क्या सालों से खाली पड़े Japan के PM आवास में आत्माएं बसती हैं?

जापान का आधिकारिक प्रधानमंत्री आवास

जापान का आधिकारिक प्रधानमंत्री आवास

टोक्यो (Tokyo) में लगभग 25हजार वर्ग किलोमीटर में फैला आधिकारिक प्रधानमंत्री आवास (official PM residence in Tokyo, Japan) बीते 10 सालों से खाली पड़ा है. कथित तौर पर यहां तीस के दशक से रहस्यमयी ताकतें बसती हैं, जो रहने वालों को नुकसान पहुंचाती हैं.

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जापान का टोक्यो स्थित प्रधानमंत्री आवास रहस्यमयी ढंग से खाली पड़ा है, जबकि इसके रखरखाव पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं. सबसे पहले साल 2012 में सोरी कोटई नाम पर ये PM आवास खाली हुआ था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो अबे में दूसरी बार सत्ता में आने के बाद वहां जाने से इनकार कर दिया. कथित तौर पर इस इमारत में रहस्यमयी ताकतों का बसेरा है.

जापानी पीएम अपने पुराने घरों में रह रहे 

प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद शायद ही कोई शख्स अपना आधिकारिक आवाज छोड़ सके, लेकिन जापान में बीते एक दशक से यही हो रहा है. वहां सोरी कोटई के बारे में कहा जाता है कि वहां रहने वालों की जान को खतरा रहता है, ऐसे में शिंजो अबे आवास से अलग रहने का फैसला करने वाले पहले पीएम बने. उन्होंने इसकी बजाए अपने घर को ही रहने के लिए चुना.

भुतहा ताकतों की अफवाह 
जापानी पीएम के इस फैसले के बाद उन बातों को हवा मिली, जिसके अनुसार सोरी कोटई में पारलौकिक ताकतें बसती हैं, जो रहने वालों को नुकसान पहुंचाती है. हालांकि अफवाहें तेजी से फैलने पर प्रधानमंत्री के प्रतिनिधियों ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि पीएम हाउस में भूतों की बसाहट के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. लेकिन इस बयान के बाद भी पीएम वहां नहीं गए. इसका जिक्र इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट में है.

sori kotei japan ghost theory
बीते दशकभर से जापान के आधिकारिक PM आवास में कोई पीएम नहीं जा रहा- सांकेतिक फोटो (pixabay)

वर्तमान पीएम भी अपने ही घर में रह रहे 



अब मौजूदा पीएम योशिहिदे सुगा ने भी आधिकारिक पीएम हाउस की बजाए रहने के लिए अपना घर चुना है. वे अब भी टोक्यो के कथित भुतहा घर में शिफ्ट नहीं हुए हैं, जबकि उन्हें पीएम पद की शपथ लिए लगभग 6 महीने हो चुके. योशिहिको नोडा आखिरी पीएम थे, जो साल 2011-12 के दौरान सोरी कोटई में रहे. वे अब विपक्ष में हैं, और लगातार नए पीएम सुगा पर आधिकारिक भवन में शिफ्ट करने को लेकर दबाव बना रहे हैं.

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विपक्ष डाल रहा पीएम हाउस में रहने का दबाव 

उन्होंने हाल में आए भूकंप का हवाला देते हुए कहा कि सुगा को अपने आवास से दफ्तर तक पहुंचने में लगभग 20 मिनट लगे, जबकि ये एक इमरजेंसी मीटिंग थी. अगर ऐसे में सुगा सोरी कोटई में ही रहते तो मीटिंग तुरंत शुरू हो सकती थी और तुरंत फैसले लिए जा सकते थे.

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सालाना 10 करोड़ से ज्यादा मेंटेनेंस पर 

एक और मुद्दा खाली पड़े पीएम हाउस की मेंटेनेंस पर लगने वाली रकम है. हर साल लगभग 1.1 मिलियन पाउंड (10 करोड़ 32 लाख) भवन की साफ-सफाई और गार्डन को सजा-संवरा रखने पर लगते हैं. इसके लिए स्टाफ को भी अतिरिक्त पैसे देने होते हैं. ऐसे में विपक्ष लगातार मौजूदा पीएम पर वहां जाकर रहने का दबाव बना रहा है.

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जापानी संस्कृति में में छोटे घर होते हैं और कम से कम सामान रखा जाता है- सांकेतिक फोटो

क्यों बीते दशकभर से शानदार पीएम हाउस खाली है?

इंडिपेंडेंट में जापानी मामलों के जानकार डॉ राजाराम पंडा के हवाले से बताया गया कि साल 2001 में तत्कालीन पीएम Junichiro Koizumi ने पीएम हाउस में कोई झाड़-फूंक करवाई थी. ये जादू इसलिए करवाया गया था कि आवास से रहस्यमयी ताकतों को भगाया जा सके.

मचता रहा था कत्लेआम 

उन पीएम के डर के पीछे सोरी कोटई का खूनी इतिहास रहा था. दरअसल साल 1932 में सैन्य तख्तापलट की कोशिश के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री Tsuyoshi Inukai को नेवी अधिकारियों के एक समूह ने गोली मार दी थी.इसके 4 सालों बाद एक बार फिर तख्तापलट की कोशिश में तत्कालीन प्रधानमंत्री Keisuke Okada के बहनोई समेत चार लोगों की हत्या कर दी गई. इसके बाद से माना जाने लगा कि आवास में रहना सुरक्षित नहीं, यहां मारे जा चुके लोगों की आत्माएं भटकती हैं. कई बार यहां कथित तौर पर सेना के लोगों के मार्च की आवाज भी सुनाई देती है.

ज्यादा बड़ा होने के कारण भवन में जाने से बच रहे पीएम 

दूसरी ओर ये भी कहा जाता है कि चूंकि ये पीएम हाउस जापान के आम घरों से काफी लंबा-चौड़ा है इसलिए यहां पीएम रहना नहीं चाहते. बता दें कि जापान में कॉम्पेक्ट घरों का चलन है, जिसमें छोटे घर होते हैं और कम से कम सामान रखा जाता है. वहीं सोरी कोटई लगभग 25 हजार वर्गमीटर में फैला है, जिसमें 6 इमारतें हैं, जिनमें से एक पीएम के आवास के तौर पर चुना गया. बाकी सारे दफ्तर और अतिविशिष्ट मेहमानों के ठहरने के लिए हैं.

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