कौन हैं अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी, जिन्हें मिला अर्थशास्त्र का नोबेल प्राइज़

अर्थशास्त्र के लिए नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी.

अर्थशास्त्र के लिए नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी.

अर्थशास्त्र (Economics) के तीन नोबेल विजेताओं (Nobel Winners) के नामों की घोषणा हुई जिसमें अभिजीत बनर्जी (Abhijit Banerjee) के साथ ही उनकी पत्नी एस्थर डफलो का नाम भी शामिल है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2019, 4:29 PM IST
  • Share this:
अमर्त्य सेन (Amartya Sen) के बाद अर्थशास्त्र के क्षेत्र में फिर नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) एक भारतीय को हासिल हुआ. भारत में जन्मे और पले बढ़े अभिजीत बनर्जी को इस साल का अर्थशास्त्र का नोबेल विजेता चुना गया. बनर्जी के साथ ही एस्थर डफलो (Esther Duflo) और माइकल क्रेमर (Michael Kremer) को भी संयुक्त रूप से इस पुरस्कार से नवाज़ा जाएगा. घोषणा के मुताबिक दुनिया में गरीबी के अभिशाप से निपटने के लिए इन तीनों अर्थशास्त्रियों ने जो प्रयोगात्मक रिसर्च और सिद्धांत अपनाए, उनके कारण दो दशकों में अर्थशास्त्र के क्षेत्र में काफी विकास (Development Economics) हुआ. बनर्जी के बारे में क्या और कितना जानते हैं आप?



ये भी पढ़ें : 'पैदा तो हिंदू हुआ पर मरूंगा हिंदू नहीं' कहने वाले अंबेडकर क्यों बने थे बौद्ध?



डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स के मास्टर हैं बनर्जी

अभिजीत बनर्जी फिलहाल अमेरिका (USA) के नागरिक हैं और मैसेचुसेट्स में फोर्ड फाउंडेशन में प्रोफेसर हैं. इसके अलावा वह हार्वर्ड (Harvard) और प्रिंसटन यूनिवर्सिटियों में भी पढ़ाते हैं. उनका ज्यादातर काम डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में है. एस्थर डफलो, क्रेमर, जॉन लिस्ट और सेंथिल मुलैयानाथन के साथ मिलकर उन्होंने अर्थशास्त्र में अहम पद्धतियां खोजी हैं, जिनसे वैश्विक गरीबी (Global Poverty) की समस्या से लड़ने में मदद मिली.
2013 में संयुक्त राष्ट्र ने उन्हें मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स के एक कार्यक्रम में बतौर विशेषज्ञ एक पैनल में शामिल किया था. इसके साथ ही, बनर्जी ने इसी साल एक्सपोर्ट इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया के सालाना जलसे में एक लेक्चर देकर सामाजिक नीति पर पुनर्विचार करने की बात पर ज़ोर दिया था.





ज़रूरी जानकारियों, सूचनाओं और दिलचस्प सवालों के जवाब देती और खबरों के लिए क्लिक करें नॉलेज@न्यूज़18 हिंदी



कलकत्ता के बाद जेएनयू से ली डिग्री

बनर्जी के माता-पिता निर्मला बनर्जी और दीपक बनर्जी दोनों ही अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे. 1981 में कलकत्ता के प्रेसिडेंसी कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीएस की डिग्री के बाद बनर्जी ने अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से ली थी. इसके बाद उन्होंने 1988 में हार्वर्ड से डॉक्टरेट हासिल किया और उनका शोध 'सूचनात्मक अर्थशास्त्र' पर आधारित था.



nobel prize, nobel winner, nobel to indian, economics nobel winner, nobel prize 2019, नोबेल पुरस्कार, नोबेल विजेता, भारतीय को नोबेल, अर्थशास्त्र नोबेल विजेता, नोबेल पुरस्कार 2019
बनर्जी की दूसरी पत्नी एस्थर डफलो के साथ ही माइकल क्रेमर को भी 2019 का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से दिया जाएगा.




बनर्जी 2004 में अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज़ के फेलो रह चुके हैं और उन्हें 2009 में सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में इन्फोसिस पुरस्कार से भी नवाज़ा जा चुका है. पुअर इकोनॉमिक्स नामक किताब के लिए उन्हें 2012 में अर्थशास्त्र के क्षेत्र में प्रतिष्ठित गेराल्ड लोएब अवॉर्ड से भी नवाज़ा गया था.



नोबेल विजेता एस्थर हैं बनर्जी की दूसरी पत्नी

साहित्य की लेक्चरर रहीं डॉ. अरुंधति तुली बनर्जी के साथ अभिजीत की शादी हुई थी. दोनों के एक बेटा कबीर भी था, जिनकी मौत मार्च 2016 में हो गई थी. हालांकि उससे पहले ही अभिजीत का तलाक हो चुका था. अभिजीत अपनी को-रिसर्चर और नोबेल की सह विजेता एस्थर डफलो के साथ रहे और 2012 में दोनों के एक संतान भी हुई. एस्थर की पीएचडी के को सुपरवाइज़र बनर्जी ही थे और बनर्जी की तरह ही एस्थर भी गरीबी उन्मूलन से जुड़े अर्थशास्त्र की प्रोफेसर हैं. एस्थर के साथ 2015 में बनर्जी ने औपचारिक रूप से शादी की थी.



ये भी पढ़ें:



जब EC ने बाल ठाकरे पर लिया था एक्शन, 6 साल तक नहीं डालने दिया वोट

FATF ने ब्लैकलिस्ट किया तो पाकिस्तान की टूट जाएगी कमर
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज