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नक्सल प्रभावित झारखंड के इलाकों में बीजेपी को झटका, जेएमएम हुई मजबूत

News18Hindi
Updated: December 23, 2019, 4:25 PM IST
नक्सल प्रभावित झारखंड के इलाकों में बीजेपी को झटका, जेएमएम हुई मजबूत
झारखंड के कुछ इलाके नक्सल से बहुत अधिक प्रभावित हैं, हालांकि इस बार इन सभी इलाकों में वोटिंग हुई है

झारखंड के दो तिहाई से ज्यादा सीटें नक्सल प्रभावित हैं लेकिन उनमें कुछ सीटें ऐसी हैं, जिन्हें नक्सलवाद की दृष्टि से बहुत खतरनाक माना जाता है. पिछली बार इन सीटों से बीजेपी ने अपनी ताकत दिखाई थी लेकिन इस बार उसे झटका लगा है. वहीं कांग्रेस गठबंधन ने दमदार प्रदर्शन किया है

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झारखंड (Jharkhand) को देश में सबसे अधिक नक्सल प्रभावित राज्य (Naxal effected state) माना जाता है. देश में नक्सल से सबसे ज्यादा प्रभावित 30 में 13 जिले इसी राज्य में हैं लेकिन इस बार के चुनाव में इन इलाकों में बीजेपी (BJP)  को बड़ा झटका लगा है. उसे आमतौर इन इलाकों से ही असली नुकसान हुआ है.

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस (Congress) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को इस बार इन इलाकों से पांच सीटों का फायदा मिला है. झारखंड में कुल मिलाकर 81 विधानसभा सीटें हैं, जिसमें नक्सल प्रभावित इलाकों से 61 सीटें हैं. कहा जा सकता है कि झारखंड की दो तिहाई से ज्यादा सीटें नक्सल प्रभावित हैं.

इस बार इन इलाकों में बीजेपी को 16 सीटें मिलती दिख रही हैं जबकि पिछली बार के चुनावों में उसे इन्हीं इलाकों ने निर्णायक बढ़त दिलाई थी. इन जगह से उसे 25 सीटें दिलाई थीं. जिसके चलते वो राज्य में सरकार बना पाई थी. जाहिर सी बात है कि इस बार इस इलाके से बीजेपी को करीब नौ सीटें कम मिल रही हैं, जो सूबे में उसके सियासी समीकरण को बिगाड़ रही हैं.



वहीं नक्सल प्रभावित इलाकों में इस बार कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन ने कमाल किया है. अगर दोनों की सीटों को जोड़ दें तो वो यहां से इस बार 32 सीटें जीतती दीख रही हैं. इसमें कांग्रेस 10 सीटों तो झारखंड मुक्ति मोर्चा 22 सीटों पर आगे है.



पिछली बार अलग थी तस्वीर 
अगर पिछली बार इन पार्टियों के प्रदर्शन पर नजर दौड़ाएं तो पता लगेगा कि तस्वीर काफी अलग थी. 2014 के चुनाव में में हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली जेएमएम को 17 सीटें मिलीं थीं तो कांग्रेस को पांच. लिहाजा इस बार अगर ये गठबंधन सरकार बनाने जा रहा है तो उसमें बड़ी भूमिका नक्सल प्रभावित इलाकों की ही है.

झारखंड में 24 जिले हैं और 21 जिले नक्सल प्रभावित हैं. इसमें हजारीबाग, लोहरदग्गा, पलामू, चतरा, गढ़वा, रांची, गुमला, सिमडेगा, लातेहार, गिरिडीह, बोकारो, बोकारो, वेस्ट सिंहभूम, खूंटी,  सरायकेला, खरसांवा, ईस्ट सिंहभूम, धनबाद , कोडरमा और रामगढ़ शामिल हैं.

हालांकि ये वो इलाके भी हैं जहां बीजेपी ने इस बार भी चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. लेकिन उन्हें उस तरह से परिणाम नहीं मिले, जैसी उन्होंने उम्मीद की थी. इसमें कुछ ऐसे ग्रामीण इलाके हैं, जहां माओवादियों का काफी असर है, उन्होंने कई जगह गांव के गांव साफ कर दिये. हालांकि राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने दावा किया था कि पांच सालों में नक्सल गतिविधियां काफी कम हुई हैं लेकिन अब यहां काफी सुरक्षा की जरूरत होती है. हालांकि इस बार नक्सल प्रभावित इलाकों में भी पर्याप्त संख्या में पुलिस और अर्धसैन्य बलों की निगरानी में वोट पड़े हैं.

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First published: December 23, 2019, 12:43 PM IST
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