क्या है क्लस्टर बम, जिसे लेकर पाकिस्तान बोल रहा है झूठ

पाकिस्तान ने कहा कि भारत ने जान बूझकर पाक के आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया और भारत ने इस आरोप को नकारा. सवाल ये है कि आखिर क्या होते हैं क्लस्टर बम, जिनके उपयोग पर कई देशों में बैन लगाया है.

News18Hindi
Updated: August 4, 2019, 7:58 PM IST
क्या है क्लस्टर बम, जिसे लेकर पाकिस्तान बोल रहा है झूठ
2016 में सीरिया में क्लस्टर बमों की ली गई तस्वीर. फाइल फोटो.
News18Hindi
Updated: August 4, 2019, 7:58 PM IST
एक तरफ कश्मीर में सुरक्षा दस्तों की लगातार तैनाती चर्चा में है और दूसरी तरफ, सीमा यानी एलओसी पर भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी की खबरें भी हैं. हालिया गोलीबारी और भारत द्वारा घुसपैठियों को मार गिराने के बाद पाकिस्तान ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारत ने जान बूझकर क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया और पाकिस्तान के आम निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की कोशिश की. भारत ने साफ कहा कि यह पाकिस्तान का एक और झूठ है.

पढ़ें : ममता के खेवैया बने 'पीके' ने किस-किसकी नैया लगाई है पार?

भारत और पाक के बीच इस विवाद के चलते यह दिलचस्पी ज़रूर पैदा हुई कि क्लस्टर बम आखिर होते क्या हैं. जानिए क्लस्टर बम क्यों और कितने घातक हैं और क्यों इन्हें दुनिया के कई देशों ने प्रतिबंधित हथियार घोषित कर रखा है.

ये हैं क्लस्टर बम और इनके प्रयोग

क्लस्टर ज़खीरे को क्लस्टर बम के नाम से भी जाना जाता है. हथियारों के नियंत्रण के लिए अमेरिका बेस्ड परामर्श समूह शस्त्र नियंत्रक एसोसिएशन के मुताबिक क्लस्टर ज़खीरे में ग्रैविटी बम, तोपों की शेल्स और रॉकेट के ज़रिए हमला किया जाता है, जिसमें कई छोटे बम दूर दूर तक जाकर गिरकर फटते हैं. यानी बड़े क्षेत्र में जगह जगह बमबारी की जा सकती है.

ज़रूरी जानकारियों, सूचनाओं और दिलचस्प सवालों के जवाब देती और खबरों के लिए क्लिक करें नॉलेज@न्यूज़18 हिंदी

जब इस हथियार के ज़रिए फायरिंग की जाती है, तो हवा में क्लस्टर बमों का कंटेनर खुलता है और कई बम हवा में छिटककर दूर तक जाकर गिरते हैं. इस कंटेनर में क्षमता अनुसार कुछ दर्जनों से लेकर 600 बम तक हो सकते हैं. इनमें से कुछ बम जो फट नहीं पाते हैं, वो माइन्स की तरह ज़मीन पर पड़े रहते हैं, जिनसे आम नागरिकों को खतरा हो सकता है. निरस्त्रीकरण मामलों पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय की मानें तो क्लस्टर हथियार सामग्री का असर 'बड़े स्तर पर' होता है, जिससे निशाने पर लिये गए क्षेत्र में रहने वाले आम लोग भी नुकसान की चपेट में आते हैं.
Loading...

Cluster bombs, what is cluster bomb, india pakistan relations, india pak border tension, india pak border firing, क्लस्टर बम, क्लस्टर बम क्या है, भारत पाकिस्तान संबंध, भारत पाक सीमा विवाद, भारत पाक गोलीबारी
भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पास आम लोगों पर क्लस्टर बमों से हमले जुड़े पाकिस्तान के आरोपों को 'झूठ और छल' करार दिया. फाइल फोटो.


दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान सबसे पहले इस तरह के हमले और हथियार का प्रयोग किया गया था. तबसे इसका इस्तेमाल इसलिए होता है ताकि बड़े इलाके में फैली दुश्मन की कई टुकड़ियों या चौकियों को ध्वस्त किया जा सके.

इसलिए अवैधानिक हैं क्लस्टर बम
रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति अनुमान लगा चुकी है कि पिछले कुछ समय में क्लस्टर बमों के इस्तेमाल की घटनाओं के दौरान 10 से 40 फीसदी तक हथियार नाकाम रहे. नाकाम रहने का अर्थ ये था कि कंटेनर से निकले बम फटे नहीं और बड़े इलाके में इधर उधर लैंडमाइन के तौर पर गिर पड़े. इनके कारण रिहायशी इलाके के लोगों और राहत व बचाव कार्य करने वालों के लिए लंबे समय तक खतरा बना रहता है क्योंकि ज़रा सी असावधानी या छेड़छाड़ से ये फट सकते हैं.

क्लस्टर हथियारों की मॉनिटरिंग करने वाली एक संस्था की 2017 की रिपोर्ट में कहा गया था कि 1990 से क्लस्टर हथियारों से मरने वालों की संख्या 21 हज़ार 200 रही, जिनमें से ज़्यादातर आम नागरिक थे. टाइम्सनाव की एक खबर के मुताबिक़ क्लस्टर हथियारों पर हुए सम्मेलन में एक अंतर्राष्ट्रीय समझौते के तहत क्लस्टर बमों के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया गया था. हालांकि भारत और पाकिस्तान दोनों ने ही इस समझौते पर दस्तखत नहीं किए थे.

ये भी पढ़ें:
बारिश से आख़िर क्यों बार-बार मुंबई के सामने खड़ी होती है आफ़त?
जानिए कहां और कब इस्तेमाल किया जाता है किस रंग का झंडा?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पाकिस्तान से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 4, 2019, 6:14 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...