महारानी गायत्री देवी और इंदिरा गांधी के बीच आख़िर क्या रंजिश थी?

इमरजेंसी के दौरान जेल के बाद जब गायत्री देवी ने संजय गांधी की मौत पर फोन किया था, तो इंदिरा गांधी ने उनसे बात नहीं की थी. महारानी गायत्री देवी की 10वीं पुण्यतिथि पर पढ़ें इंदिरा गांधी के साथ लगातार चली रंजिश की कहानी.

Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 6:27 PM IST
महारानी गायत्री देवी और इंदिरा गांधी के बीच आख़िर क्या रंजिश थी?
इंदिरा गांधी के समय में इमरजेंसी के दौरान गायत्री देवी को जेल भेजा गया था. तस्वीर : पिन्ट्रेस्ट
Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 6:27 PM IST
'तिहाड़ जेल का माहौल किसी मच्छी बाज़ार जैसा था. मामूली चोर उचक्कों और वेश्याओं की चीखें गूंजती रहती थीं.' यह बात जयपुर की प्रसिद्ध महारानी गायत्री देवी ने बाद में कही थी, जब उनसे पूछा गया था कि इमरजेंसी के दौरान जेल में उनके क्या अनुभव रहे. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 में जब आपातकाल की घोषणा की थी तब कई पत्रकारों, विरोधी नेताओं, कलाकारों के साथ गायत्री देवी को भी छह महीने के लिए कैद किया गया था. लेकिन क्यों? इसके पीछे एक कहानी रही है, जो राजनीतिक इतिहास के साथ ही दो शीर्ष महिलाओं के बीच वर्चस्व की जंग में ईर्ष्या का पहलू भी समेटे हुए है.

पढ़ें : PM मोदी को एडवेंचर यात्रा पर ले जाने वाला ये शख़्स कौन है?

29 जुलाई 2009 को 90 बरस की उम्र में महारानी गायत्री देवी का निधन हुआ था. आज उनकी 10वीं पुण्यतिथि है और अगर वह अभी होतीं तो जीवन के सौ बरस पूरे कर चुकी होतीं. इस ख़ास दिन पर जयपुर राजपरिवार में पर्दा प्रथा को मानने से इनकार करने वाली गायत्री देवी की स्मृति में उनके जीवन की वो चर्चित कहानी पढ़िए, जिसका ज़िक्र उनकी जीवनी में भी प्रमुखता से रहा और इमरजेंसी के बाद तमाम इंटरव्यू में उनसे इस किस्से के बारे में हमेशा पूछा जाता रहा.

जब बंबई से दिल्ली पहुंचीं गायत्री देवी

1975 में जब गायत्री देवी बंबई में इलाज करवाने गई थीं, तब उन्हें बताया गया कि इलाज होते ही उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता था. इमरजेंसी का समय था और इंदिरा गांधी ने गायत्री देवी के खिलाफ इरादा कर लिया था. गायत्री देवी ने इस अंदेशे से घबराए बगैर दिल्ली का रुख किया और लोकसभा पहुंचीं. लेकिन, वहां उन्होंने जो नज़ारा देखा, उसे देखकर वह अवाक रह गईं. विपक्ष की बेंचें खाली पड़ी हुई थीं. लोकसभा विपक्ष शून्य थी.

ज़रूरी जानकारियों, सूचनाओं और दिलचस्प सवालों के जवाब देती और खबरों के लिए क्लिक करें नॉलेज@न्यूज़18 हिंदी

maharani gayatri devi, maharani gayatri devi life, gayatri devi indira gandhi, gayatri devi sanjay gandhi, emergency indira gandhi, महारानी गायत्री देवी, महारानी गायत्री देवी जीवनी, गायत्री देवी इंदिरा गांधी, गायत्री देवी संजय गांधी, इमरजेंसी इंदिरा गांधी
फेफड़े के इन्फेक्शन के कारण 2009 में गायत्री देवी का निधन हुआ था और वह अपने पीछे आधा अरब डॉलर की संपत्ति छोड़ गई थीं.

Loading...

गायत्री देवी औरंगज़ेब रोड स्थित अपने घर पहुंचीं और कुछ ही देर में आयकर विभाग के अफसर वहां पहुंचे. अफसरों ने उनसे कहा कि उन पर आरोप है कि उन्होंने अघोषित सोना और संपत्ति छुपा रखी है और इसी सिलसिले में विदेशी एक्सचेंज व तस्करी से जुड़े एक एक्ट (COFEPOSA) के तहत उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है. गायत्री देवी को तिहाड़ जेल भेज दिया गया.

छह महीने बाद पैरोल पर हुईं रिहा
जेल में साथी कैदियों और उनके बच्चों को पढ़ाने वाली गायत्री देवी की सेहत जेल में लगातार बिगड़ रही थी. उन्हें गॉलस्टोन की शिकायत हो रही थी, इसी कारण करीब छह महीने जेल में रखने के बाद उन्हें पैरोल पर रिहा किया गया लेकिन उन पर पाबंदियां जारी रहीं. जेल से छूटने पर गायत्री देवी एक छोटा जश्न मनाना चाहती थीं लेकिन उनके करीबी बीजू पटनायक भी जेल में थे इसलिए जश्न नहीं हुआ. उन्हें दूसरा झटका तब लगा जब घर पहुंचते ही उनके सौतेले बेटे ने उन्हें बताया कि उन पर और उनके घर पर नज़र रखी जा रही थी. 'मैं इंदिरा से बात करना चाहती हूं', यह सुनकर गायत्री देवी का यही जवाब था.

संजय गांधी की मौत के वक्त भी बनी रही रंजिश
'जिस देश में लोकतंत्र एक तानाशाह के हाथ में है, वहां मुझे राजनीति से कोई सरोकार नहीं है.' ये बात कहकर इमरजेंसी के बाद चुनावी राजनीति को अलविदा कह चुकीं गायत्री देवी को लेकर लंबे समय तक अटकलें लगती रहीं कि वह राजनीति में वापसी करेंगी. इसी बीच 1980 में संजय गांधी की प्लेन दुर्घटना में मौत हुई. संजय के निधन पर शोक जताने के लिए गायत्री देवी ने इंदिरा गांधी को फोन भी किया था लेकिन इंदिरा ने बात करने से मना कर दिया था. यानी मनमुटाव सामान्य नहीं था, रंजिश थी. इस कदर रंजिश के पीछे भी कोई न कोई कहानी ज़रूर रही होगी.

maharani gayatri devi, maharani gayatri devi life, gayatri devi indira gandhi, gayatri devi sanjay gandhi, emergency indira gandhi, महारानी गायत्री देवी, महारानी गायत्री देवी जीवनी, गायत्री देवी इंदिरा गांधी, गायत्री देवी संजय गांधी, इमरजेंसी इंदिरा गांधी
शादी से पहले महारानी गायत्री देवी का ताल्लुक बंगाल के कूचबिहार राजघराने से था.


स्कूल के ज़माने से शुरू हुई थी ईर्ष्या?
गायत्री देवी और इंदिरा गांधी दोनों ही रबींद्रनाथ टैगोर द्वरारा स्थापित शांतिनिकेतन के स्कूल पाठ भवन में साथ पढ़ चुकी थीं और तबसे एक दूसरे से परिचय था. तो क्या दोनों के बीच कहा-सुनी या मनमुटाव इसी दौर से शुरू हुआ था? इसका जवाब हां में देना मुश्किल है क्योंकि इससे जुड़ा कोई दस्तावेज़ नहीं मिलता. लेकिन, खुशवंत सिंह ने जो कुछ दोनों को लेकर लिखा या साक्षात्कारों में कहा, उसके अनुसार इंदिरा गांधी आत्ममुग्ध थीं और अपने से ज़्यादा सुंदर या दर्शनीय महिला को अपने आसपास बर्दाश्त नहीं कर सकती थीं.

खुशवंत सिंह ने एक जगह ये ज़िक्र भी किया है कि संसद में जब गायत्री देवी पहुंची थीं, तब उन्हें देखकर इंदिरा गांधी बेहद असहज ही नहीं बल्कि चिढ़ महसूस कर रही थीं. इसी का नतीजा था कि संसद में इंदिरा ने उन्हें इशारों में गाली देकर 'शीशे की गुड़िया' तक कहा था. इस पर गायत्री देवी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यह इंदिरा के भीतर बदले की भावना रही. अब यहां सवाल खड़ा होता है कि अगर सच में ये कोई बदले की भावना थी तो किस बात का बदला इंदिरा लेना चाहती रहीं?

गायत्री देवी ने कांग्रेस को ठेंगा दिखाया था
असल में, हुआ ये था कि सी. राजगोपालाचारी ने स्वतंत्र पार्टी बनाई थी और इसी पार्टी की प्रत्याशी के तौर पर गायत्री देवी ने जयपुर से लोकसभा चुनाव कांग्रेस के खिलाफ लड़ा था. 1962 में इस चुनाव में न केवल गायत्री देवी जीतीं बल्कि उस समय के हिसाब से 1 लाख 92 हज़ार वोटों के अंतर से उन्हें जो जीत मिली, वो तत्कालीन खबरों के अनुसार वर्ल्ड रिकॉर्ड था. इसके बाद 1967 में फिर जीतने से पहले 1965 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने गायत्री देवी से कांग्रेस पार्टी के साथ आने का प्रस्ताव रखा था.

maharani gayatri devi, maharani gayatri devi life, gayatri devi indira gandhi, gayatri devi sanjay gandhi, emergency indira gandhi, महारानी गायत्री देवी, महारानी गायत्री देवी जीवनी, गायत्री देवी इंदिरा गांधी, गायत्री देवी संजय गांधी, इमरजेंसी इंदिरा गांधी
दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में गायत्री देवी का नाम शुमार रहा. (इस कहानी के सभी चित्र : पिन्ट्रेस्ट से साभार)


गायत्री देवी के पति राजा मानसिंह द्वितीय कांग्रेस सरकार के राजनयिक तक बन चुके थे, इसके बावजूद गायत्री देवी ने कांग्रेस के साथ गठजोड़ से इनकार कर दिया और स्वतंत्र पार्टी के साथ अपना रिश्ता बनाए रखा और लगातार कांग्रेस के खिलाफ लोकसभा चुनाव जीतती रहीं. कहा जाता है कि कांग्रेस की इंदिरा गांधी सरकार ने शाही भत्ते यानी प्रिवी पर्स को संविधान संशोधन कर खत्म करने का जो कदम उठाया था, उसके पीछे गायत्री देवी के साथ चल रही अनबन एक बड़ी वजह थी.

ये भी पढ़ें: तलाक के बाद महाश्वेता देवी ने क्यों की थी खुदकुशी की कोशिश?


जेम्स बॉंड की कार की तरह कई तकनीकों से लैस है अपाचे हेलीकॉप्टर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लॉन्ग रीड से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 29, 2019, 5:02 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...