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रिश्तों में मलेशिया ने कैसे घोली मिठास कि भारत ने फिर शुरू की तेल खरीद

News18India
Updated: May 22, 2020, 8:10 PM IST
रिश्तों में मलेशिया ने कैसे घोली मिठास कि भारत ने फिर शुरू की तेल खरीद
मलेशिया से कच्चे खाद्य तेल यानी पाम आइल का आयात भारत ने शुरू किया.

इस साल जनवरी महीने में भारत और मलेशिया के आपसी रिश्तों (India-Malaysia Relations) में तब तनाव पैदा हो गया था, जब मलेशिया के प्रधानमंत्री ने भारत के आंतरिक मामलों को लेकर तल्ख प्रतिक्रिया दी थी. इसके बाद से दोनों देशों के बीच कारोबारी रिश्ते (Trade Ties) लगभग ठप पड़े थे. जानिए​ कि स्थितियां अब कैसे सुधर रही हैं?

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भारत (India) ने मलेशिया से खाद्य तेल (Edible Oil) के आयात को फिर मंज़ूरी देते हुए इस साल जनवरी महीने से बना हुआ गतिरोध खत्म किया. अस्ल में, मलेशिया (Malaysia) ने जनवरी महीने में भारत के अंदरूनी मामलों (Internal Matters) पर विरोधी प्रतिक्रिया दी थी, जिसके चलते दोनों देशों के बीच खटास पैदा हुई थी और भारत ने मलेशिया से बड़ा आयात (Import) बंद कर दिया था. जानिए कि चार महीनों में ऐसा क्या हुआ कि दोनों देशों के बीच रिश्ते फिर बहाल होने की तरफ हैं.

पढ़ें : मुस्लिम देशों से क्यों बिगड़ रहे हैं भारत के संबंध?

1. क्योंकि एक देश पर निर्भर रहना ठीक नहीं
मलेशिया के साथ चल रहे गतिरोध के कारण भारत खाद्य तेल यानी पाम आइल की खरीदी इंडोनेशिया से कर रहा था. रायटर्स, ईटी, स्वराज्य और सीएनबीसी जैसे समाचार समूहों ने रिपोर्ट किया है कि भारत और मलेशिया के रिश्ते सुधरने के बाद मलेशिया से कच्चे तेल की खरीदी शुरू होने जा रही है. खबरों की मानें तो भारत खाद्य तेल के लिए सिर्फ इंडोनेशिया के भरोसे नहीं रहना चाहता था.



2. क्योंकि स्टॉक में आई कमी


कारोबारियों के हवाले से खबरों में कहा गया है कि बंदरगाहों पर पड़े स्टॉक में भारी गिरावट के बाद खरीदी शुरू की गई है. मलेशिया से दो लाख टन कच्चे पाम तेल की खरीदी जून और जुलाई में सभावित है.

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मलेशिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री म​हातिर ने भारत के खिलाफ प्रतिक्रिया दी थी. फाइल फोटो.


3. क्योंकि मलेशिया की कीमतें कम हैं
इंडोनेशिया की तुलना में मलेशिया से यह तेल लेना भारत को सस्ता पड़ रहा है. इंडोनेशिया में खाद्य तेल पर निर्यात कर बढ़ाए जाने के कारण 5 डॉलर प्रति टन अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है जबकि इसकी तुलना में मलेशिया से तेल लेने पर 15 डॉलर प्रति टन की छूट का फायदा भारतीय कारोबारियों को मिल रहा है.

4. क्योंकि सत्ता के साथ बदली मलेशिया की सोच
मलेशिया और भारत के बीच रिश्ते बेहतर होने की बड़ी वजह मलेशिया में सत्ता परिवर्तन रहा है. महातिर मोहमद के हटने और मुहियिद्दीन यसीन के प्रधानमंत्री बनने के बाद से रिश्ते बेहतर हुए हैं क्योंकि मलेशिया ने दोस्ती का हाथ बढ़ाने की पहल की. यसीन सरकार ने गुरुवार को कहा कि मलेशिया भारत के साथ न​ सिर्फ व्यापारिक बल्कि कूटनीतिक रिश्ते बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध है.

इससे पहले महातिर और उनकी सरकार ने सीएए और कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को लेकर भारत के खिलाफ प्रतिक्रिया दी थी. साथ ही, ज़ाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर भी मलेशिया ने भारत का साथ नहीं दिया था. दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हुआ था और आपसी कारोबार प्रभावित हुआ.

5. क्योंकि मलेशिया ने भी खरीदी बढ़ाई
यसीन ने दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए कहा कि भारत के साथ बेहतर रिश्ते बनाए रखना मलेशिया के लिए महत्वपूर्ण है. साथ ही, भारत से शकर और चावल की ज़्यादा खरीदी के लिए भी मलेशिया ने पहल की. दो महीनों में मलेशिया रिकॉर्ड एक लाख टन चावल भारत से खरीदेगा. यह हर साल के औसत से करीब दोगुनी खरीदी है. इस साल भारत से पहले से ज़्यादा शकर की खरीदी की पहल भी मलेशिया कर चुका है.

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First published: May 22, 2020, 5:27 PM IST
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