ISS प्रयोग ने बताया, कैसे 400 प्रतिशत की कारगरता से मुमकिन है अंतरिक्ष उत्खनन

ISS पर हुए प्रयोगों ने बैक्टीरिया (Bacteria) उत्खनन (Mining) में भूमिका के बारे में अहम खुलासा किया. ((प्रतीकात्मक तस्वीर: @Space_Satation)
ISS पर हुए प्रयोगों ने बैक्टीरिया (Bacteria) उत्खनन (Mining) में भूमिका के बारे में अहम खुलासा किया. ((प्रतीकात्मक तस्वीर: @Space_Satation)

ISS में बैक्टीरिया (Bacteria) पर हुए प्रयोगों से पता चला है कि अंतरिक्ष में उत्खनन (Mining) ज्यादा कारगरता से किया जा सकता है और बैक्टिरीया की भूमिका में गुरुत्व के अंतर से कोई फर्क नहीं पड़ता.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2020, 6:48 PM IST
  • Share this:
अंतरिक्ष  (Space) से खनिज (Minirals) हासिल करना आसान काम नहीं है. लेकिन जितना सोचा जा रहा है यह उतना कठिन भी नहीं हैं. इस काम को आसान बनाने के काम हमारे ग्रह के जीवों के द्वारा मुमकिन  हो  जाएगा. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में बैक्टीरिया (Bacteria) पर हुए प्रयोगों ने यह अजीब सी लगने वाली बात संभव बनाई है.

क्या बताया है प्रयोगों ने
इन प्रयोगों ने दर्शाया है कि बैक्टीरिया अंतरिक्ष में उत्खनन की कारगरता को 400 प्रतिशत तक बढ़ा सकती है. इस तकनीक से मैग्नीशियम, लोहा, और अन्य रेयर अर्थ खनिजों को आसानी से हासिल किया जा सकता है.

पृथ्वी पर भी बैक्टीरिया करते हैं ये काम
पृथ्वी पर भी बैक्टीरिया जमीन के भीतर से खनिज उत्खन में अहम भूमिका निभाते हैं. वे प्राकृतिक विखंडन और चट्टानों के टूटने कारण उनमें मौजूद खनिज अलग हो जाते हैं जिनसे उन्हें निकलना आसान हो जाता है. बैक्टीरिया की इस क्षमता, जिसकी वजह से वे धातुओं को उनकी जगह से अलग कर इंसानी उत्खनन प्रक्रियाओं में सहायक बनते हैं, बायोमाइनिंग या जैवउत्खनन कहा जाता है. जैवउत्खनन के बहुत सारे फायदे हैं. मिसालके तौर पर यह सोने के उत्खकन में सायनाइड पर निर्भरता को खत्म कम कर देती है. बैक्टीरिया संक्रमित मिट्टी को विसंक्रमित करने में भी मदद करती है.



अंतरिक्ष में उत्खनन अहम
वहीं अंतरिक्ष के वातावरण में जैसे कि क्षुद्रग्रह, चंद्रमा और यहां तक कि मंगल ग्रह तक में उत्खनन की इंसानी बसाहट में अहम भूमिका होगी.  पृथ्वी से किसी भी तरह की सामग्री ले जाना बहुत ही महंगा साबित होगा.  इसी लिए वैज्ञानिक अंतरिक्ष में बायोमाइनिंग की संभावनाओं को खंगाल रहे हैं.

Bacteria, ISS, Space Mining, Bio mining,
बैक्टीरिया (Bacteria) की उत्खनन (Mining) प्रक्रिया में अहम प्राकृतिक भूमिका होती है जिससे इंसानी प्रयास आसान हो जाते हैं.


अंतरिक्ष में सूक्ष्मजीवों हो सकते हैं अहम
यूके में यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग की एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट रोसा सांतोमार्टीनो बताती हैं, “सूक्ष्मजीव में विविध क्षमताएं होती हैं और अंतरिक्ष में विविध प्रक्रियाओं के लिए उनका उपयोग हो सकता है. इन्हीं में तत्वों का उत्खनन भी शामिल है.

जानिए कैसे नासा कैसे करता है अंतरिक्ष अभियानों में रोबोटिक तकनीक का उपयोग

क्या किया गया प्रयोग में
पिछले दस सालों में शोधखर्ताओं की टीम ने एक माचिस की डिबिया के आकार का उपकरण विकसित किया है जो बायोमाइनिंग रिएक्टर कहलाता है. इसे आसानी से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में ले जाया गया और वहां पर उसे लगाया दिया गया. इसके बाद जुलाई 2019 में इस तरह के18 रिएक्टर ISS  में पृथ्वी की निचली कक्षा के प्रयोगों के लिए पहुंचाए गए.

रिएक्टर में क्या था
हर बायोमाइनिंग रिएक्टर में एक बैक्टीरियल सॉल्यूशन था जिसमें चंद्रमा पर बहुतायत में पा जाने वाली ज्वालामुखीय चट्टान की छोटे टुकड़े डूबे हुए थे. तीन सप्ताह तक यह देखा गया कि क्या बैक्टीरिया कम गुरुत्व में भी उसी तरह का विखंडन करते हैं या नहीं.

Space, Bacteria, ISS, Space Mining
ISS पर हुए प्रयोगों ने साबित किया है कि बैक्टीरिया (Bacteria) की उत्खनन संबंधी भूमिका गुरुत्व से अप्रभावित रहती है.


तीन बैक्टीरिया पर प्रयोग
इसके अलावा टीम ने मंगल ग्रह के सिम्यूलेटेड वातावरण में यही प्रयोग करके देखा. शोधकर्ताओं ने तीन अलग बैक्टीरिया पर यह प्रयोग किया और पाया कि बैसिलस सब्टिलिस और कप्रिवआविडस मेटलिडूरन्स ने केवल थोड़े से अंतर से अपना कार्य किया, लेकिन स्फिंगोमोनस डेसिकैबिलिस ने अपने कार्य में 429.2 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन किया.

मंगल पर खेती करना कितना है मुमकिन, जानिए इस सवाल पर क्या कहता है ये शोध

नेचर कम्यूनिकेशन जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के शोधकर्ताओं ने पाया कि अलग अलग गुरूत्व की स्थितियों में अगर पर्याप्त पोषण हो तो बायोमाइनिंग पूरी तरह से मुमकिन है. यानि कि तत्वों का उत्खनन सौरमंडल में कहीं भी हो सकती है. शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि बायोमाइनिंग से भले ही पृथ्वी पर पदार्थ नहीं ला सकें, लेकिन वे अंतरिक्ष में मानवीय उपस्थिति के लिए बहुत उपयोगी हो सकती है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज