ज़्यादा पानी पीना क्यों ठीक नहीं? जानें क्या होती हैं दिक्कतें और मौत भी है मुमकिन

ज़्यादा पानी पीना भी जानलेवा हो सकता है. ऐसी किसी सलाह से बचें कि बेतहाशा पानी पीना चाहिए. ज़्यादा पानी पीने से होने वाली समस्याओं के बारे में जानें.

News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 3:10 PM IST
ज़्यादा पानी पीना क्यों ठीक नहीं? जानें क्या होती हैं दिक्कतें और मौत भी है मुमकिन
ज़्यादा पानी पीना भी जानलेवा हो सकता है.
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Updated: July 15, 2019, 3:10 PM IST
बेशक, पानी हमारे जीवन के लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी चीज़ है. इसलिए तो चांद समेत और अन्य ग्रहों पर भी पानी ही खोजा जा रहा है. हमारे शरीर में 60 फीसदी से भी ज़्यादा तत्व पानी ही है और दिमाग का करीब 75 फीसदी हिस्सा भी. बगैर पानी के हम यानी मनुष्य कुछ दिन से ज़्यादा ज़िंदा नहीं रह सकते. लेकिन, सवाल ये है कि क्या ज़्यादा पानी पीना संभव है? और है तो कितना? और ये भी कि ज़रूरत से ज़्यादा पानी पी लेने से क्या नुकसान हो सकते हैं? पिछले कुछ दिनों से इस तरह के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें बताया जा रहा है कि ज़्यादा पानी पीना सेहत के लिए नुकसानदायक है.

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वैज्ञानिक शोधों के हिसाब से जानें कि ज़्यादा पानी पीने से शरीर में किस तरह की प्रक्रियाएं होती हैं और फिर क्या नतीजे होते हैं. ज़्यादा पानी पी लेना संभव है लेकिन ये जानलेवा भी साबित हो सकता है, लेकिन कुछ खास स्थितियों में. हायपोनाट्रेमिया नाम की एक समस्या पैदा होती है, जिसे आसान शब्दों में आप कह सकते हैं कि पानी आपके शरीर में उन्माद पैदा कर देता है. आइए जानें कि ज़्यादा पानी पीने से क्या हो सकता है.

क्या है हायपोनाट्रेमिया?

अगर आप बहुत कम वक्त के भीतर बहुत ज़्यादा पानी पी लेते हैं तो ये समस्या हो सकती है. ये समस्या उस समस्या का भयानक रूप ले सकती है, जिसे आप ज़रूरत से ज़्यादा पानी पी लेने पर महसूस करते हैं. हायपोनाट्रेमिया एक इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन है. सामान्य रूप से आपके शरीर में जो खून बहता है, उसमें 135 से 145 एमईक्यू प्रति लीटर सोडियम की मात्रा होती है. खून में सोडियम का होना बेहद ज़रूरी है. लेकिन ज़्यादा पानी पी लेने से खून में सोडियम की मात्रा घट जाती है और खतरनाक स्थिति में ये जानलेवा साबित हो सकता है.

ऐसे में होता ये है कि किडनियां ज़्यादा पानी को प्रक्रिया में नहीं ले पातीं. किडनियों से न छन पाने के कारण ये पानी खून में शामिल होकर खून को पतला करने लगता है. खून के साथ ही ये कोशिकाओं में शामिल हो जाता है, जिससे सूजन के लक्षण दिख सकते हैं और दिमाग को जानलेवा खतरा तक पैदा हो सकता है.

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ज़्यादा पानी किडनियों से न छन पाने के कारण वो खून को पतला करने लगता है.

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क्या होता है ओवरहाइड्रेशन?
हायपोनाट्रेमिया से पहले एक समस्या पेश आम तौर पर आती है, जिसे ओवरहाइड्रेशन कहा जाता है. ज़्यादा पानी पी लेने की वजह से अगर आपके शरीर के तापमान, अपशिष्ट निष्कासन और अपच जैसे लक्षण दिखते हैं, तो इन्हें ओवरहाइड्रेशन माना जा सकता है. ओवरहाइड्रेशन के बाद हायपोनाट्रेमिया की स्थिति आ सकती है, अगर इलेक्ट्रोलाइट्स तेज़ी से ज़्यादा मात्रा में घटने लगते हैं, तो जानलेवा हालत भी हो सकती है.

उतना ही पानी पिएं, जितनी प्यास है
ऐसी सूचनाओं या हिदायतों से बचें, जो कहती हैं कि बेतहाशा पानी पीना चाहिए. बिल्कुल नहीं. पानी उतना ही पीना चाहिए, जितनी प्यास हो और आपके शरीर की ज़रूरत हो. हर शरीर की ज़रूरत अलग है. मौसम के हिसाब से, वर्कआउट के हिसाब से या शरीर में कुछ और शिकायतों के मद्देनज़र हर व्यक्ति के लिए पानी की अलग मात्रा सही है.

आम तौर से माना जाता है कि एक घंटे में एक लीटर तक पानी पिया जा सकता है, लेकिन यह अनुमान भी अनुमान ही है, जो हर शरीर के हिसाब से नहीं है. एक और अनुमान है कि दिन भर में चार से आठ लीटर तक पानी पीना ठीक है. ये अनुमान सटीक के नज़दीक हैं, फिर भी अपने शरीर की ज़रूरत को समझें या अपने भरोसेमंद जानकार से परामर्श कर पानी पीने की आदतें ठीक करें.

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First published: July 15, 2019, 2:41 PM IST
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