24 साल पहले आज ही के दिन बजा था पहला मोबाइल फोन, ये हुई थी बातचीत

24 साल पहले देश में पहला मोबाइल फोन कॉल लगाया गया था. पहले कॉल पर किन दो लोगों के बीच बात हुई थी? इसके साथ ये भी जानें कि पहला मोबाइल फोन नेटवर्क कौन सा था और किस उद्योग व उद्योगपति के कारण ये संचार क्रांति संभव हुई थी.

Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 3:13 PM IST
24 साल पहले आज ही के दिन बजा था पहला मोबाइल फोन, ये हुई थी बातचीत
पश्चिम बंगाल के पूर्व सीएम ज्योति बसु और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम.
Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 3:13 PM IST
दुनिया में इस समय मोबाइल फोन के सबसे बड़े बाज़ारों में से भारत प्रमुख देश है. तमाम कंपनियां तमाम तरह के फीचरों वाले फोन लॉंच कर रही हैं. ऐसे में क्या आपको याद है कि 24 साल पहले जब भारत में मोबाइल फोन कॉलिंग सेवा शुरू हुई थी, तब किस मोबाइल फोन कंपनी के कारण ये संभव हुआ था? वो किसकी कंपनी थी? भारत में सिर्फ दो ढाई दशक पुराने इस इतिहास की सैर करें और जानें गेमिंग, वीडियो और एप्स के ज़माने से कुछ ही पहले कैसा ज़माना गुज़र चुका, जिसकी अब याद तक किसी को नहीं है.

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अपने मोबाइल फोन से कॉल करते समय आप कतई ये विचार नहीं करते हैं कि आपकी जेब कितनी ढीली हो रही है. इसकी वजह यही है कि दुनिया में सबसे सस्ती दरों पर मोबाइल फोन कॉल भारत में ही उपलब्ध है. कौड़ियों के दाम आप कॉल्स पर बातें कर रहे हैं, इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन जब 24 साल पहले देश में मोबाइल फोन कॉलिंग सेवा शुरू हुई थी, तब ऐसा नहीं था. मोबाइल फोन पर आने वाले कॉल का भी भारी भरकम चार्ज लगा करता था.

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31 जुलाई 1995. यह वही तारीख़ है, जब देश में मोबाइल फोन से पहला कॉल लगाया गया था. साल 1995 में 31 जुलाई को केंद्र सरकार में तत्कालीन मंत्री सुखराम और पश्चिम बंगाल के सीएम ज्योति बसु के बीच पहला मोबाइल फोन कॉल लगाया गया था और दोनों ने बात की थी. सबसे पहले यही जानें कि आखिर उस पहले कॉल पर क्या बात हुई थी.

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कुछ ऐसा रहा मोबाइल फोन का गुज़रा ज़माना.


'ये देश में सबसे बड़ी क्रांति है'
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दिल्ली स्थित टेलिकम्युनिकेशन्स विभाग से उस वक्त संचार मंत्री सुखराम ने ज्योति बसु को पहला मोबाइल फोन कॉल लगाया था. हिंदू बिज़नेस के मुताबिक़ उस वक्त पश्चिम बंगाल के सीएम बसु कोलकाता स्थित राइटर्स भवन में थे. इस कॉल पर सुखराम ने बसु से कहा था कि वायरलैस तकनीक पर आधारित टे​लीफोन की यह प्रणाली देश में सबसे बड़ी क्रांति साबित होने वाली है. और दोनों ही नेताओं ने इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण माना था. यह पहला कॉल उस समय 16 रुपये प्रति मिनट की दर के हिसाब से लगा था.

कैसे संभव हुई देश में ये संचार क्रांति?
चार साल पहले 2015 में उमंग दास ने इकोनॉमिक टाइम्स के लिए लिखे लेख में पूरी कहानी विस्तार से बताई थी कि कैसे इस संचार क्रांति की कहानी शुरू हुई और अंजाम तक पहुंची. अस्ल में, 1994 में ज्योति बसु ने उद्योगपति भूपेंद्र कुमार मोदी के साथ मुलाकात में कहा था कि कलकत्ता वो शहर हो, ​जहां देश में सबसे पहले मोबाइल नेटवर्क पहुंचे. इसके बाद प्रोजेक्ट काउंटडाउन शुरू हुआ था. बीके मोदी अपनी टेलीकॉम कंपनी मोदी टेल्स्ट्रा के तहत जीएसएम नेटवर्क के लिए काम शुरू कर चुके थे.

इस मुलाकात के बाद बीके मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलियाई पार्टनर टेल्स्ट्रा के अलावा नोकिया से संपर्क कर तकनीकी मदद जुटाई और फिर नौ महीने बाद भारत में भारत में सेल्युलर सेवा का सपना हकीकत बना. इसके बाद चली विकास यात्रा से तो तकरीबन सभी वाकिफ हैं.

अब बीके मोदी के बारे में जानें, कैसे बन गए NRI?
भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में शुमार रहे बीके मोदी ने 70 के दशक में मोदी स्टील कंपनी शुरू की थी. उसके बाद मोदी उद्योग समूह का विस्तार होता गया और 90 के दशक में वह टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े और भारत में संचार क्रांति के प्रमुख सूत्र बने. पहले मोबाइल फोन कॉल के ऑपरेटर समूह के प्रमुख के तौर पर उन्होंने कहा था 'मैं जिस समूह का सहभागी हूं, उसके नेटवर्क पर पहला मोबाइल कॉल लगने का इतिहास रचा गया, ये मेरा सौभाग्य रहा. मैं जब भी उस घटना पर सोचता हूं तो अब भी वो नामुमकिन जैसा लगता है'.

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NRI उद्योगपति भूपेंद्र कुमार मोदी.


इस बीच और इसके बाद बीके मोदी ने कई सेक्टरों में अपना कारोबार फैलाया. स्पाइस डिजिटल और मोदी सिटी जैसे प्रोजेक्टों को लेकर वो काफी चर्चित रहे और फिर सिंगापुर शिफ्ट हो गए. 2013 में उन्होंने ग्लोबल सिटीज़न फोरम की शुरूआत की थी और तकनीक के साथ जीवन को बेहतर और स्वस्थ बनाए रखने का मिशन शुरू किया था. पिछले साल 2018 में बीके मोदी सिंगापुर की कंपनी के साथ मिलकर अपनी कंपनी के ज़रिए भारत में नेचर फ्रेंडली इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोजेक्ट के लिए चर्चा में थे. साथ ही, बीके मोदी लेखक और फिल्म निर्माता भी बन चुके हैं.

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First published: July 31, 2019, 3:05 PM IST
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