क्या नॉर्थ कोरिया के तानाशाह Kim Jong-un की दादी महान योद्धा थीं?

उत्तर कोरिया के वर्तमान शासक वर्तमान शासक किम जोंग उन.
उत्तर कोरिया के वर्तमान शासक वर्तमान शासक किम जोंग उन.

किम जोंग-सुक (Kim Jong Suk) के बारे में कहा जाता है कि जापानी सैनिकों से गुरिल्ला युद्ध के दौरान मिले घावों के कारण उनकी मौत हुई. हालांकि इसके कोई पक्के प्रमाण नहीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 22, 2020, 6:44 AM IST
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नॉर्थ कोरिया (North Korea) में महिलाओं की दशा काफी खराब है. यहां तक कि वर्तमान शासक किम जोंग की मौत की अटकलों के बीच इंटरनेशनल मीडिया में उनकी छोटी बहन किम यो-जोंग (Kim yo Jong) का पलड़ा सिर्फ इसी वजह से हल्का माना गया क्योंकि उस देश में पुरुषसत्तात्मक सोच है. वैसे हाल में किम की बहन किम यो जोंग देश के दूसरे ताकतवर शख्स के तौर पर उभरी हैं. यो जोंग इस रहस्यमयी देश की पहली महिला लीडर नहीं, बल्कि उनकी दादी भी काफी मजबूत मानी जाती हैं. कहा जाता है कि वे एक गृहणी से एकाएक जांबाज योद्धा बन गईं. जानिए कौन हैं किम की नायिका दादी और कितनी सच्चाई है इस बात में.

स्कूल में पढ़ाई जाती है बहादुरी
किम जोंग-सुक (Kim Jong Suk) उत्तर कोरिया के फाउंडर लीडर किम द्वितीय सुंग की पत्नी और मौजूदा तानाशाह किम जोंग की दादी हैं. सिर्फ 31 साल की उम्र में जान गंवाने वाली किम के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने गुरिल्ला सैनिकों से लड़ाई की वजह से ही जान गंवाई. हालांकि इसके कोई आधिकारिक दस्तावेज या पक्का जिक्र कहीं नहीं मिलता लेकिन उत्तर कोरिया में तो यही प्रचलित है. वहां स्कूलों के सिलेबस में लड़कियों की बहादुरी के नाम पर यही एक मिसाल बताई जाती है.

किम की नायिका दादी- किम जोंग-सुक.

किसान की बेटी थीं 


माना जाता है कि सुक का जन्म 24 दिसंबर की आधी रात को हुआ था. वे एक गरीब किसान परिवार से थीं. एक रोज अचानक उनके पिता घर से गायब हो गए. अपने पिता की खोज में निकली सुक को शहर जाने पर पिता की मौत के बारे में पता चला. कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के मुताबिक इसके बाद सुक वापस अपने पैतृक घर नहीं लौटीं, बल्कि शहर में ही रह गईं.

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युद्ध के दौरान संतानों को दिया जन्म
वहां वे किम द्वितीय की गुरिल्ला आर्मी के संपर्क में आईं और यहीं से उनके व्यक्तित्व में बदलाव आया. वे किसान युवती से बहादुर योद्धा में बदल गईं. इसी दौरान किम द्वितीय से मुलाकात हुई और साल 1941 में युद्ध के दौरान ही दोनों ने शादी की. गुरिल्ला युद्ध के बीच ही एक कैंप में रहते हुए सुक ने किम जोंग इल (वर्तमान शासक के पिता) को जन्म दिया. व्यत्सकोये नाम के रूसी गांव में जन्म के बाद किम जोंग इन का नाम भी रूसी भाषा से प्रेरित था. शुरुआत में उन्हें युरा बुलाया गया. पांच सालों के भीतर सुक ने दो और संतानों को जन्म दिया. हालांकि सुक की एकमात्र जिस संतान को याद रखा जाता है, वो उनकी पहली संतान किम जोंग इन है. ये शख्स नॉर्थ कोरिया का दूसरा शासक बना.

किम जोंग-सुक अपने पति और बच्चों के साथ.


इस तरह से याद करते हैं 
वैसे नॉर्थ कोरिया के पितृसत्तात्मक समाज और सोच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुक की उपलब्धियों की बात होने पर मीडिया उन्हें किम जोंग इल की मां के तौर पर याद करता है. सुक का सबसे बड़ा काम ये था कि उनकी कोख से इतना महान लीडर जन्मा. हर साल दिसंबर में सुक के जन्मदिन के मौके पर नॉर्थ कोरिया के अखबार और टेलीविजन इस तरह की बातों से भर जाते हैं.

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आखिर कैसे हुई मौत
अज्ञातवास पर रहते हुए गुरिल्ला युद्ध और तीन संतानों के जन्म के बाद साल 1949 में नॉर्थ कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में सुक की मौत हुई. स्थानीय मीडिया का कहना है कि सुक की मौत युद्ध की यातनाएं झेलने के कारण हुई. वहीं अनौपचारिक तौर पर ये भी कहा जाता है कि वे चौथे बच्चे को जन्म देते हुए संक्रमण की वजह से मारी गईं. वो बच्चा भी मृत पैदा हुआ था.

नॉर्थ कोरिया में पितृसत्तात्मक सोच वाली आबादी ज्यादा है. (सांकेतिक फोटो- pixabay)


बेटे ने चमकाई मृत मां की छवि
अपने पति के जीवनकाल में सुक को किसी ने नहीं पूछा. बेटे किम जोंग इल ने सत्ता संभालने के साथ ही अपने पिता के साथ मां को भी क्रांतिकारी महिला के तौर पर दिखाना शुरू कर दिया. वैसे तो वो शांत महिला के तौर पर जानी जाती थीं लेकिन मीडिया ने एकदम से उनकी इमेज बदल दी. वे मौत के बाद बागी और बेहद बहादुर स्त्री के तौर पर देश में लोकप्रिय हो गईं. उन्हें एंटी-जापान हीरोइन के तौर पर भी याद किया जाता है, जिसके जापानी सेना से कई मौकों पर अपने पति को बचाया था.

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निशानेबाजी और बहादुरी के किस्से 
बता दें कि तब कोरिया पर जापान का कब्जा था, और उसी के खिलाफ संयुक्त कोरिया मुकाबला कर रहा था. दूसरे विश्व युद्ध के आखिरी दौर में जापान की हार के साथ ये कब्जा खत्म हो सका. इसके बाद कोरिया के दो टुकड़ों में बंटने की कहानी अलग है लेकिन सुक के कहानी यहीं तक चलती है. नॉर्थ कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसियां दावे करती हैं कि सुक का निशाना इतना पक्का था कि वे चिड़िया के उड़ान भरने की पोजिशन लेते ही उसके उड़ने की दिशा भांप लेती और निशाना लगातीं. उन्हें मदर ऑफ कोरिया भी कहा जाता है.

नॉर्थ कोरिया का 105 मंजिला होटल.


रहस्यमयी था किरदार 
सुक के बारे में वैसे विदेशी मीडिया में काफी अजीबोगरीब बातें कही जाती हैं. जैसे अमेरिकी लेखक और पत्रकार माइकल हेरॉल्ड ने अपने वृतांत Comrades and Strangers में इस महिला के रहस्यमयी कामों का जिक्र किया है. माइकल के मुताबिक सुक किसी अज्ञात वजह से अपने बाल काटकर उन्हें अपने पति किम द्वितीय के जूतों में डाल दिया करती थीं.

बड़ी इमारतों का था शौक
सुक अपने बेटे और नॉर्थ कोरिया के दूसरे शासक किम जोंग इल को अक्सर नए कामों के लिए प्रेरित किया करती थीं. खासकर उनका पश्चिमी की तर्ज पर बहुमंजिला इमारतों को लेकर बड़ा चाव था. बता दें कि नॉर्थ कोरिया दूसरे कम्युनिस्ट देशों की तरह से पश्चिम को अपने दुश्मन की तरह देखता है. हालांकि कई बातों में वे वेस्ट से प्रेरणा भी लेते हैं. माइकल बताते हैं कि एक बात के दौरान मां ने बेटे से 30 से 40 मंजिला इमारत बनाने की बात कही. बेटे ने बात मान ली. प्योंगयांग का Ryugyong Hotel इसी बातचीत का नतीजा माना जाता है. ये होटल 105 मंजिला है. हालांकि अब भी इसमें काम चल ही रहा है.
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