जेपी के छात्र से लेकर 'सुशासन बाबू' व 'सिंगल मैन' तक नीतीश कुमार

जेपी के छात्र से लेकर 'सुशासन बाबू' व 'सिंगल मैन' तक नीतीश कुमार
न्यूज़18 क्रिएटिव

इसी साल अक्टूबर में होने जा रहे बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2020) के मद्देनज़र बिहार के मुख्यमंत्री (Bihar CM) नीतीश कुमार स्वाभाविक रूप से चर्चा के केंद्र में हैं. उनके बारे में ज़रूरी फैक्ट्स, व्यक्तित्व और रोचक किस्सों के साथ ये भी जानिए कि नीतीश की आलोचना भी क्यों होती रही.

  • News18India
  • Last Updated: September 10, 2020, 4:33 PM IST
  • Share this:
बिहार में इस साल अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनावों (Assembly Elections in BIhar) को लेकर सुगबुगाहट के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार सुर्खियों में हैं. जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कद्दावर नेता नीतीश बिहार की तस्वीर बदलने वाले सीएम कहलाते रहे हैं. सड़क निर्माण से लेकर महिला शिक्षा, गांवों तक बिजली पहुंचाने, प्राइमरी हेल्थ सिस्टम सुधार, कानून व्यवस्था सुधार और और बिहार के लोगों की आय बढ़वाने के कारण नीतीश एक समय में सुशासन बाबू (Sushasan Babu) के नाम से पहचाने गए थे.

बिहार की राजनीति में पिछले 15 सालों से मुख्य भूमिका निभा रहे नीतीश कुमार आखिर कैसे व्यक्ति हैं? 2014 से पहले तक नरेंद्र मोदी की टक्कर के नेता और प्रधानमंत्री पद तक के लिए दावेदार माने जा चुके नीतीश कुमार के बारे में कुछ रोचक किस्सों के साथ ही ये भी जानिए कि उनकी आलोचना किन कारणों से होती रही है.

bihar assembly election 2020, bihar election date, nitish kumar party, nitish kumar son, nitish kumar biography, बिहार चुनाव 2020, नीतीश कुमार पार्टी, नीतीश कुमार का बेटा, नीतीश कुमार का जीवनी, बिहार चुनाव कब है
Network18 क्रिएटिव




एक नज़र में नीतीश कुमार
* नीतीश के पिता कविराज रामलखन सिंह एक वैद्य और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे. उनकी मां का नाम परमेश्वरी देवी था और नीतीश खेती किसानी से जुड़ी कुर्मी जाति से ताल्लुक रखते हैं.
* बिहार कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद आधे मन से उन्होंने बिजली बोर्ड में नौकरी की थी, लेकिन जल्द ही वो राजनीति में आ गए.
* जयप्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया, एसएन सिन्हा, कर्पूरी ठाकुर और वीपी सिंह जैसे दिग्गजों के मार्गदर्शन में नीतीश कुमार ने 1971 में राजनीति की शुरूआत लोहिया की यूथ विंग समाजवादी युवजन सभा से जुड़कर की थी.

ये भी पढ़ें :- किन-किन देशों में खुल चुके हैं स्कूल और कैसा है हाल?

* 1985 में पहली बार विधायक और 1989 में पहली बार सांसद बनने के बाद नीतीश पांच बार संसद पहुंचे तो कुल छह बार बिहार के मुख्यमंत्री बने. साल 2000 में पहली बार सीएम बनने के बाद से बीच में अगर 10 महीने का वक्त छोड़ दिया जाए तो पिछले 15 सालों से नीतीश बिहार के सीएम हैं.
* कई समाचार समूहों और फोर्ब्स व फॉरेन पॉलिसी जैसी पत्रिकाएं समय समय पर नीतीश को सम्मानित कर राजनीति का अग्रणी चेहरा करार देती रही हैं. नीतीश की अब तक की आधिकारिक जीवनी का टाइटल 'सिंगल मैन' उनके बारे में काफी कुछ कहता है.

ऐसी है नीतीश की पर्सनल लाइफ
नीतीश को घर में प्यार मुन्ना नाम से पुकारा जाता रहा. शराब और सिगरेट जैसी आदतों से दूर रहने वाले नीतीश को ​किताबें पढ़ने का शौक रहा है. एक समय में उन्हें फिल्में देखना बहुत पसंद था और वह राज कपूर व वैजयंती माला की फिल्में ज़रूर देखा करते थे. 1973 में नीतीश की शादी मंजू कुमारी सिन्हा के साथ हुई थी. उनके एक बेटा निशांत है, लेकिन पत्नी अब नहीं हैं.

बिहार की राजनीति और नीतीश
1970 के दशक में देश भर में चर्चित रहे बिहार आंदोलन के प्रोडक्ट रहे नेता ही आधुनिक बिहार के प्रमुख चेहरे बनकर सामने आए. इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ स्टूडेंट्स और युवाओं को साथ लेकर लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने जो आंदोलन छेड़ा था, वहां से लालू प्रसाद यादव, रामविलास पासवान, सुशील कुमार मोदी, बशिष्ठ नारायण सिंह, शहाबुद्दीन जैसे युवाओं के साथ ही, नीतीश का सियासी करियर भी शुरू हुआ था.

ये भी पढ़ें :-

वो हिंदू, जो अयोध्या में 'बाबरी मस्जिद' कॉम्प्लेक्स का क्यूरेटर होगा

नई नवेली दुल्हन की तरह राफेल एयरफोर्स में ऐसे शामिल होगा

साल 1989 में जब जनता दल का गठन हुआ, तब नीतीश महासचिव बनाए गए. बिहार की राजनीति में नाम कमा रहे नीतीश केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री भी रहे. वहीं, 1994 में जॉर्ज फर्नांडीस के साथ मिलकर नीतीश ने समता पार्टी बनाई थी, हालांकि यह पार्टी 2003 में जनता दल में विलय हो गई और फिर नया नाम जनता दल यूनाइटेड हुआ. फिलहाल शरद यादव और नीतीश कुमार जनता दल के सबसे बड़े नेता हैं.

क्यों होती है नीतीश की आलोचना?
बिहार में सुशासन के लिए चर्चित रह चुके नीतीश कुमार अपने बर्ताव और नीतियों को लेकर आलोचना के शिकार भी होते रहे हैं. खबरों की मानें तो बिहार के विकास पुरुष को समय समय पर कई तरह के आरोप झेलने पड़े हैं.

bihar assembly election 2020, bihar election date, nitish kumar party, nitish kumar son, nitish kumar biography, बिहार चुनाव 2020, नीतीश कुमार पार्टी, नीतीश कुमार का बेटा, नीतीश कुमार का जीवनी, बिहार चुनाव कब है
नीतीश सरकार को निशाना बनाने के लिए आरजेडी ने इस तर​ह के पोस्टर लगवाए थे.


  • बिहार में जाति के आधार पर वोटों की राजनीति के लिए जातिगत आधार पर वर्गीकरण करवाने का आरोप लगा.

  • इस वर्गीकरण के चलते नीतीश पर आरोप था कि रामविलास पासवान के साथ व्यक्तिगत तकरार के कारण 'पासवान' जाति को उन लाभों से वंचित किया गया जो अन्य अनुसूचित जातियों को मिले.

  • सीएम हाउस में सरकारी फंड से इफ्तार पार्टी कराने वाले नीतीश को तुष्टिकरण के आरोप झेलने पड़े.

  • चुनावों से नीतीश को डर लगता है, ऐसा भी कहा गया और यह भी कि नीतीश सत्ता के लिए कोई भी समझौता करने से परहेज़ नहीं करते.

  • नीतीश को बेहद आत्मकेंद्रित नेता कहा जाता है और इसी कारण उन्हें जनता दल के पतन का ज़िम्मेदार भी माना गया था.

  • पासवान का किस्सा हो, मोदी के साथ फोटो को लेकर डिनर पार्टी रद्द करने की घटना हो, बाढ़ पीड़ितों के लिए गुजरात की मदद से इनकार हो, मांझी की सीएम पद से विदाई की घटना हो, अक्सर नीतीश पर इल्ज़ाम रहे हैं कि वो बेहद अक्खड़पने, घमंड और ईगो से काम लेते रहे.


बहरहाल, बिहार से अपराध और भ्रष्टाचार को कम करने, शराबबंदी जैसी व्यवस्था लागू करवाने और शिक्षा व आय के मामले में बिहार को देश के नक्शे पर सम्मान दिलवाने के लिए नीतीश की तारीफ जी खोलकर सबने की. फिर भी कभी लोकसभा चुनाव में बिहार ने नीतीश को सीटों के लिए तरसाया तो कभी नीतीश को सर आंखों पर बिठाकर राज्य में लालू यादव की आरजेडी को हाशिये पर धकेल दिया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज