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Kaun Sa Engine Oil Behtar Hai: सिंथेटिक या रेगुलर- कौन सा इंजन ऑयल बेहतर है? यहां समझिए अपनी जरूरत

Kaun Sa Engine Oil Behtar Hai: सिंथेटिक या रेगुलर- कौन सा इंजन ऑयल बेहतर है? यहां समझिए अपनी जरूरत

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

Kaun Sa Engine Oil Behtar Hai: इंजन ऑयल हमारी कार या बाइक की जान होता है. ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि हमारे वाहन के लिए कौन सा इंजन ऑयल (Is synthetic oil better for my car or bike than conventional oil) बेहतर है.

Which Engine Oil Better For My Car/Bike: कार हो या बाइक हर गाड़ी के इंजन का जान होता है उसका ऑयल. बाजार में मुख्य रूप से दो तरह से इंजन ऑयल उपलब्ध हैं. एक सिंथेटिक ऑयल और दूसरा पारंपरागत ऑयल (Difference Between Synthetic And Conventional/Regular Engine Oil). अब सवाल यह है कि इन दोनों आयल में से आपकी गाड़ी के लिए बेहतर कौन है और इन दोनों में मुख्य अंतर क्या है?

निश्चित तौर पर सिंथेटिक ऑयल, रेगुलर ऑयल की तुलना में आपकी गाड़ी के इंजन के लिए बेहतर हैं. वैसे रेगुलर ऑयल भी इंजन में उचित लुब्रिकेंट यानी चिकनाहट पैदा करता है लेकिन ओवरऑल इंजन के बेहतरी के लिए सिंथेटिक ऑयल बेहतर है.

क्या होता है सिंथेटिक ऑयल (What Is Synthetic Oil)
सिंथेटिक ऑयल एक तरह का लुब्रिकेंट होता है जो कृत्रिम रूप से केमिकल कंपाउंड से बना होता है. ये कंपाउंट पेट्रोलियम मॉलेक्युल्स से बने होते हैं. अगर आप माइक्रोस्कोप से देखेंगे तो आपको एक बूंद सिंथेटिक ऑयल में करोड़ों मॉलेक्युल्स दिखेंगे. ये सभी मॉलेक्युल्स एक समान साइज के होते हैं. जबकि रेगुलर ऑयल रिफाइन किए गए कच्चे तेल से बनते हैं. इसके भी एक बूंद में करोड़ों मॉलेक्युल्स होते हैं लेकिन इनका आकार, बनावट और रचना अलग-अलग होता है.

पूरी तरह से सिंथेटिक ऑयल (Full synthetic Oil)
पूरी तरह से सिंथेटिक ऑयल एक सिंथेटिक बेस स्टॉक का इस्तेमाल कर बने होते हैं. इसमें हर एक मॉलेक्युल को पट्रोलियम का इस्तेमाल किए बिना यूनिक तरीके से डिजाइन किया गया होता है. यह उच्च तापमान में इंजन को बचाते हैं. इसे बनाने की पूरी प्रक्रिया काफी जटिल है. इसे इंजन की बेहद खास जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में कच्चे तेल में पाई जाने वाली हर तरह की अशुद्धता को निकाल दी जाती है.

बेहतर सुरक्षा
जब हम कोई भी गाड़ी चलाते हैं तो इंजन के तमाम पार्ट्स बेहद तेज गति से मूव करते हैं और वे एक दूसरे से टकराते भी हैं. इस स्थिति में उनके टूटने या तेजी से घिसने का खतरा रहता है. इंजन ऑयल ही एक ऐसी चीज होती है तो इंजन को स्मूथ तरीके से चलने में सहयोग करता है. यहां दोनों तरह के ऑयल इंजन के पार्ट्स के बीच स्मूथनेस को बनाए रखने का काम करते हैं, लेकिन सिंथेटिक ऑयल अपनी रासायनिक गुणों के कारण उस चिकनाहट को ज्यादा समय तक कायम रखता है. इससे इंजन की लाइफ बढ़ती है.

इंजन को ज्यादा साफ रखता है सिंथेटिक ऑयल
जैसा कि आपको पता है कि पूरे इंजन में ऑयल फैला रहता है. ऐसे में वह कहीं जम भी सकता है. रेगुलर ऑयल के साथ ये समस्या आती है. कई बार इंजन में ऑयल गाद के रूप में जम जाता है. इससे इंजन की क्षमता कम पड़ जाती है. दूसरी तरह सिंथेटिक ऑयल, रेगुलर ऑयल की तुलना में काफी परिष्कृत होता है और यह इंजन के भीतर गाद के रूप में नहीं जमता.

गर्मी और सर्दी दोनों स्थितियों में बेहतर प्रदर्शन
दरअसल, इंजन ऑयल का मुख्य काम इंजन के विभिन्न पार्ट्स के बीच घर्षण को खत्म या कम करना होता है. ऐसे में जब इंजन बंद रहता है तो ऑयल इंजन के निचले भाग में जम जाता है. गाड़ी स्टार्ट करने पर यह पार्ट्स के साथ ऊपरी हिस्से तक पहुंचता है. यहीं पर रेगुलर और फूली सिंथेटिक ऑयल में सबसे बड़ा अंतर आ जाता है.

रेगुलयर ऑयल गाड़ी बंद रहने की स्थिति में पूरी तरस से रिसकर इंजन के निचले हिस्से में जमा हो जाता है और गाड़ी स्टार्ट होने पर इसके पूरे इंजन में फैलने में एक-दो मिनट का समय लग जाता है. इससे इंजन ड्राई रहता है और उसके घिसने का खतरा रहता है.

दूसरी तरफ सिंथेटिक ऑयल के इस्तेमाल से इंजन कभी भी पूरी तरह ड्राई नहीं होता. उसके मॉलेक्युल्स इंजन के विभिन्न पार्ट्स में चिपके रहते हैं. इस कारण काफी देर तक गाड़ी बंद रहने के बाद जब उसे स्टार्ट किया जाता है तो इस इंजन में चिकनाहट फैलने में अपेक्षाकृत बहुत कम समय लगता है.

Tags: Crude oil, Engine

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