनीतिक रूप से मुसलमानों के नेता कहलाए जाने से इनकार नहीं करते, लेकिन धार्मिक रहबर के नजरिए से इन तीनों को खलीफा नहीं मानते.

शिया समुदाय पैगंबर के बाद 'खलीफा' नहीं 'इमाम' को मानता है. उनके मुताबिक, हजरत अली (रसूल अल्लाह के दामाद) रसूल के बाद दीन के रहबर बने. शियाओं का विश्वास है पहले इमाम हजरत अली थे. दूसरे अली के बड़े बेटे हसन और तीसरे अली के छोटे बेटे हुसैन. तीसरे इमाम, हुसैन के बाद भी इसी तरह कुल 12 इमाम रहे. हुसैन वही हैं, जिनकी याद में शिया समुदाय हर साल मुहर्रम के महीने में ग़म मनाता है.



सुन्नी सम्प्रदाय के 6 समुदाय

1. हनफी- (भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान)

हनफी में भी दो समुदाय हैं.
A.देवबंदी
B.बरेलवी

2. मालिकी- (मिडिल ईस्ट के देशों में)

3. शाफई- (मिडिल ईस्ट, इंडोनेशिया)

4. हंबली- (क़तर, सऊदी अरब, कुवैत)

5. अहलेहसीद/सलफी/वहाबी- (दक्षिण एशिया, मिडिल ईस्ट)

6. अहमदिया- (पाकिस्तान, भारत)

शिया सम्प्रदाय के 3 समुदाय

1. इस्ना अशअरी- (ईरान, इराक, भारत, पाकिस्तान, लेबनान)

2. इस्माइली- (ईरान, मिडिल ईस्ट, भारत, पाकिस्तान)

इस्माइली भी 4 हिस्सों में बंटे हैं.

A- फातमी
B- बोहरा
C- खोजे
D- नुसैरी

3. ज़ैदी- (यमन)

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First published: October 15, 2018, 11:04 AM IST
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