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Kiss Day 2021 : वो चुंबन जिसे करते ही चली जाती थी जान

Kiss Day 2021 : वो चुंबन जिसे करते ही चली जाती थी जान

प्राचीन भारत में वो किस जो जानलेवा होता था. चुंबन लेते ही चली जाती थी जान (फोटो- shutterstock)

प्राचीन भारत में वो किस जो जानलेवा होता था. चुंबन लेते ही चली जाती थी जान (फोटो- shutterstock)

वैलेंटाइन वीक (Valentine Week) में आज किस डे (Kiss Day) यानि चुंबन दिवस मनाया जा रहा है. हम आपको ऐसे किस यानि चुंबन के बारे में बताते हैं, जो प्राचीन भारत में जानलेवा होता था. विष कन्याएं जिस किसी का भी चुंबन लेती थीं, उसकी मृत्यु हो जाती थी. जानिए इस घातक चुंबन और विष कन्याओं के बारे में.

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    वैलेंटाइन वीक 2021 में आज किस डे है यानि चुंबन दिवस. प्नाचीन भारत में ऐसी विष कन्याओं का उल्लेख मिलता है, जो जासूसी का काम करती थीं. ऐसे कई किस्से प्राचीन साहित्य में मिलते हैं जब राजा अपने शत्रु का छलपूर्वक अंत करने के लिए विषकन्याओं को भेजते थे. ये विषकन्याएं लोगों को KISS करती थीं. ऐसा करते ही इंसान की मौत हो जाती थी.

    क्या थी विषकन्या होने की पहली शर्त
    विषकन्याओं के लिए रूपवान होना पहली शर्त थी. इन उल्लेखों के अनुसार, इन विषकन्याओं को बचपन से ही थोड़ी-थोड़ी मात्रा में विष (जहर) देकर बड़ा किया जाता था. उन्हें विषैले वृक्ष और विषैले प्राणियों के संपर्क से उन्हें अभ्यस्त किया जाता था. साथ ही साथ उन्हें संगीत और नृत्य की शिक्षा दी जाती थी. इन उल्लेखों में कहा गया है कि विषकन्याओं की सांसों में ही जहर होता था.

    यूरोप में होता था ऐसा
    धीरे-धीरे जहर देकर जहर के लिए प्रतिरोधक क्षमता तैयार करने के वाकये का जिक्र यूरोपीय साहित्य में भी मिलता है. इस प्रक्रिया को मिथ्रीडेटिज्म कहा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि ईसा से करीब एक शताब्दी पहले पोंटस साम्राज्य के राजा मिथ्रीडेटस VI के भी इस विधी को प्रयोग करने के किस्से मिलते हैं.

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    विषकन्याओं के बारे में कई किताबों में लिखा है
    बारहवीं शताब्दी में रचे गए ‘कथासरित्सागर’ में विषकन्याओं के अस्तित्व का प्रमाण मिलता है. सातवीं सदी के नाटक ‘मुद्राराक्षस’ में भी विषकन्या का उल्लेख है. ‘शुभवाहुउत्तरी कथा’ नाम के संस्कृत ग्रंथ में राजकन्या कामसुंदरी भी एक विषकन्या ही है.

    प्राचीन भारत में बचपन से ही विष कन्याएं खास प्रयोजन के लिए तैयार की जाती थीं. ये शस्त्र चलाने से लेकर लोगों को लुभाने में माहिर होती थीं. ये जासूसी से लेकर दुश्मन को छलपूर्वक मारने में सिद्धहस्त होती थीं. उनके चुंबन में ऐसा जहर होता था, जो तुरंत दूसरे के शरीर के अंदर पहुंचकर उसकी जान ले लेता था.

    विष कन्याओं का छूना तक जानलेवा होता था
    हिंदू धर्मग्रंथ कल्कि पुराण में भी विषकन्याओं का जिक्र मिलता है. इसमें कहा गया है कि विषकन्याएं किसी इंसान को मात्र छूकर मार सकती थीं. इसी धर्मग्रंथ में चित्रग्रीवा नाम के एक गंधर्व की पत्नी सुलोचना का जिक्र भी मिलता है, जो विषकन्या थी.

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    चुंबन लेकर ले लेती थीं जान
    ऐसा भी उल्लेख मिलता है कि कई बार विषकन्याएं शत्रु को जहरीली शराब पिलाकर भी मार देती थीं. शराब को जहरीला करने के लिए वे पहले उसी प्याली से एक घूंट शराब पी लेती थीं. लेकिन उनका सबसे चतुर तरीका चुंबन के जरिए लोगों को मारना था.

    कहा जाता है कि मगध के राजा नंद के मंत्री आमात्य राक्षस ने चंद्रगुप्त मौर्य को मारने के लिए एक विषकन्या को भेजा था. लेकिन इस षड्यंत्र के बारे में चाणक्य को शक हो गया था और उसने चंद्रगुप्त मौर्य को बचा लिया था. और विषकन्या के द्वारा गलत व्यक्ति मार दिया गया था, जिसका नाम पर्वतक था.

    Tags: Poison, Valentine Day, Valentine week

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