नई नवेली दुल्हन की तरह राफेल एयरफोर्स में ऐसे शामिल होगा

नई नवेली दुल्हन की तरह राफेल एयरफोर्स में ऐसे शामिल होगा
एयरफोर्स में औपचारिक तौर पर गुरुवार को राफेल शामिल होगा.

जैसे दुल्हन की अगवानी की जाती है, वैसे ही राफेल की अगवानी (Welcome Rafale) अंबाला एयरबेस (Ambala Air Base) पर होगी. बाकायदा एस्कॉर्ट करते हुए राफेल विमान को लाया जाएगा. दुल्हन पर पुष्पवर्षा होती है, राफेल पर जलवर्षा होगी, तमाम पूजा पाठ होंगे और घूंघट भी उठाया जाएगा. जानिए राफेल का इंडक्शन (Rafale Induction Ceremony) कार्यक्रम कैसे संपन्न होगा.

  • News18India
  • Last Updated: September 10, 2020, 7:58 AM IST
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फ्रांसीसी तकनीक (French Technology) पर आधारित लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना के जंगी बेड़े में औपचारिक तौर पर गुरुवार को एक भव्य समारोह (Induction Ceremony) में शामिल होने जा रहे हैं. नंबर प्लेटेड 17 स्क्वाड्रन, गोल्डन ऐरोज़ (17 Squadron 'Golden Arrows') में शामिल होने जा रहे राफेल विमानों की पहली खेप भारत को बीते जुलाई महीने के आखिर में मिल गई थी. इन्हें वायुसेना (Air Force) में शामिल करने के लिए होने वाले कार्यक्रम में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली (Florence Parley) मुख्य तौर पर मौजूद रहेंगे.

ऐसी भी खबरें आई थीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अंबाला एयरबेस पर होने जा रहे इस इंडक्शन कार्यक्रम में शिरकत कर सकते हैं. इस कार्यक्रम में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, वायुसेना प्रमुख आर के एस भदौरिया, और रक्षा सचिव अजय कुमार शिरकत करेंगे. ये भव्य समारोह किस तरह संपन्न होगा? यानी क्या आपको पता है कि जंगी विमानों को औपचारिक तौर पर कैसे एयरफोर्स में शामिल किया जाता है?

नये सिरे से रंग रोगन, साज सज्जा
सशस्त्र बलों में परंपराएं जल्दी नहीं बदला करतीं. राफेल के एयरफोर्स में इंडक्शन के लिए पूरे एयरबेस को पूरी तरह साफ सुथरा किया जा रहा है. इस तरह के किसी भी जंगी विमान के इंडक्शन के समय बेस में सड़कों के किनारे झंडे लगाए जाते हैं. पूरी साफ सफाई के बाद हर चीज़ को सजाया जाता है, जो चीज़ें अचल हैं, उन्हें नये सिरे से पेंट किया जाता है.
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अंबाला एयरबेस पर राफेल के इंडक्शन के लिए तैयारियां ज़ोरों पर हैं.




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किसी शादी से कम नहीं है
एयरफोर्स के अंबाला बेस राफेल के इंडक्शन के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और कार्यक्रम की तैयारियां ज़ोरों पर हैं. वायु सेना का पूरा स्टाफ अपनी सबसे बेहतरीन यूनिफॉर्म को तैयार कर रहा है, तो तमाम वाहनों को बेदाग किया जा रहा है. यह पूरा आयोजन किसी शादी जैसा होता है और जो विमान बेड़े में शामिल हो रहा होता है, वो दुल्हन की तरह लगता है.

राफेल और तेजस के हवाई करतब
वायुसेना के एक प्रवक्ता ने कार्यक्रम को बल के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर करार देते हुए कहा 'कार्यक्रम के दौरान राफेल विमान का औपचारिक अनावरण किया जाएगा. राफेल और तेजस विमान हवाई करतब दिखाएंगे.' इससे पहले शो की शुरूआत में पूरा स्क्वाड्रन कतार में खड़े होकर 'गार्ड ऑफ ऑनर' देगा.

ऐसे आएगी 'नई नवेली दुल्हन'
'गार्ड ऑफ ऑनर' के अलावा, राफेल की अगवानी के लिए वॉटर गन सलामी दी जाएगी. राफेल की अगवानी के लिए टैक्सी ट्रैक पर फायर टेंडर तैनात रहेंगे. इंडक्शन फ्लायपास्ट के बाद सभा के आखिर में एक समारोह होगा, जिसकी तैयारी स्क्वाड्रन कई बार कर चुका है. लैंडिंग के वक्त राफेल को फायर टेंडर्स के ज़रिये जब ले जाया जाएगा, तब दोनों तरफ वॉटर कैनन से पानी की बौछार की जाएगी और राफेल वायु सेना में शामिल हो जाएगा.

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औपचारिक कार्यक्रम के बाद स्क्वाड्रन अपने स्तर पर भी स्वागत कार्यक्रम करता है.


अस्ल में यह नौसेना की पुरानी परंपरा है, जिसे अपनाया जा चुका है और यह सिविल एविएशन में भी अपनाई गई. इस पूरे आयोजन के बाद 'सर्वधर्म प्रार्थना' की परंपरा निभाई जाएगी. इस प्रार्थना सभा में पंडित, मौलवी, ग्रंथी और पादरी सभी सामूहिक तौर पर राफेल के सफल भविष्य के लिए प्रार्थना करेंगे.

चाबी और स्मृति चिह्न
प्रार्थना सभा के बाद कुछ भाषण और वक्तव्यों का सिलसिला चलेगा और फिर यूनिट के कमांडिंग अफसर को राफेल की एक बड़ी सी प्रतीक चाबी दी जाएगी, जैसे कार के शोरूम में दी जाती है. इसके बाद स्मृति चिह्नों का आदान प्रदान किया जाएगा. सभा के बाद राफेल के साथ जितने भी नये उपकरण और हथियार एयर फोर्स के बेड़े में शामिल हुए हैं, तमाम अतिथि उन सबको एक प्रदर्शनी में देख सकेंगे.

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चूंकि यह कोविड 19 महामारी का समय है, इसलिए सीमित लोग और पत्रकार ही शामिल होंगे. आमंत्रित सम्मानित अतिथि स्वल्पाहार के बाद विदा होंगे, लेकिन एयरबेस में समारोह आगे चलता रहेगा. सीओ खुद अपने स्तर पर राफेल का स्वागत और पूजा करेंगे. सीओ के साथ ही जो वायु सैनिक राफेल के साथ संबद्ध होंगे, वो भी इसकी अगवानी और अनावरण करेंगे.

चूंकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना है इसलिए ऑफिसर्स मेस में शायद जश्न न हो, लेकिन स्क्वाड्रन स्तर पर जवान आपसी उत्साह में कुछ तो रस्म अदायगी करेंगे ही. (फरवरी 2020 में रिटायर हुए एयर कॉमडोर नितिन साठे के लेख के साथ ही ये तमाम जानकारियां कई स्रोतों से जुटायी गई हैं.)
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