जानिए सदगुरु के 'भैरव' के बारे में, जो कोरोना के खिलाफ जंग में 5 करोड़ में बिका

जानिए सदगुरु के 'भैरव' के बारे में, जो कोरोना के खिलाफ जंग में 5 करोड़ में बिका
सदगुरु की पेंटिंग 'भैरव', जिसके नीलाम होने की पुष्टि ट्विटर पर यह तस्वीर पोस्ट कर सदगुरु ने की.

Sadguru के नाम से दुनिया भर में ख्याति पा चुके Jaggi Vasudev को एक दार्शनिक या आध्यात्मिक गुरु (Spiritual Leader) के रूप में ज़्यादा जाना जाता है, लेकिन कम लोग जानते हैं कि वो एक Artist भी हैं. यह दूसरी बार है जब Covid-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए फंड जुटाने के लिए उन्होंने अपनी कलाकृति की नीलामी की.

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Yoga, अध्यात्म और दर्शन के क्षेत्र में गुरु के तौर पर स्थापित सदगुरु के नाम से प्रसिद्ध जग्गी वासुदेव फिर एक बार एक कुशल चित्रकार (Painter) के रूप में सामने आए. Coronavirus के खिलाफ लड़ने के लिए इस बार सदगुरु ने अपनी पेंटिंग 'Bhairava' को ऑनलाइन नीलामी (Online Auction) के ज़रिये बेचा और 5 करोड़ से ज़्यादा का फंड जुटाया. यह फंड ईशा फाउंडेशन के Outreach वेंचर के तहत #BeattheVirus कार्यक्रम में इस्तेमाल किया जाएगा. जानने लायक यह है कि 'भैरव' कितनी खास पेंटिंग है.

बैल की याद को समर्पित है पेंटिंग
बीते सोमवार को 5.1 करोड़ रुपए में नीलाम हुई जग्गी वासुदेव की पेंटिंग ईशा फाउंडेशन के प्रिय बैल 'भैरव' की याद में बनाई गई है. भैरव की मौत बीते अप्रैल महीने में मौत हुई थी. सद्गुरु ने ट्वीट के ज़रिये पेंटिंग के बिकने की पुष्टि करते हुए लिखा 'भैरव को घर मिल गया. हमारे प्यारे बैल ने जीवन भर सेवा की. दानदाता की दयालुता से हमारे वॉलेंटियरों को महामारी के खिलाफ लड़ने और असहायों की मदद करने में संबल मिलेगा.'

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सदगुरु के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

ईको फ्रेंडली और प्राकृतिक सामग्री से बनी पेंटिंग


'भैरव' शीर्षक की पेंटिंग बनाने के लिए सदगुरु ने कैनवास के बैकग्राउंड पर गाय के गोबर का इस्तेमाल किया है. इसके अलावा पेंटिंग में चारकोल, हल्दी और चूना पत्थर का इस्तेमाल किया गया है.

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क्यों और कैसे बिकी ये पेंटिंग?
'भैरव' को करीब एक महीने पहले ऑनलाइन नीलामी के लिए रखा गया था, जो पिछले सोमवार को सबसे बड़ी बोली में बिक गई. यह सदगुरु की दूसरी कलाकृति है, जिसे कोविड 19 के खिलाफ लड़ाई के लिए फंड जुटाने के लिए बेचा गया. इस पेंटिंग की बिक्री से मिली राशि को फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सुरक्षा, आइसोलेशन वार्ड के निर्माण में सहयोग और ग्रामीणों के लिए रोज़ाना पकने वाले भोजन व इम्युनिटी ड्रिंक की सप्लाई के लिए खर्च किया जाएगा.

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सदगुरु की पहली पेंटिंग एंड्रिया वॉज़मर ने खरीदी थी. (तस्वीर Twitter से साभार)


पहली पेंटिंग थी To Live Totally!
सदगुरु की यह तस्वीर भी जानवरों को ही केंद्र में रखती थी. हालांकि यह पेंटिंग एब्सट्रैक्ट थी, लेकिन इसमें चींटी, डॉल्फिन, तितली और हाथियों जैसे कई जानवरों को चित्रित किया गया था.

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इस पेंटिंग के विवरण में कहा गया था 'यह एक दिन अस्ल में, समय का एक छोटा सा हिस्सा है लेकिन इसमें पूरी तरह जिया जाना चाहिए.' दूसरी तरफ, सदगुरु ने अपने एक सत्संग में कहा था 'यह कोई खास पेंटिंग नहीं है और मुझे चित्रकार की तरह नहीं समझा जाना चाहिए.' लेकिन आंकड़ा यह है कि सदगुरु की यह पेंटिंग 4 करोड़ रुपए में नीलाम हुई थी.
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