क्या कमल हासन Tamil Nadu के अगले एमजी रामचंद्रन बनने जा रहे हैं?

मक्कल निधि मैयम (MNM) पार्टी के नेता कमल हासन तमिलनाडु के कोयंबटूर से चुनाव में खड़े हुए

मक्कल निधि मैयम (MNM) पार्टी के नेता कमल हासन तमिलनाडु के कोयंबटूर से चुनाव में खड़े हुए

Tamil Nadu Assembly election 2021: दक्षिण के सुपर स्टार रहे कमल हासन (Kamal Haasan) ने मक्कल निधि मैयम (MNM) पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा है. वे साल 2013 से ही काफी महीन अंदाज में राजनीति में पैठ बनाने लगे थे, जबकि पार्टी का एलान तक नहीं हुआ था.

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मक्कल निधि मैयम (MNM) पार्टी के नेता कमल हासन तमिलनाडु के कोयंबटूर से चुनाव में खड़े हुए. 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में उनकी पार्टी 154 सीटों पर लड़ रही है. प्रचार के दौरान अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने कई बार भूतपूर्व मुख्यमंत्री एम जी रामचंद्रन का जिक्र किया था कि कैसे उन्होंने अपने जनसेवा का अपना मकसद पाने के लिए भी कई फिल्में कीं. तो क्या कमल हासन का राजनीति में आना भी ऐसा ही कुछ है? साल 2018 में बनी उनकी पार्टी एमएनएम ने जिस तूफानी अंदाज से राज्य में प्रचार किया, इससे लगता तो यही है.

दक्षिण में अक्सर ग्लैमर जगत से तैयार हुए नेता 

दक्षिण भारत के सिने जगत ने राजनीति को बड़े-बड़े खिलाड़ी दिए. फिर चाहे वो एमजीआर हों या फिर जयललिता. बेहद लोकप्रिय अभिनेता रजनीकांत ने भी धूमधाम से राजनीति में आने का एलान किया लेकिन फिर एकाएक रुक गए. इसके पीछे गोलमोल तरीके से सेहत की बात बताई गई. वजह जो भी है लेकिन फिलहाल वे विधानसभा चुनाव में शामिल होने का मौका चूक गए हैं. हालांकि इसी बीच दिग्गज अभिनेता से नेता बने कमल हासन के नाम की धूम है.

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कमल हासन की पार्टी एमएनएम ने तूफानी अंदाज से राज्य में प्रचार किया था- सांकेतिक फोटो

रजनीकांत के न आने पर हासन ने दिया भावुक संदेश

साल 2018 में अपनी पार्टी बनाने से पहले से ही कमल हासन ने राजनीति में आने के संकेत देने शुरू कर दिए थे. तभी से ये कयास भी लगने लगे थे कि रजनीकांत और कमल हासन के बीच सत्ता को लेकर कांटे की टक्कर हो सकती है. हालांकि रजनीकांत के स्वास्थ्यगत कारणों से पॉलिटिक्स में न आने की बात पर कमल हासन ने भावुक तरीके से कहा था कि उनके न आने से दूसरे फैंस की तरह मुझे भी दुख हुआ. यहां तक कि कमल हासन ने चुनाव खत्म होने के बाद रजनीकांत से मिलने का एलान भी किया था. इसी बात से अंदाजा लग सकता है कि कमल हासन भले ही नए-नए नेता हों लेकिन बोलने में वे काफी मंजे हुए हैं.

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ऐसे हुए कमल हासन के अभिनय की शुरुआत

7 नवंबर 1954 को मद्रास के रामनाथपुरम जिले में जन्मे कमल हासन की आगे की परवरिश चेन्नई में हुई. वकील पिता की संतान कमल हासन चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे. चेन्नई में शुरुआती समय के दौरान ही उन्हें फिल्म कालाथुर कानम्मा में अभिनय का छोटा-सा काम मिला. ये साठ के शुरुआती दशक की बात है, जब हासन लगभग 6 साल के थे. फिल्म काफी हिट रही और यहां तक कि पहली ही फिल्म में उन्हें बेस्ट बाल कलाकार का नेशनल अवॉर्ड मिल गया. ये शुरुआत थी.

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कमल हासन भले ही नए-नए नेता हों लेकिन बोलने में वे काफी मंजे हुए हैं (Photo -Telugu news18)


नृत्य, पटकथा और कई दूसरे आयाम 

इसके बाद कमल हासन ने एक के बाद एक कई फिल्में कीं. यहां तक कि मलयालम फिल्म में भी उन्हें बतौर बाल कलाकार भूमिका मिली. लगातार चार सालों तक बच्चे की भूमिका निभाने के बाद आखिरकार वे पढ़ाई-लिखाई में रम गए. हालांकि पढ़ते हुए भी वे स्कूल में नाटकों में हिस्सा लेने लगे थे. दसवीं के बाद उनकी औपचारिक पढ़ाई खत्म हो गई और किशोर कमल ने पूरी तरह से अभिनय और नृत्य को समय देना शुरू कर दिया. बता दें कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी कमल हासन को नृत्य में भी महारथ हासिल है और कई फिल्मों में भी उन्होंने ये प्रतिभा दिखाई.

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तमिल के अलावा मलयालम और हिंदी में भी अभिनय

आखिरकार युवा कमल हासन को सत्तर के शुरुआत से बड़ी फिल्में मिलने लगीं और इसके बाद से उन्होंने अभिनय की दुनिया में नए आयाम रच दिए. तमिल फिल्मों के अलावा उन्होंने मुख्य अभिनेता के बतौर मलयालम फिल्मों में भी खूब नाम कमाया. यहां तक कि कई हिंदी फिल्मों में उनकी एक्टिंग देखने वालों पर गहरी छाप छोड़ जाती है.

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कमल हासन ने कई बार भूतपूर्व मुख्यमंत्री एम जी रामचंद्रन का जिक्र किया था


क्या ऐसे जन्मी थी सत्ता की ख्वाहिश?

कमल हासन के फिल्म के पीक पर थे, जब एम जी रामचंद्रन राजनीति का चमकता सितारा बन गए. उसी दौर में कमल हासन के भी राजनीति में आने की अटकलें लगने लगी थीं. हालांकि तब अपने समकालीन रजनीकांत के बरक्स कमल हासन ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया था. अनुमान लगाया जाता है कि दक्षिण की राजनीति में सिने स्टार्स के एक के बाद एक जाने से बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग वाले इस अभिनेता के दिल में शायद राजनीति की ख्वाहिश आई हो.

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अपनी ही फिल्म बनी वजह 

साल 2013 में उनकी विश्वरूपम फिल्म पर कई मुस्लिम संगठनों में एतराज किया, जिसके बाद से ही कमल हासन देश के मौजूदा हालातों पर सार्वजनिक तौर पर बोलने लगे. वे इस तरह के साक्षात्कार भी देने लगे, जिनमें ऐसी बातें होती. यानी माना जा सकता है कि उनके राजनीति में आने की भूमिका बहुत महीन तरीके से बनाई जा रही थी, जिससे धीरे-धीरे जमीन तैयार हो.

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सुपर स्टार रजनीकांत राजनीति में आते हुए स्वास्थ्यगत कारणों से रुक गए


आखिरकार साल 2018 में कमल हासन ने घोषणा कर दी

तब मक्कल निधि मैयम नाम से पार्टी तैयार हुई, जिसके नेता बने कमल हासन. अगले ही साल लोकसभा चुनाव थे, जिसमें पार्टी ने सक्रिय तौर पर भाग लिया, हालांकि तब पार्टी कुछ खास नहीं कर पाई लेकिन इस बार विधानसभा चुनावों में पूरी तैयार दिखी. हासन लगभग पूरे समय राज्य का दौरा करते और लोगों से मिलते रहे.

करप्शन खत्म करने की बात करते दिखे

इस बार उनके चुनावी मुद्दे में सबसे ऊपर भ्रष्टाचार खत्म करना और शिक्षा रहा. वे बार -बार ये कहते दिखे कि जनता करप्शन खत्म करने और विकास के लिए वोट करे. भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार बनाने के लिए उन्होंने लोगों से अपनी पार्टी को वोट देने की अपील की. कई जगहों पर चुनाव प्रचार में उनकी बेटियां भी अपील करती दिखीं.

समझ है वोटों के गणित की 

यहां ये गौर करें कि हासन भी प्रमुख राजनैतिक दलों की तरह अभी से वोट का गणित समझ रहे हैं. उन्होंने महिला वोटरों को नजरअंदाज नहीं किया, बल्कि फैन फॉलोइंग में उनका बड़ा हिस्सा जानकर उन्हें भी अपने घोषणापत्र में रखा. उनकी पार्टी ने वादा किया कि अगर वे सत्ता में आएं तो राज्य के हरेक सेक्टर में महिलाओं के लिए 33 नहीं, बल्कि सीधे 50 फीसद आरक्षण लागू होगा. साथ ही महिला ग्राहकों के लिए खास बैंक और हॉस्टल बनाने का वादा भी काफी अनूठा लगता है.
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