फिट इंडिया मूवमेंट: कितना फिट है देश? ये है पूरा रिपोर्ट कार्ड

Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: August 29, 2019, 3:18 PM IST
फिट इंडिया मूवमेंट: कितना फिट है देश? ये है पूरा रिपोर्ट कार्ड
भारत में सेहत का लेखा जोखा

क्या भारतीय वाकई फिटनेस की चिंता (Fitness Awareness) करते हैं? कसरत में दिलचस्पी रखते हैं? खानपान की आदतें (Food Habits) कैसी हैं? आपको जानना चाहिए कि देश में सेहत और फिटनेस (Health Report) के मोर्चे पर वर्तमान में क्या तस्वीर है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2019, 3:18 PM IST
  • Share this:
प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद (Major Dhyanchand) की जयंती यानी राष्ट्रीय खेल दिवस (National Sports Day) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने फिट इंडिया मूवमेंट (Fit India Movement) का गुरुवार को आगाज़ किया. इससे पहले पीएम मोदी दुनिया भर में योग के प्रचार प्रसार और स्वच्छता अभियान के लिए भी शोहरत हासिल कर चुके हैं. अब अगले चार सालों तक चलने वाले फिट इंडिया मूवमेंट को लेकर उन्होंने भारत में सेहत के मोर्चे पर जागरूकता फैलाने का सिलसिला शुरू किया है. क्या आप जानते हैं कि भारत में फिटनेस (Fitness Report of India) के मौजूदा आंकड़े क्या हैं? आइए जानें कि भारत फिटनेस को लेकर कितना जागरूक है और भारत की सेहत कैसी है.

ये भी पढ़ें : क्या है अपस्कर्टिंग, जिसे लेकर यूरोप में मचा है हंगामा

भारतीय आबादी (India Population) कितनी फिट है, इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से लेकर कई अन्य निजी संस्थाओं ने समय समय पर सर्वे करवाए हैं. इन सर्वेक्षणों में जो आंकड़े (Surveys & Studies) या नतीजे सामने आए हैं, उन्हें जानकर आप समझ सकते हैं कि भारत के लोगों का सेहत के प्रति क्या नज़रिया (Health & Lifestyle) है, कितनी जागरूकता है और फिटनेस को लेकर क्या तस्वीर है.

ज़रूरी जानकारियों, सूचनाओं और दिलचस्प सवालों के जवाब देती और खबरों के लिए क्लिक करें नॉलेज@न्यूज़18 हिंदी

बढ़ रहा है बीमारियों का बोझ!
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2018 के लिए नेशनल हेल्थ प्रोफाइल का दस्तावेज़ जारी किया था, जिसके मुताबिक देश में बीमारियों के आंकड़े दुनिया के लिहाज़ से बड़ा प्रतिशत दर्शाते हैं. पाया गया कि 1990 से 2016 के बीच देश में गैर संक्रामक बीमारियां बढ़ने की दर 30 से 55 फीसदी हो गई. विभिन्न राज्यों में आंकड़े अलग अलग हैं लेकिन महा​मारियों की बात की जाए तो गैर संक्रामक बीमारियां 48 से 75 फीसदी तक संक्रमणजनित और संबंधित बीमारियों के फैलने की दर 14 से 43 फीसदी रही.

Fit India Movement, India health data, india malnutrition data, india fitness trends, modi government policy, फिट इंडिया मूवमेंट, भारत स्वास्थ्य आंकड़े, भारत कुपोषण आंकड़े, भारत फिटनेस ट्रेंड्स, मोदी सरकार नीति
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिट इंडिया मूवमेंट का गुरुवार को आगाज़ किया.

Loading...

कितना कुपोषित है भारत?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक भारत में कुपोषण को लेकर आंकड़े अब भी गंभीर हैं, जबकि सालों से इस दिशा में काफी कार्यक्रम चलाए जा चुके हैं. भारत में कुपोषण के दो रूप मुख्य हैं एनीमिया और शुरूआती विकास न होना यानी स्टंटिंग. पांच साल से कम उम्र के वर्ग में 37.9 फीसदी बच्चे देश में स्टंटिंग के शिकार हैं जबकि 20.81 फीसदी बच्चों को 'वेस्टेड' श्रेणी में रखा गया है यानी अति गंभीर अविकास. दूसरी ओर, देश में 17.8 फीसदी वयस्क पुरुष और 21.6 फीसदी वयस्क महिलाएं ओवरवेट हैं. जन्म देने की उम्र में 51.4 फीसदी महिलाएं ए​नीमिया की शिकार हैं.

महिलाएं ज़्यादा निष्क्रिय हैं?
इसी साल हेल्दिफायमी संस्था ने अपने सर्वे के आधार पर एक रिपोर्ट जारी की 'फिज़िकल एक्टिविटी लेवल्स ऑफ इंडियन्स', जिसके मुताबिक कहा गया कि सामान्य रूप से हर व्यक्ति को कम से कम 50 फीसदी कैलरीज़ को शारीरिक गतिविधियों के ज़रिए बर्न करना चाहिए लेकिन इस मामले में देश की 53 फीसदी महिलाएं निष्क्रिय हैं. रोज़ाना 50 फीसदी से कम कैलरीज़ बर्न करने के मामले में पुरुषों का आंकड़ा 44 फीसदी रहा.

शहरी लोग दे रहे हैं फिटनेस पर ध्यान?
रीबॉक इंडिया ने इस साल दूसरी बार फिट इंडिया सर्वे करवाया, जिसमें 9 शहरों के दो हज़ार से ज़्यादा लोगों के साथ सर्वे किया गया. इस सर्वे के आधार पर कहा गया कि शहरी आबादी के 95 फीसदी लोग मानते हैं कि वो कम से कम एक ऐसी शारीरिक गतिविधि ज़रूर कर रहे हैं, जो फिटनेस की दिशा में कारगर हो मसलन जॉगिंग, वॉक या दौड़.

Fit India Movement, India health data, india malnutrition data, india fitness trends, modi government policy, फिट इंडिया मूवमेंट, भारत स्वास्थ्य आंकड़े, भारत कुपोषण आंकड़े, भारत फिटनेस ट्रेंड्स, मोदी सरकार नीति
भारत में फिट रहने की दिशा में वॉकिंग का विकल्प ज़्यादा अपनाया जा रहा है.


तो क्या दो सालों में हुआ जादू?
देश के युवाओं के फिटनेस ट्रेंड को समझने के लिए दो साल पहले 2017 में एचटी ने इंडिया यूथ सर्वे करवाया था, जिसमें कहा गया था कि 70 फीसदी नियमित रूप से व्यायाम नहीं करते और 62.5 फीसदी कहते हैं कि वो अपने खानपान पर नज़र नहीं रखते. 80 फीसदी युवाओं ने कहा था​ कि वो योग को गंभीरता से नहीं लेते. 60 से 70 फीसदी युवाओं ने माना था कि वो खाते वक्त उसकी क्वालिटी और सेहत पर असर को नज़रअंदाज़ करते हैं. इसका मतलब क्या ये है कि रीबॉक के सर्वे में दो साल में भारत पूरी तरह बदल गया?

नहीं, देश अब भी एक्सरसाइज़ नहीं करता!
दो महीने पहले ही एक मार्केट इंटेलिजेंस कंपनी मिंटेल ने 3000 भारतीय वयस्कों को लेकर फिटनेस सर्वे किया, जिसके मुताबिक 64 फीसदी ने कहा कि वो कसरत नहीं करते. जिन लोगों ने कहा कि वो कसरत करते हैं, उनमें से 67 फीसदी ने माना कि उनका मतलब वॉक करने से रहा. ज़्यादातर लोगों ने इस सर्वे में कहा कि कसरत करना चाहते हैं लेकिन 31 फीसदी ने बताया कि कसरत के लिए कामकाजी जीवन में समय नहीं मिल पाता.

सबसे फिट शहर कौन सा है?
देश में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर अग्रणी कंपनियों में से एक जीओक्यूआई ने एक सर्वे के नतीजे बताते हुए कहा कि बेंगलूरु सबसे ज़्यादा फिट शहर है. अपनी इंडिया फिट रिपोर्ट 2019 में इस सर्वे ने कहा कि इस लिस्ट में दिल्ली दूसरे नंबर पर है लेकिन सबसे ज़्यादा सक्रिय शहरों की लिस्ट में मुंबई अव्वल है. सोने, खानपान और कसरत की आदतों से जुड़े सवालों को लेकर किए गए सर्वे में बेंगलूरु को सबसे फिट पाया गया. इस सर्वे में ये भी कहा गया कि भारत में फिट रहने की दिशा में वॉकिंग का विकल्प ज़्यादा अपनाया जा रहा है.

Fit India Movement, India health data, india malnutrition data, india fitness trends, modi government policy, फिट इंडिया मूवमेंट, भारत स्वास्थ्य आंकड़े, भारत कुपोषण आंकड़े, भारत फिटनेस ट्रेंड्स, मोदी सरकार नीति
भारत में इस साल फिटनेस सेक्टर से 117 अरब रुपये से ज़्यादा का राजस्व पैदा होने का अनुमान है.


और ये है फिटनेस का बाज़ार
दुनिया भर के कारोबार से जुड़े डेटा को संजोने वाले पोर्टल स्टैटिस्टा के मुताबिक भारत में इस साल फिटनेस सेक्टर से 117 अरब रुपये से ज़्यादा का राजस्व पैदा होने का अनुमान है. इस सेक्टर में हर साल 6.6 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखी जा रही है और इस लिहाज़ से 2023 तक ये राजस्व 152 अरब रुपये तक हो सकता है. मोदी सरकार ने फिट इंडिया मूवमेंट भी 2023 तक घोषित किया है. बहरहाल, दुनिया की तुलना में देखा जाए तो इस साल इस सेक्टर से सबसे ज़्यादा राजस्व 366 अरब रुपये से ज़्यादा चीन में जनरेट होने का अनुमान है.

ये भी पढ़ें:
विराट कोहली क्यों पढ़ रहे थे ईगो से बचने की ये किताब?
'बांसुरी सुन ज़्यादा दूध देती है गऊ माता', क्या है भाजपा नेता के दावे का सच?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अन्य खेल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 29, 2019, 2:47 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...