बॉटनी की गोल्डमेडलिस्ट से जामिया की पहली महिला कुलपति तक का सफर

बॉटनी गोल्ड मेडलिस्ट से देश की शीर्ष शिक्षाविद बनने का सफऱ है नजमा अख्तर का.

News18Hindi
Updated: April 13, 2019, 4:41 PM IST
बॉटनी की गोल्डमेडलिस्ट से जामिया की पहली महिला कुलपति तक का सफर
जामिया मिलिया इस्लामिया की पहली महिला कुलपति नजमा अख्तर
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Updated: April 13, 2019, 4:41 PM IST
जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के 99 सालों के इतिहास में प्रोफेसर नजमा अख्तर पहली महिला कुलपति बनी हैं. नजमा उत्तर प्रदेश के जाने माने परिवार से ताल्लुक रखती हैं. वो अपने चार दशक से ज्यादा के करियर में शिक्षा क्षेत्र के कई अहम पदों पर रही हैं.
जामिया मिलिया इस्लामिया की स्थापना 1920 में की गई थी. ये ऐसी यूनिवर्सिटी है, जिसके चांसलर पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन, इतिहासकार मुशीरुल हसन और दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग रह चुके हैं.



अलीगढ़ से बॉटनी में एमएससी की गोल्ड मेडलिस्ट नजमा ने अपना करियर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से ही शुरू किया. फिर सीढ़ी-दर-सीढ़ी चढ़ते हुए वो यहां तक पहुंचीं.

शिक्षाविद प्रो अख्तर जामिया ही नहीं दिल्ली स्थित किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति बनी हैं. ये भी एक संयोग है कि उनके पिता भी शिक्षाजगत ने काबिल प्रशासक के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी.वो अलीगढ़ स्थित जामिया उर्दू संस्थान के रजिस्ट्रार थे.

मेरठ के सरधना में रही हैं जड़ें
अलीगढ़ मुस्लिम विद्यालय के उर्दू एकेडमी के डायरेक्टर राहत अबरार बताते हैं कि नजमा का परिवार मुख्य तौर पर अलीगढ़ में ही रहा है. हालांकि परिवार की जड़ें मेरठ में सरधना के पास की हैं.

नजमा अख्तर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एक सेमीनार में

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वो बताते हैं कि नजमा के परिवार में ज्यादातर लोगों ने उच्च शिक्षा हासिल की है. उनके भाई जावेद उस्मानी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सचिव रह चुके हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार में भी चीफ सेक्रेटरी भी रहे हैं.

अलीगढ़ में पढ़ाई और फिर वहीं से किया करियर शुरू
अबरार के अनुसार, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी करने के बाद वो पहले एडल्ट एजुकेशन से जुड़ीं फिर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में डिप्टी कंट्रोलर एग्जाम बनीं. फिर पदोन्नत होकर कंट्रोलर एग्जाम. इसके बाद इलाहाबाद में स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल मैनेजमेंट एंड ट्रेनिंग (एसआईईएमएटी) चली गईं. ये देश में शैक्षिक प्रशासक तैयार करने वाला प्रदेश स्तर का पहला प्रबंधन संस्थान है.

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
पिछले 15 वर्षों से नजमा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड ए़डमिनिस्ट्रेश (एनआईईपीए) में प्रमुख थीं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकीं प्रो नजमा के नेतृत्व एनआईपीए में 130 देशों के वरिष्ठ अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक प्रशासक पाठ्यक्रम की ट्रेनिंग दी जाती थी. नजमा इसके 15 वर्षों तक सफल नेतृत्व के लिए जानी जाती हैं. कई विश्वविद्यालयों के डिस्टेंस कोर्स तैयार करने और उन्हें शुरू कराने में भी उनकी भूमिका रही है.

इसके अलावा वो इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), यूनिसेफ, यूनेस्को आदि से जुड़ी रही हैं. वो ब्रिटेन के वारविक यूनिवर्सिटी और नाटिंघम यूनिवर्सिटी में अध्ययन कर चुूकी हैं. अबरार बताते हैं कि नजमा शैक्षित जगत में मिलनसार और बेहतर व्यवहार के लिए जानी जाती रही हैं. उन्होंने अपने करियर में हर कदम पर खुद को साबित किया है.
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