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मुस्लिम दुल्हन जिसने दहेज में मांगी श्रीमद्भागवत गीता

News18Hindi
Updated: January 23, 2020, 3:34 PM IST
मुस्लिम दुल्हन जिसने दहेज में मांगी श्रीमद्भागवत गीता
केरल निवासी अजना नज़ीम ने मेहर के रूप में अपने पति से 100 किताबों की मांग रखी. (फेसबुक से साभार)

मेहर की रस्म के लिए मुस्लिम समाज में सोना, पैसा या दूसरी कीमती चीजें देने का प्रचलन है. लेकिन बीएड की पढ़ाई कर रही अजना को ये सब नहीं चाहिए था.

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  • Last Updated: January 23, 2020, 3:34 PM IST
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इस्लाम (Islam) धर्म में शादी के दौरान एक धार्मिक रवायत होती है जिसे मेहर कहते हैं. इस रस्म के अनुसार वर को शादी के लिए वधु को मेहर के रूप में पैसे, गहने या कोई अन्य मांगी गई चीज देनी होती है. सामान्य रिवाज यही है कि इस रस्म में लड़की वाले मेहर के पैसे ही मांगते हैं. लेकिन केरल की एक लड़की ने इस रिवाज को तोड़ा है. उसने अपने होने वाले पति से मेहर के रूप में अनोखी मांग रखी है.

केरल निवासी अजना नज़ीम ने मेहर के रूप में अपने पति से 100 किताबों की मांग रखी. पति इजास हकीम को अजना ने 100 किताबों की लिस्ट थमा दी जिसमें कुरान, भगवदगीता, बाइबिल और भारत का संविधान शामिल हैं. ये मांग अजना ने बीते अक्टूबर में सगाई के दौरान रखी थी.

पति है सिविल इंजीनियर
26 साल के इजास हाकिम पेशे से सिविल इंजीनियर हैं. अक्टूबर में हुई सगाई के समय ही शादी की तारीख 29 दिसंबर तय की गई थी. हाकिम को 29 दिसंबर के पहले अजना को मांगी गई 100 किताबें लाकर देनी थीं. दो महीने की मेहनत के बाद हाकिम शादी की तारीख तक 96 किताबें हासिल कर पाए. द वीक की वेबसाइट एक खबर के मुताबिक-हाकिम कहते हैं कि मेहर महिला का अधिकार होता है. इसमें वो कुछ भी मांग कर सकती है. सामान्य तौर ये सबकुछ लड़कियां अपने मां-बाप के फैसले पर ही छोड़ देती हैं. लेकिन अजना ने अपनी मांग खुद ही रखी. हाकिम के मुताबिक मेहर मांगी गई चीज को दूल्हा मना नहीं कर सकता है.

(प्रतीकात्मक)


बेडरूम रखी सारी किताबें
29 दिसंबर को शादी के बाद कपल ने इन किताबों को अपने बेडरूम में ही एक आलमारी में जगह दी है. हाकिम कहते हैं कि उन्होंने कोशिश की थी कि पूरी 100 किताबें ला सकें लेकिन ये आंकड़ा 96 तक ही पहुंच सका जिसे अजना ने सहर्ष स्वीकार किया.सामान्य रिवाज तोड़ा
सामान्य तौर पर मेहर की रस्म के लिए मुस्लिम समाज में सोना, पैसा या दूसरी कीमती चीजें देने का प्रचलन है. लेकिन बीएड की पढ़ाई कर रही अजना को ये सब नहीं चाहिए था. अजना ने जो किताबें मंगाई थीं उनमें खालिद हुसैनी, हारुकी मुराकामी और मिशेल ओबामा की लिखी हुई किताबें भी हैं. उन्हें मिशेल ओबामा की बायोग्राफी बिकमिंग विशेष रूप से बेहद पसंद है.

परिवार ने भी स्वीकारा
अजना ने जब मेहर मे किताबें लेने का फैसला किया तो उनके मां-बाप ने भी इस फैसले को स्वीकार किया. दोनों परिवारों ने मिलकर रूढ़ियां तोड़ने का फैसला किया. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी कपल ने धार्मिक नियम में ऐसा सकारात्मक बदलाव किया है.

पाकिस्‍तान, माता, पिता,
(प्रतीकात्मक)


पहले भी हुई ऐसी घटना
इससे पहले 2016 में भी केरल की साहला नेचिल नाम की एक दुल्हन ने मेहर के रूप में 50 किताबों की मांग की थी. साहला हैदराबाद यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान की छात्रा थीं. तब साहला ने कहा था कि वो अपने शहर के लोगों को दिखाना चाहती हैं कि शादी में अनाप-शनाप खर्च से कैसे बचा जा सकता है. रूढ़ी बन चुकी धार्मिक रस्म को कैसे सकारात्मक रूप में बदला जा सकता है. उनके होने वाले पति ने किताबें लाने के लिए बेंगलुरु में कई किताब की दुकानें छान मारी थीं.

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First published: January 23, 2020, 1:42 PM IST
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