• Home
  • »
  • News
  • »
  • knowledge
  • »
  • देश भर में कितने तरह से हो रहे हैं कोरोना टेस्ट, कितने भरोसेमंद है?

देश भर में कितने तरह से हो रहे हैं कोरोना टेस्ट, कितने भरोसेमंद है?

कोरोना को लेकर बिहार के मोतिहारी में लॉकडाउन

देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण के पु​ष्ट केसों की संख्या 21 लाख के करीब हो चली है जबकि 42500 से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं. तमाम आंकड़ों के बीच Covid-19 को लेकर चल रही बहस के नए विषय ये हैं कि देश भर में कितने तरह से कोरोना के टेस्ट हो रहे हैं? इससे कैसे पता चलेगा कि देश में कितना संक्रमण है?

  • Share this:
    फिलहाल देश भर में कोरोना की जांच (Corona Virus Testing) के लिए चार तरह के टेस्ट प्रमुखता से किए जा रहे हैं. इनमें आर-टी पीसीआर (RT PCR), ट्रू नैट, रैपिड एंटीजन और एंटीबॉडी टेस्ट (Antibody Test) शामिल हैं. ये टेस्ट क्या होते हैं, कितने विश्वसनीय होते हैं और इनके रिज़ल्ट कैसे आते हैं... इन तमाम बातों से पहले इनसे जुड़े ज़रूरी तथ्यों को समझें. ये भी जानना ज़रूरी है कि वायरल लोड (Viral Load) से संक्रमण का सीधा संबंध क्या है. इन तमाम सवालों के जवाब जानना इसलिए भी ज़रूरी हैं, ताकि देश में कोविड 19 के आंकड़ों को ठीक से समझा जा सके.

    क्या है वायरल लोड और इसका असर?
    किसी व्यक्ति के शरीर में वायरस के कितने पार्टिकल्स मौजूद हैं यानी वायरस कितनी मज़बूती से है, इसे वायरल लोड के नाम से जाना जाता है. इसे इसलिए जांचा जाता है ताकि ये पता चल सके कि किसी व्यक्ति में संक्रमण फैलने के लिए वायरस के कितने मिनिमम पार्टिकल्स चाहिए और इनकी मात्रा ज़्यादा होने से क्या संक्रमण तेज़ी से फैल सकता है.

    दूसरी बात, विशेषज्ञ अब तक मान रहे हैं कि किसी स्वस्थ या सामान्य व्यक्ति में वायरल लोड अगर ज़्यादा हो भी तब भी, मज़बूत प्रतिरोधी तंत्र की बदौलत गंभीर रूप नहीं लेगा. ज़्यादा वायरल लोड से उन लोगों को खतरा होता है जो उम्रदाज़ हों या फिर पहले से किसी रोग की वजह से प्रतिरोधी तंत्र कमज़ोर हो.

    ये भी पढ़ें :- वो देश जिसकी इकोनॉमी पर कोरोना ने सबसे कम असर डाला

    corona virus updates, covid 19 updates, corona test, covid test, corona antibody, कोरोना वायरस अपडेट, कोविड 19 अपडेट, कोरोना टेस्ट, कोविड टेस्ट, कोरोना एंटीबॉडी
    न्यूज़ 18 क्रिएटिव


    अब रही बात, संक्रमण के लिए कम से कम वायरल लोड कितना होता है? इस सवाल का जवाब अभी ढूंढ़ा जा रहा है और वैज्ञानिकों के लिए अभी इस बारे में कोई भी दावा कर पाना संभव नहीं है. अब कोरोना संबंधी टेस्टों और उनसे जुड़े सवालों के जवाब.

    क्या और कैसे हैं चारों तरह के टेस्ट?
    सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि आपको डॉक्टरी सलाह के बाद ही टेस्ट करवाना होता है. डॉक्टर की राय पर ही तय होता है कि आपको कौन सा टेस्ट करवाना होगा. साथ ही ये भी कि फिलहाल घर पर जांच करने जैसी कोई सुविधा या किट उपलब्ध नहीं है. अब एक एक कर चारों टेस्ट्स के बारे में जानिए.

    1. आर-टी पीसीआर टेस्ट
    इस टेस्ट का पूरा नाम रियल टाइम पॉलिमरेस चेन रिएक्शन है. यह लैब में होने वाली जांच है. इस टेस्ट के लिए एक ट्यूब के ज़रिये गले या नाक से स्वाब का नमूना लिया जाता है. नमूना लेने के लिए ट्यूब को करीब 20 सेकंड तक नाक या गले में रखा जाता है और फिर वहां हल्का से ट्विस्ट करके निकाला जाता है. स्वाब नमूने को वायरस ट्रांसमिशन मीडिया यानी वीटीएम में रखा जाता है.

    समय और विश्वसनीयता : स्वाब नमूने से आरएनए निकालकर लैब में यह जांच होती है और डेढ़ घंटे में आर-टी पीसीआर मशीन बताती है कि आरएनए में वायरस पाया गया या नहीं. इस टेस्ट में रिज़ल्ट मरीज़ को 12 से 16 घंटे में मिल पाता है और यह टेस्ट सबसे ज़्यादा भरोसेमंद है.

    2. ट्रू नैट या सीबी नैट टेस्ट
    पहले इस टेस्ट का इस्तेमाल टीबी और एचआईवी के मरीज़ों के लिए हो चुका है. इस टेस्ट में भी नाक या गले से स्वाब नमूना लेकर न्यूक्लिक एम्प्लीफाइड टेस्ट से कोरोना ई-जीन जांचा जाता है. यह टेस्ट पॉज़िटिव आता है, तो आर-टी पीसीआर टेस्ट होता है.

    समय और विश्वसनीयता : इस टेस्ट का रिज़ल्ट मरीज़ को 2 से 3 घंटे के भीतर मिल सकता है और इस टेस्ट से 60 से 70 फीसदी मरीज़ों में संक्रमण की संभावना बताई जाती है.

    3. रैपिड एंटीज़न टेस्ट या रैट
    किसी इलाके या समुदाय में कितनी तेज़ी से संक्रमण फैलने की आशंका है, यह जांचने के लिए इस टेस्ट का सहारा लिया जाता है. इसमें ब्लड या स्वाब नमूने लेकर टेस्ट किट के कैमिकल में डुबोया जाता है. फिर इस ​तरल कैमिकल के टेस्ट से वायरस की जांच की जाती है.

    corona virus updates, covid 19 updates, corona test, covid test, corona antibody, कोरोना वायरस अपडेट, कोविड 19 अपडेट, कोरोना टेस्ट, कोविड टेस्ट, कोरोना एंटीबॉडी
    न्यूज़ 18 क्रिएटिव


    समय और विश्वसनीयता : इस पूरी प्रक्रिया के बाद नतीजा मिलने में 20 से 30 मिनट लगते हैं इसलिए यह बड़े क्षेत्रों में ज़्यादा नमूनों पर संभव है. 30 से 40 फीसदी मामलों में यह टेस्ट फेल भी हो सकता है इसलिए इसमें रिपोर्ट निगेटिव आए लेकिन लक्षण साफ दिख रहे हों, तो भी आर-टी पीसीआर टेस्ट की सलाह दी जाती है.

    ये भी पढ़ें :-

    अयोध्या में राम मंदिर कब तक बनेगा और नए मॉडल से कैसा बनेगा?

    दुनिया का बहुत खास शहर है बेरूत, जो ज़बरदस्त विस्फोट से आधा तबाह हो गया

    4. रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट
    यह टेस्ट अस्ल में शरीर में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित होने के संबंध में जांच करता है. कोरोना संक्रमण के बाद आईजीएम एंटीबॉडी बनती है और रिकवरी के बाद शरीर में आईजीजी एंटीबॉडी विकसित होती है. खून के नमूने से इस एंटीबॉडी की जांच की जाती है.

    समय और विश्वसनीयता : 15 से 20 मिनट के भीतर किसी व्यक्ति में एंटीबॉडी की जांच संभव है लेकिन बड़ी आबादी वाले इलाके में संक्रमण के पैमाने जांचने के लिए होने वाले इस टेस्ट में गुंजाइश ये है कि संक्रमण बहुत हल्का हो तो नतीजे सटीक नहीं मिलते.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज