जानें कौन हैं हरीश साल्वे, जिन्होंने सिर्फ 1 रुपए में लड़ा कुलभूषण जाधव का केस

साल्वे जाने माने एडवोकेट हैं और सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर रह चुके हैं. साल 2015 में बॉलीवुड स्टार सलमान खान मामले से उन्हें शोहरत मिली थी और वो सोशल मीडिया पर ट्रेंड भी करने लगे थे. एडवोकेट हरीश साल्वे के बारे में दिलचस्प जानकारियां.

News18.com
Updated: July 18, 2019, 11:03 AM IST
जानें कौन हैं हरीश साल्वे, जिन्होंने सिर्फ 1 रुपए में लड़ा कुलभूषण जाधव का केस
हरीश साल्वे की फाइल फोटो
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Updated: July 18, 2019, 11:03 AM IST
भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए फांसी पर रोक जारी रखी है. कोर्ट ने पाकिस्तान ने मिलट्री कोर्ट के फैसले को रिव्यू करने के लिए कहा है साथ ही कुलभूषण को भारतीय वकील के जरिए केस लड़ने की रियायत भी दे दी है.

बता दें कि जाधव को अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी. उसके बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का रुख किया था. अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में करीब दो साल की लड़ाई के बाद इस मामले में आखिरी सुनवाई इसी साल 18 से 21 फरवरी तक हुई थी. जाधव के मामले में भारत की ओर से सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे उनका पक्ष रख रहे हैं. आइए जानें एडवोकेट साल्वे कौन हैं.

पढ़ें : कुलभूषण जाधव मामले में आज फैसला सुनाएगा इंटरनेशनल कोर्ट

साल्वे जाने माने एडवोकेट हैं और सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर रह चुके हैं. साल 2015 में बॉलीवुड स्टार सलमान खान को सजा होने के कुछ घंटे बाद ही साल्वे ने अपने तर्क से उन्हें बेल दिला दी थी. इसके बाद वह सोशल साइट्स पर ट्रेंड होने लगे थे.




 22 जून 1955 को महाराष्ट्र में जन्मे साल्वे मूलरूप से नागपुर के रहने वाले हैं. उनके दादा पीके साल्वे भी दिग्गज क्रिमिनल लॉयर रह चुके हैं. उनके पिता एन के पी साल्वे भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं. शुरुआती दिनों में हरीश साल्वे अपनी टैक्स लॉयर नानी के जूनियर के तौर पर काम करके कानूनी दाव-पेंच सीखते थे. साल 1976 में उन्होंने दिग्गज एडवोकेट सोली सोराबजी की देखरेख में प्रेक्टिस शुरू की थी. बाद में वह दिल्ली पहुंचे और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने लगे.
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साल 1999 में सुप्रीम कोर्ट में बने सॉलिसिटर
साल 1992 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से 'सीनियर एडवोकेट' की पदवी मिली. साल 1999 में उन्हें सॉलिसिटर बनाया गया, हालांकि साल 2002 में उन्होंने दूसरी बार मिल रहे इस ऑफर को ठुकरा दिया था. दिल्ली के भगवान दास रोड के व्हाइट हाउस में उनका दफ्तर है और वह कुलीन पालम मार्ग की 800 गज की कोठी में रहते हैं. इसकी कीमत 100 करोड़ रुपए बताई जाती है.


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हिट और रन केस में की थी सलमान की पैरवीसाल 2015 में हिट और रन केस मामले में सलमान खान को कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई थी. उन्हें कोर्ट से सीधे ऑर्थर रोड जेल ले जाने की तैयारी हो रही थी. इसी बीच एक ड्रामेटिक चेंज करते हुए हरीश साल्वे ने कोर्ट में सलमान का पक्ष रखा और उन्हें बेल मिल गई.

हरीश साल्वे ने कोर्ट में तर्क दिया था कि ऑर्डर की कॉपी नहीं मिलने के कारण सलमान को जेल भेजा जाना सही नहीं है. उनके इस तर्क को सही मानते हुए कोर्ट ने सलमान खान को दो दिन की जमानत दे दी थी.

पियानो बजाने के शौकीन साल्वे महंगे वकील
कहा जाता है कि साल्वे के पियानो बजाना, बेंटले कार चलाना और किताबें पढ़ने का शौक है. उन्हें गैजेट का भी शौक है और वह नए-नए मोबाइल रखने के शौकीन हैं. वह देश के सबसे महंगे एडवोकेट में गिने जाते हैं. कई जगह कहा जाता है कि वह एक पेशी का कम से कम 4.5 लाख रुपए लेते हैं. वहीं कई जगह यह भी कहा जाता है कि वह एक दिन का 30 लाख रुपए चार्ज करते हैं.

साल्वे देख चुके हैं कई बड़े मामले
साल्वे सुप्रीम कोर्ट में वोडाफोन के टैक्स मामले, रिलायंस गैस विवाद में मुकेश अंबानी की तरफ से, इतालवी सरकार के लिए दो इतालवी मरीनों के हक में और योग गुरु रामदेव मामले में दिल्ली पुलिस का पक्ष कोर्ट में रख चुके हैं.

क्या है कुलभूषण जाधव मामला
कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में मार्च 2016 में पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट ने उन्हें जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है.

भारत का दावा है कि भारतीय नेवी से रिटायरमेंट के बाद वह ईरान में अपना बिजनेस कर रहे थे. इसी दौरान उनका अपहरण किया गया. पाकिस्तान उन्हें मौत की सजा देने पर अड़ा है तो भारत इसे अमानवीय बता रहा है. मामला अब हेग स्थित इंटरनेशल कोर्ट ऑफ जस्टिस पहुंच गया है.


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First published: July 17, 2019, 7:20 PM IST
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