पड़ोसियों के साथ सीमाओं पर उलझा चीन, भारत के दुश्मन नंबर 1 पर मेहरबान क्यों?

पड़ोसियों के साथ सीमाओं पर उलझा चीन, भारत के दुश्मन नंबर 1 पर मेहरबान क्यों?
चीन और पाकिस्तान के बीच सीमा का खुला होना भारत के लिए चुनौती से कम नहीं. फाइल फोटो.

जिनसे ज़मीनी सीमाएं जुड़ती हैं, उन देशों और जिनसे समुद्री, उन देशों के साथ भी चीन के Border Dispute बने हुए हैं लेकिन पाकिस्तान के साथ चीन (China & Pakistan) का रवैया बड़ा दोस्ताना है. चीन पूरी तरह दादागिरी करते हुए पाकिस्तान की सीमाओं का इस्तेमाल कर रहा है और भारत के लिए ये अच्छे संकेत नहीं हैं.

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आबादी के हिसाब से अव्वल और क्षेत्रफल के हिसाब से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश China ज़मीनी सीमाएं रिकॉर्ड 14 देशों के साथ साझा करता है. North Korea, Russia, मंगोलिया, India, Bhutan, Nepal, Pakistan, अफगानिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, कज़ाकस्तान, लाओस, म्यांमार, वियतनाम. इनमें से ज़्यादातर देशों के साथ चीन Border Disputes में किसी तरह उलझा हुआ है. लेकिन, भारत चीन संबंधों में रणनीतिक महत्व वाले पाकिस्तान के साथ चीन का सीमा विवाद न होना (बल्कि मज़बूत रिश्ते होना) भारत के लिहाज़ से चुनौती ही है.

Ladakh में Galwan Valley में पिछले दिनों हुए India China Face-Off के बाद सीमा पर तनाव के हालात हैं. भारत के उत्तरी हिस्से में ही चीन के अलावा पाकिस्तान के साथ मिलने वाली सीमाएं भी संवेदनशील रही हैं और अब भी हैं. साथ ही, भारत के इसी हिस्से के पास चीन और पाकिस्तान भी सीमाएं साझा करते हैं. पहले जानें कि किन देशों के साथ चीन के कैसे सीमा विवाद हैं और फिर पाकिस्तान के साथ उसके रिश्ते को समझें.

भूटान और नेपाल की ज़मीन पर चीन की नज़र
अतिक्रमण, कंस्ट्रक्शन और पैट्रोलिंग की आड़ में जैसे चीन ने डोकलाम में ज़मीन हथियाने की कोशिश की थी, ठीक उसी तरह भूटान के चारागाह जैसी ज़मीनों पर भी चीन नज़र रखता है और ऐसे विवाद खड़े करता रहता है. दूसरी तरफ, नेपाल ने अपने ताज़ा सर्वे में माना है कि चीन उसकी ज़मीनों पर अति​क्रमण कर रहा है.
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पाकिस्तान पीएम इमरान खान चीनी राष्ट्रपति शी जि​नपिंग के साथ. फाइल फोटो.


ताईवान के साथ चीन का ताज़ा विवाद
चीन लंबे समय से ताईवान को अपना हिस्सा बताता रहा है और कई वैश्विक संस्थाओं में समय समय पर उसका विरोध करता रहा है. खबरों की मानें तो करीब दस दिन पहले अमेरिका ने प्रशांत महासागर में भारी समुद्री लड़ाका बेड़ा इसलिए उतारा है ताकि चीन अगर ताईवान पर हमला करे तो उसे रोका जा सके.

दक्षिणी चीन समुद्र में कई विवाद
कई संसाधनों का खज़ाना कहे जाने वाले साउथ चाइना सी पर चीन की नज़र गड़ी हुई है. इस समुद्र को चीन ने जंग का मैदान बना रखा है. ताईवान, ब्रूनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीन्स और वियतनाम जैसे देशों के साथ यहां द्वीपों और समुद्री इलाकों को लेकर चीन के विवाद चल रहे हैं.

पूर्वी चीन समुद्र में चीन के दावे
यहां एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन से जुड़े विवादों में चीन की उठापटक उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ चलती रही है. कई देशों के साथ चीन के सीमा विवादों पर केंद्रित एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक जापान के द्वीपों पर चीन दावे करता है और इसी चक्कर में कई देशों के साथ इस समुद्र में चीन के तनाव चलते रहते हैं.

पाकिस्तान पर मेहरबान है चीन
भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर का मुद्दा न सुलझ पाने, 1962 में भारत चीन युद्ध होने और अक्साई चीन हथिया लेने के बाद 1963 में चीन ने पाकिस्तान के साथ सीमाओं को लेकर एक समझौता किया था जिसके तहत पाकिस्तान ने चीन को शक्सगाम घाटी का बड़ा इलाका चीन को दे दिया था, जिसे ट्रांस काराकोरम ट्रैक्ट के नाम से जाना जाता है.

चीन और पाकिस्तान के बीच फिलहाल एक केवल एक बॉर्डर क्रॉसिंग है,​ जिसे खूंजेराब पास कहते हैं. काराकोरम हाईवे के ज़रिये यह रास्ता है. इससे पहले मिनटका पास और किलिक पास का भी इस्तेमाल दोनों देश आवाजाही के लिए करते थे, लेकिन ये रास्ते बंद हो चुके हैं.

क्यों पाकिस्तान पर मेहरबान है चीन?
भारत के खिलाफ चीन के लिए पाकिस्तान एक ​हथियार रहा है. चीन ने पाकिस्तान के साथ व्यापारिक और रक्षा समझौते किए हैं. पाक चीन इकोनॉमिक कॉरिडोर हो या पाकिस्तान को न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट के लिए भारी मदद देना हो, चीन हमेशा पाकिस्तान की उन ज़रूरतों को पूरा करता रहा है, ​जो रणनीतिक महत्व की रही हैं. इसके पीछे अस्ल कारण है चीन की तेल की सप्लाई का वैकल्पिक रूट.

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खूंजेराब पास पर बने पाकिस्तान चीन मैत्री स्मारक का चित्र विकिकॉमन्स से साभार.


चीन तेल और ईंधन का बड़ा कारोबार और आयात पर्शियन गल्फ से करता है. इसके लिए समुद्री रास्ता बहुत लंबा है और चूंकि चीन के संबंध कई देशों के साथ तनावपूर्ण हैं इसलिए यहां उसके बेड़ों पर हमले की आशंकाएं बनी रहती हैं. इसके विकल्प के तौर पर पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट के ज़रिये ये सप्लाई लेने की योजनाएं रखता है. ग्वादर पोर्ट का ऑपरेशनल अधिकार ले चुका चीन अब पाकिस्तान से रेलवे और सड़क नेटवर्क के भारी भरकम प्रोजेक्टों के तहत तेल की सप्लाई के लिए यह रास्ता बना रहा है.

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पाकिस्तान में चलता है चीन का सिक्का?
जी हां, पाकिस्तान में 20 रुपए का एक सिक्का 2015 में जारी किया गया था, जिस पर चीन और पाक के झंडे थे यानी दोनों की दोस्ती का प्रतीक. यह महज़ एक तथ्य है लेकिन इस दोस्ती का सच यही है कि पाकिस्तान की ज़रूरतें पूरी करने में चीन का बड़ा हाथ है. इस मदद के बदले वो अपना उल्लू सीधा करने और भारत के खिलाफ पाकिस्तान का इस्तेमाल करने में लगा रहता है और ज़रूरत पड़ने पर पाकिस्तान भी चीन की मदद से पीछे ह​टने वाला नहीं है.
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