कभी असांज ने कर दिया था अमेरिका की नाक में दम, अब रेप केस में हुए गिरफ्तार

ब्रिटिश पुलिस ने विकिलीक्स फाउंडर जूलियन असांज को गिरफ्तार कर लिया है. असांज पर रेप का आरोप है.

News18Hindi
Updated: April 11, 2019, 4:51 PM IST
कभी असांज ने कर दिया था अमेरिका की नाक में दम, अब रेप केस में हुए गिरफ्तार
जूलियन असांज (फाइल फोटो)
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Updated: April 11, 2019, 4:51 PM IST
ब्रिटिश पुलिस ने विकिलीक्स फाउंडर जूलियन असांज को गिरफ्तार कर लिया है. असांज पर रेप का आरोप है. वो अपने जीवन में लगातार विवादों में फंसते रहे हैं. उनके जीवन में पहला बवंडर तब आया जब वो महज 18 साल की उम्र में ही पिता बन गए. फिर असांज हैकिंग के कानूनी पचड़ों में फंसे. 1995 में असांज अपने दोस्त के साथ हैकिंग के करीब दर्जन भर मामलों में आरोपी बने. दोषी भी ठहराए गए. भारी जुर्माने के बाद उन्हें माफी मांगने पर जेल की सजा से सशर्त पर छूट मिल गई.

असांज ने फिर बेस्ट सेलर बनकर दुनिया में फेमस हो गए. दरअसल उन्होंने इंटरनेट के विध्वंसकारी पक्ष पर शोध करने वाली अकादमिक सुलेट ड्रेफस के साथ तीन साल गुजारे. उनके साथ मिलकर एक किताब लिखी- जो बेस्टसेलर बनी. बाद में ड्रेफस ने एक इंटरव्यू में कहा, ''असांज बहुत जानकार रिसर्चर था, जो नैतिकता के सिद्धांत, न्याय के सिद्धांत और सरकार को क्या करना और नहीं करना चाहिए, के विषय में बहुत दिलचस्पी रखता था.''

लेकिन असांज को सारी दुनिया ने जाना उनकी विकिलीक्स के कारण. मेलबर्न यूनिवर्सिटी से गणित और फिजिक्स की पढ़ाई करने के दौरान उनके दिमाग में विकिलीक्स का आइडिया आया था. फिर कुछ समान विचारधारा वाले लोगों के साथ 2006 में विकिलीक्स की शुरुआत हुई.

आर्थिक हालत कमजोर होने से हिली विकिलीक्स की नींव

विकिलीक्स आदर्श पत्रकारिता का विकल्प भले कभी न बन सकी हो, लेकिन इसने खोजी पत्रकारिता के महत्व को नए सिरे से गढ़ा. 2007 नवंबर में अमेरिका की कुख्यात गुआंतनामो जेल के अमानवीय हालात के बारे में एक आधिकारिक रिपोर्ट लीक करने से लेकर अफगानिस्तान और इराक युद्ध के बर्बर हालात से जुड़े हजारों गुप्त दस्तावेजों को सार्वजनिक करने तक कई कारनामे विकिलीक्स के नाम दर्ज हैं.

विकिलीक्स के लिए मुसीबतों का दौर नवंबर 2010 में शुरू हुआ, जब साइट ने अमेरिकी कूटनीतिज्ञों के दुनियाभर के अधिकारियों के साथ हुए पत्र व्यवहार और अन्य गोपनीय दस्तावेजों का प्रकाशन किया. लोकतांत्रिक मूल्यों की दुहाई देने वाली अमेरिकी सरकार गोपनीय दस्तावेजों से हुए खुलासों से इस कदर असहज हुई कि उसने विकिलीक्स के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

सबसे पहले एक दिसंबर 2010 को अमेरिकी सीनेट कमेटी के चेयरमैन लिबरमैन के आदेश के बाद अमेजन ने विकिलीक्स को अपने सर्वर से हटा दिया. अमेरिका में ये साइट खुलना बंद हो गई. फिर विकिलीक्स से संबंध रखने वाली तमाम कंपनियों पर गाज गिरने लगी. इसके चलते इन सारी कंपनियों ने उससे संबंध तोड़ने शुरू कर दिए.
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तीन दिसंबर 2010 को ऑनलाइन पेमेंट साइट पेपॉल ने विकिलीक्स के खाते सील कर दिए. फिर, मास्टर कार्ड, बैंक ऑफ अमेरिका और वेस्टर्न यूनियन ने भी विकिलीक्स से संबंध तोड़ लिए. अमेरिकी सरकार के दबाव का आलम ये था कि एप्पल ने विकिलीक्स के लीक केबल्स को मोबाइल फोन पर दिखाने वाली एप्लीकेशन को लॉन्च करने के चार दिन बाद ही अपने स्टोर से हटा लिया.इस एप्लीकेशन की कीमत1.99 डॉलर थी और महज तीन दिनों के भीतर 1000 डॉलर की एप्लीकेशन बिक चुकी थीं

इसी तरह यूरोप में वीजा और मास्टरकार्ड ने विकिलीक्स से अपने रिश्ते खत्म कर लिए. नतीजा यह कि  विकिलीक्स की आर्थिक हालत जर्जर हो गई.

फिर रेप के आरोप ने पूरी कर दी कसर

रही सही कसर असांज पर बलात्कार और यौन शौषण के आरोपों ने पूरी कर दी. असांज ने बहुत कहा कि आरोप लगाने वाली महिला से उनकेसंबंध सहमति से बनेे थे, लेकिन पुलिस पर भारी दबाव था कि असांज को गिरफ्तार किया जाए. असांज को डर था कि स्वीडन पुलिस ने एक बार उन्हें गिरफ्तार कर लिया तो उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा, जहां उन पर सरकारी दस्तावेज लीक करने का मुकदमा चलेगा और सजा होगी. नतीजा यह हुआ कि असांज ने ब्रिटेन पहुंचकर इक्वाडोर दूतावास में राजनीतिक शरण ले ली.

Wikileaks founder Julian Assange leaves the Supreme Court in London

कोई भीभेज सकता था विकिलीक्स को गोपनीय दस्तावेज 

असांज की निष्क्रियता अमेरिका समेत तमाम देशों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि जिस तरह दुनिया के तमाम देशों के सरकारी दस्तावेजों में झांकते हुए असांज काली सच्चाई को बाहर ला रहे थे, उसने कई देशों की सरकारों को परेशान कर डाला था.

याद कीजिए विकिलीक्स ने ही अमेरिका के प्रिज्म प्रोग्राम का खुलासा किया था. इस खुलासे के बाद जूलियन असांज ने रशियन टुडे को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि फेसबुक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के लिए दुनिया की सबसे बेहतरीन जासूसी मशीन है.

असांज ने कहा था, 'सिर्फ फेसबुक ही नहीं, बल्कि गूगल और याहू जैसी तमाम बड़ी कंपनियों ने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के लिए ‘बिल्ट-इन इंटरफेस’ निर्मित कर दिए हैं.'

साल 2011 में अमेरिकी कंज्यूमर वॉचडॉग ने लॉस्ट इन द क्लाउड: गूगल एंड द यूएस गवर्नमेंट नाम से एक रिपोर्ट जारी कर कहा था कि गूगल एनएसए के साथ 'अनुचित खुफिया रिश्ते' निभा रहा है और इसका लाभ उसे मिल रहा है. गौरतलब है कि विकिलीक्स को कोई भी शख्स गोपनीय दस्तावेज भेज सकता था. गोपनीय दस्तावेज भेजने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती थी.

विकिलीक्स उन महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सामने लाने की कोशिश करती थी, जिन्हें दुनियाभर की सरकारें छिपाती फिरती हैं. लेकिन, असांज से गलती यही हो गई कि उसने संचालन का वैकल्पिक ढांचा खड़ा नहीं किया. जाहिर है विकिलीक्स की सक्रियता की कमी बहुत खल रही है.

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