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  • KNOW ABOUT FUNGUS DISEASES WHICH CAN BE DANGEROUS IN COVID PANDEMIC TIME

जानें, उन फंगस बीमारियों के बारे में, जो बन जाती हैं जानलेवा

तमाम ऐसे फंगस होते हैं, जिन्हें हम देख नहीं पाते, जो हवा, पर्यावरण और मिट्टी के जरिए हमारे शरीर में जगह बना लेते हैं और फिर शरीर के सिस्टम के लिए जानलेवा साबित होते हैं.

कोरोना बीमारी से उबर गए लोगों के बीच एक नए किस्म की दुर्लभ फंगम बीमारी उभर रही है, जिसका नाम है ब्लैक फंगस या म्युकरमायकोसिस. जानिए फंगस किस तरह बीमारियों को जन्म दे देता है और कोरोना के दौर में कमजोर इम्युनिटी वालों पर किस तरह की फंगस इंफेक्शन बीमारियां हमला कर सकती है.

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    देश में कोरोना वायरस के कहर के बीच इसी से पैदा हो रही एक नई बीमारी ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं. इसे म्युकरमायकोसिस कहा जा रहा है यानि काला फंफूद. भारत में पहले भी ये बीमारी होती रही है लेकिन बहुत दुर्लभ. पहले देश में सालभर में ऐसे बमुश्किल 04-05 केस आते थे लेकिन अचानक कोरोना से उबर गए लोगों में ये बीमारी तेजी से फैल रही है.

    फंगस को हम हिंदी में फंफूद कहते हैं. इसके फायदे भी हैं और नुकसान भी. आमतौर पर हमारे शरीर में फंगस से जो भी रोग होते हैं, उसके संवाहक हवा, हवा में प्रदूषण, मिट्टी, सब्जियां, खाद, पौधे और फल हो सकते हैं.

    म्युकरमायकोसिस को काला फंगस कहते हैं यानि काला फंगस. वैसे तो माना जाता है कि ये फंगस हमेशा से हमारे बलगम और नाक में रहता है लेकिन अगर ये अंदर पहुंचकर फैलने लगे तो जानलेवा हो जाता है. हमारे कई अंगों को हमेशा हमेशा के लिए खराब कर सकता है. आंखों पर ये ज्यादा निशाना बनाता है. इसीलिए देश में इस समय कोरोना से ठीक हुए खासकर डायबिटीज के रोगियों को ये ज्यादा हो रहा है और उनकी आंखें निकालने की नौबत आ जा रही है.



    फंफूद यानि परजीवी पौधे
    फंफूद एक तरह के परजीवी पौधे होते हैं लेकिन बहुत छोटे छोटे. इनमें कोई क्लोरोफिल नहीं होता. इसलिए ये जम जाते हैं या विकसित होते हैं, वहीं से अपना भोजन लेते हैं, अगर ये मानव शरीर में आ गए तो अपने परजीवी होने के कारण गंभीर नुकसान करते हैं.

    फायदेमंद भी और नुकसानदायक भी 
    वैसे तो फंफूदी हमारे लिए कई मायनों में फायदेमंद भी है और नुकसानदायक भी. ये बेकार पड़ी कार्बनिक वस्तुओं को सड़ाकर उन्हें खत्म कर देती है. ब्रेड बनाने से लेकर शराब बनाने और पनीर निकालने में इनका इस्तेमाल होता है.कई दवाएं बनाने में भी इसका इस्तेमाल होता है. एक हरे रंग की फफूंदी पेनिसीलियम से पेनिसीलीन बनाई जाती है, जो बहुत सी बीमारियों के काम आती है.

    भोजन की तरह भी खाई जाती हैं कुछ फंफूदी
    कुछ फंफूदियों को भोजन की तरह भी खाया जाता है. मसलन कुकुरमुत्ता यानि मशरूम, गोरल्स. लेकिन कुछ फंफूदियां जहरीली भी होती हैं.

    हमारे त्वचा संबंधी ज्यादातर बीमारियों के पीछे फंगल इंफेक्शन ही जिम्मेदार होते हैं, जो हमें कई तरह से हो सकते हैं.


    त्वचा से लेकर कई तरह की बीमारियां पैदा करती है
    ये कई तरह की बीमारियों को जन्म देती हैं. त्वचा संबंधी ज्यादातर बीमारियों के पीछे की वजह फंगस ही होते हैं. दाद एक प्रकार की फंगस से होता है.

    जानलेवा फंगस
    कोरोना के दौर में कई तरह के ऐसे फंगस से बीमारियां पैदा होने का खतरा भी हो गया है, जो दुनियाभर में लोगों को प्रभावित करते हैं. कुछ फंगस इसमें ऐसे हैं जो अस्पतालों में पाए जाते हैं. कई फंगस ऐसे होते हैं तो आपको खास इलाकों में रहने या वहां की यात्रा करने पर हो सकते हैं और इनके परिणाम बहुत घातक होते हैं. जानें इनके बारे में

    सामान्य फंगस इंफेक्शन
    फिंगरनेल्स इंफेक्शन - ये अंगुलियों या नाखूनों में फंगस इंफेक्शन के चलते होते हैं.
    वैजिनल कैंडीडायसिस - ये योनी में फंगस के कारण होते हैं
    रिंगवर्म - इसे हम लोग दाद के रूप में जानते हैं. ये त्वचा में गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं
    कैंडिला इंफेक्शन - फंगस से होने वाले ये इंफेक्शन आपके मुंह, गले और फेफड़ों में हो सकता है. कई बार ये लापरवाही करने पर शरीर के सिस्टम और श्वांसतंत्र को बुरी तरह प्रभावित करता है.

    भारत में इन दिनों कोरोना के साथ काला फंगस यानि म्युकरमायकोसिस नाम की दुर्लभ बीमारी भी फैल रही है. आमतौर पर कई फंगस इंफेक्शन ऐसे होते हैं जो कमजोर इम्युनिटी होने पर आप पर हमला करके स्थिति को गंभीर कर सकते हैं


    खास इलाकों की फंगस बीमारियां
    ब्लास्टोमायकोसिस - अमेरिका और कनाडा के नम मिट्टी वाले इलाकों एक खास किस्म का फंगस पलता है. अगर आप वहां जा रहे हैं तो आप इससे संक्रमित हो सकते हैं. शरीर के पूरे सिस्टम को बिगाड़कर रख देता है.
    क्रिप्टोकोकस गट्टी इंफेक्शन - ये उष्ण कटिबंधीय और सब ट्रोपिकल इलाकों में मिलता है. खासकर अमेरिका के पैसिफिक और ब्रिटिश कोलंबिया इलाकों में रहने वाले लोग इससे पीड़ित होते हैं और वहां जाने वाले भी.
    कोसिडियोमायकोसिस-इसे वैली फीवर भी कहते हैं. ये दक्षिण अमेरिकी राज्यों, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका की खास तरह की फंगस फैलाती है.
    हिस्टोप्लासमोसिस - ये हिस्टो प्लाज्मा जैसे फंगस से पैदा होता है, जो हवा में होता ही है और चिड़ियों और चमगादड़ों के जरिए भी होता है.

    कमजोर इम्युनिटी के लिए खतरनाक फंगल बीमारियां
    जो फंगस बीमारियां जो अस्पताल में कमजोर इम्युनिटी वालों को शिकार बना सकती हैं.
    एस्परगिलयोसिस-ये ऐसा फंगस है, जो कहीं भी रहता है, इंडोर और आउटडोर. कमजोर इम्युनिटी वाले इसके शिकार हो सकते हैं
    कैंडिडाओसिस - अस्पतालों में आमतौर पर देखा जाता है. आप अगर कई तरह की दवाइयां ले रहे हैं तो इसके शिकार हो सकते हैं
    इनवोसिव कैंडिडियोसिस - ये आमतौर पर अस्पताल में भर्ती वालों को हो जाता है. आपके शरीर के ब्रेन, खून, आंखों और बोन्स में शरण लेता है. धीरे धीरे उन्हें बुरी संक्रमित कर देता है

    दुनिया के तमाम इलाकों में अलग अलग फंगस पाए जाते हैं जो शरीर में घुसकर अलग अलग तरह से नुकसान पहुंचाते हैं. शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को कमजोर करते हैं. कई बार इतने जानलेवा होते हैं कि इनका कोई इलाज ही नहीं हो पाता.
    Published by:Sanjay Srivastava
    First published: