वो 5 देश, जहां निहत्थी घूमती है पुलिस फिर भी काबू में रहते हैं अपराध

वो 5 देश, जहां निहत्थी घूमती है पुलिस फिर भी काबू में रहते हैं अपराध
कानपुर पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है. न्यूज़18 क्रिएटिव

"जो समाज हथियारों से जितना दूर होता है, उतना ही विनम्र और सभ्य होता है." USA में पिछले हफ्तों से जारी हिंसा (Violence) और सशस्त्र संघर्षों के दौर में ऐसे देशों का ज़िक्र लाज़िमी है जहां Policing इस सिद्धांत पर होती है कि जनता या कानूनों को बंदूक के बल पर नियंत्रित किया जाना आतंक (Terror) की मानसिकता है.

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अमेरिका (USA) में हिंसा का दौर एक और हफ्ते जारी रहा. पूरे देश में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों (Violent Protests) के कारण भड़की हिंसा की अलग घटनाओं में दो व्यक्ति पुलिस अफसरों की गोलियों से मारे गए. इससे पहले, प्रदर्शनकारियों की Firing में पांच मारे गए थे. अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत के बाद अमेरिका में भड़की हिंसा (US Violence) को लेकर विशेषज्ञों ने माना है कि इसकी जड़ में बंदूक (Firearm) से नियंत्रित होने वाले कानूनों और समाज की मानसिकता है.

विशेषज्ञों की राय के हवाले से वॉशिंग्टन पोस्ट ने लिखा है कि दूरदृष्टि यही होगी कि अमेरिका अगर ज़्यादा सुरक्षित देश बनना चाहता है तो इसके नागरिकों और सशस्त्र बलों को अपने हथियार सरेंडर कर देना चाहिए. यह कोरी कल्पना नहीं बल्कि हकीकत है क्योंकि दुनिया में ऐसे देश हैं जिन्होंने बगैर हथियार के सुरक्षा तंत्र के साथ आंतरिक सुरक्षा और शांति की बेहतर तस्वीर पेश की है. जानिए ऐसे पांच अहम देशों के बारे में, जहां पुलिस बगैर घातक ​हथियारों के सड़कों पर दिखती है.

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अमेरिका को सुरक्षित जगह बनाने के लिए विशेषज्ञ मानते हैं कि हथियारों के बल पर पुलिसिंग के बारे में गंभीर विचार की ज़रूरत है. फाइल फोटो.

1. आइसलैंड : हथियारों पर केस स्टडी है ये देश
तीन लाख की आबादी वाले इस छोटे मगर प्रमुख देश की खास बात यह है कि यहां एक तिहाई नागरिकों के पास हथियार हैं लेकिन पुलिस ज़्यादातर समय बगैर हथियारों के घूमती है. क्रिश्चिय साइन्स मॉनिटर के हवाले से लिखा गया है कि 2013 में पहली बार था जब किसी पुलिस अफसर ने किसी को गोली मारी थी. नागरिकों के पास हथियार मुख्यत: शिकार के लिए हैं. इसके बावजूद यहां अपराध बहुत कम होते हैं.

आइसलैंड में अपराध के कम होने की पीछे एक बड़ी वजह यह है कि यहां राजनीति से लेकर पुलिस ​सिस्टम तक, महिलाओं का दखल ज़्यादा है. यहां लैंगिक असमानता बहुत कम है और यह यहां की पुलिस के निहत्थे घूमने का बड़ा राज़ है.


2. आयरलैंड : कई अफसर बंदूक चलाना नहीं जानते
जी हां, यह सही है. संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित एक साइट गनपॉलिसी के हवाले से कहा गया है कि आयरलैंड में सिर्फ 20 से 25 फीसदी पुलिस अफसर ही बंदूक जैसे हथियार चलाना जानते हैं. बड़ा ताज्जुब यह है कि अमेरिका की तुलना में आयरलैंड में अपराध की दर बहुत कम है.

3. ब्रिटेन : पुलिस खुद नहीं चाहती ​हथियार
यूरोप के इस अहम देश में साल 2004 में 82 फीसदी पुलिसकर्मी हथियारबंद होने के खिलाफ रहे. उत्तरी आयरलैंड को छोड़कर पूरे यूके में पेट्रोलिंग के दौरान पुलिसकर्मी हथियारों के बगैर घूमते हैं क्योंकि उनका मानना है कि पैट्रोलिंग के समय नागरिकों की रक्षा का कर्तव्य पुलिस का होता है और नागरिकों को बिना झिझके पुलिस की मदद लेने का हक होता है. नतीजा? 2013 में अमेरिका में पुलिस और अपराधियों के बीच 461 ऐसे संघर्ष हुए जिसमें जानें गईं, लेकिन यूके में उस साल एक भी नहीं.

4. न्यूज़ीलैंड : निहत्था पुलिसकर्मी ज़्यादा सुरक्षित
क्रिमिनोलॉजी प्रोफेसर जॉन बटल ने लिखा था कि न्यूज़ीलैंड में एक निहत्थे पुलिसकर्मी की तुलना में एक किसान ज़्यादा खतरनाक हो सकता है. बटल ने लिखा था कि यहां हथियार न रखने पर पुलिस अफसर ज़्यादा सुरक्षित हैं. एक और एसोसिएट प्रोफेसर फिलिप एल्पर्स ने ​कहा था कि न्यूज़ीलैंड में एक दर्जन के करीब सीनियर पुलिस अफसर ही हैंडगन अपने साथ रखते हैं, बाकी नहीं.

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अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है. फाइल फोटो.


5. नॉर्वे : त्रासदी के बावजूद परंपरा
साल 2011 में एक हथियारबंद व्यक्ति ने एक समर कैंप पर हमला कर 77 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. इसके बावजूद लोगों का गुस्सा यह था कि पुलिस ने देर से और ढीले ढंग से प्रतिक्रिया दी. चर्चा होने के बावजूद बहुत कम लोग इस पक्ष में दिखे कि पुलिस को हथियार अपने साथ हमेशा रखने चाहिए. इस त्रासद घटना के बाद भी नॉर्वे की पुलिस ज़्यादातर निहत्थी ही रहती है क्योंकि उसका मानना है कि निहत्थी पुलिस आतंकवाद के डर से बेहतर है.

दुनिया में ऐसी और भी जगहें हैं, जहां पुलिसकर्मी बगैर घातक ​हथियारों के दिख जाते हैं. 16 में से 12 पैसिफिक आईलैंड रूपी देशों में ऐसे स्टीकर दिखाई देते हैं, जिन पर लिखा होता है 'एक निहत्था समाज विनम्र समाज' होता है. संघर्ष, अपराध और हिंसा से लगातार जूझ रहे अमेरिका जैसे देशों को इन देशों से सबक तो लेना चाहिए लेकिन अचानक पुलिस बलों को निहत्था कर देना सूझबूझ नहीं होगी. इसके लिए पूरी रणनीति बनाकर कदम उठाने की सलाह विशेषज्ञ देते हैं.

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