क्यों अहम है वो हवाला नेटवर्क, जो चीनी जासूस की वजह से चर्चा में है

क्यों अहम है वो हवाला नेटवर्क, जो चीनी जासूस की वजह से चर्चा में है
हवाला कारोबार के लिए सांकेतिक तस्वीर.

मनी लॉन्ड्रिंग केस (Money laundering case) में गिरफ्तार चीनी नागरिक चार्ली पेंग (Charlie Peng) के बारे में ताज़ा खबर है कि वो दलाई लामा (Dalai Lama) के बारे में जासूसी कर रहा था. पिछले दिनों पेंग की गिरफ्तारी के बाद से भारत में हवाला कारोबार (Hawala Trade) और इसके फैलते दायरे को लेकर चर्चाएं एक बार फिर आम हो गई हैं.

  • News18India
  • Last Updated: August 16, 2020, 5:00 PM IST
  • Share this:
दिल्ली (Delhi) से ऑपरेट करने वाले एक चीनी हवाला कारोबारी (Hawala Trader) चार्ली पेंग को हाल में पकड़ा गया, तो छानबीन में कम से कम 1000 करोड़ के अवैध वित्तीय लेनदेन की खबरें सामने आईं. आयकर विभाग (IT Department) और ईडी जैसी जांच एजेंसियां पेंग और उसके हवाला नेटवर्क को लेकर जांच पड़ताल कर रही हैं. क्या होता है हवाला नेटवर्क? यह कैसे काम करता है? और क्यों अब भी इसकी ज़रूरत पेश आती है? ये भी जानिए कि क्यों इस ​तरह का वित्तीय लेनदेन कानूनी नहीं माना जाता.

एक किस्म की गैरकानूनी बैंकिंग है हवाला
हवाला शब्द का अर्थ 'भरोसे' से लिया जाता है. भारत में किसी समय में इसे हुण्डी के नाम से भी जाना जाता था और दुनिया के कई देशों में अब भी इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है. इसे वर्तमान समय में 'अंडरग्राउंड बैंकिंग' या 'अवैध बैंकिंग' का नाम भी दिया जाता है. ये सिस्टम ऐसा है, जिसमें कैश एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर नहीं होता, लेकिन एक ग्राहक एक जगह से अपना पैसा दूसरी जगह किसी को भी भेज सकता है.

hawala trade, what is hawala, how hawala works, hawala network india, illegal money transaction, हवाला कारोबार, हवाला क्या होता है, हवाला कारोबार कैसे होता है, हवाला नेटवर्क, गैरकानूनी ट्रांज़ैक्शन
गिरफ्तार किया गया चीनी नागरिक चार्ली पेंग.

कैसे होता है हवाला से पैसा ट्रांसफर?


वास्तव में कैश को बगैर ट्रांसफर किए, ट्रांज़ैक्शन किया जाना इस कारोबार की खासियत है. इस पूरे नेटवर्क में कई हवालादार या हवाला डीलर होते हैं.

ये भी पढ़ें :- किस देश में शादी के लिए क्या है लड़कियों की न्यूनतम उम्र?

ऐसे समझें कि आप मुंबई में हैं और अपने किसी दोस्त को यूएई में एक रकम भेजना चाहते हैं. तो, ऐसे में हवाला ​नेटवर्क के ज़रिए आप सबसे पहले मुंबई के एक हवाला ब्रोकर के पास जाएंगे. जो रकम आप यूएई भेजना चाहते हैं, वो रकम उस ब्रोकर को देंगे. बदले में, ब्रोकर आपको एक कोड देगा. ये सीक्रेट कोड लेकर आपका दोस्त यूएई के हवाला ब्रोकर के पास जाएगा. कोड बताते ही आपके दोस्त को आपकी भेजी रकम मिल जाएगी, बस इसमें से कुछ कमीशन वो यूएई का ब्रोकर काट लेगा.

इस करंसी में दो, उस करंसी में लो!
इस नेटवर्क के ज़रिए करंसी एक्सचेंज भी हो जाता है यानी यहां से आप रुपये में रकम देते हैं और दूसरे देश में वहां की करंसी के हिसाब से रकम का भुगतान हो जाता है. तो, ऐसे काम करता है हवाला नेटवर्क. और पिछले कुछ अरसे से मोबाइल फोन पर भुगतान की सुविधा से ये और भी आसान होता जा रहा है. हालांकि कई देशों में डेबिट या क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग के ज़रिए एक सीमा तक ही और केवल लोकल बैंकिंग की सुविधाएं हैं. फिर भी, हवाला कारोबारी इस तकनीक के इस्तेमाल के और उपाय खोज रहे हैं.

दूसरी तरफ, हवाला नेटवर्क में अब भी हिसाब किताब रखा जाता है और भेजी गई या डिलीवर की गई रकम की पूरी किताब तैयार की जाती है, ताकि डीलिंग बराबर चलती रहे.

hawala trade, what is hawala, how hawala works, hawala network india, illegal money transaction, हवाला कारोबार, हवाला क्या होता है, हवाला कारोबार कैसे होता है, हवाला नेटवर्क, गैरकानूनी ट्रांज़ैक्शन
हवाला कारोबार में करंसी एक्सचेंज अपने आप हो जाता है.


हवाला की ज़रूरत आखिर क्यों?
गैरकानूनी होने के बावजूद लोग अब भी हवाला के ज़रिए रकम के लेन देन में क्यों रुचि लेते हैं? या क्यों इसकी ज़रूरत होती है? इसके पीछे कुछ बड़े कारण हैं.
1. हवाला के ज़रिए रकम भेजने में कानूनी ढंग से रकम भेजने से कम कमीशन देना पड़ता है.
2. इस नेटवर्क के ज़रिए लेन देन में कोई आईडी या इनकम संबंधी दस्तावेज़ों की ज़रूरत नहीं होती.
3. हवाला के ज़रिए होने वाले लेन देन में न तो असली पहचान और न ही रकम के स्रोत को लेकर कोई पूछताछ होती है.
4. यानी अपनी नाजायज़ संपत्ति या ब्लैक मनी को इस नेटवर्क के ज़रिए आसानी से कहीं और ट्रांसफर किया जा सकता है.

ये भी पढ़ें :-

अगर वैक्सीन उपलब्ध हो तो सबसे पहले किसे मिलनी चाहिए?

ट्रंप जिनसे तिलमिलाए, उन कमला हैरिस को क्यों बनाया गया वीपी उम्मीदवार?

अवैध क्यों है हवाला कारोबार?
बैंकिंग और फाइनेंस की कई औपचारिक और कानूनी प्रणालियों के आ जाने के बाद दशकों पहले हवाला कारोबार को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया क्योंकि इस कारोबार में रकम, रकम भेजने वाले, रकम पाने वाले के बारे में ज़रूरी और ज़्यादा जानकारियां जुटाना टेढ़ी खीर रहा. ये भी हुआ कि इस कारोबार में चूंकि कोई दस्तावेज़ी हिसाब नहीं होता इसलिए रकम का दुरुपयोग आतंकवाद या गैरकानूनी धंधों के लिए भी होता है.

भारत समेत दुनिया के कई देशों में हवाला गैरकानूनी घोषित किया जा चुका है. भारत में फेमा यानी फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट 2000 और पीएमएलए यानी प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉंड्रिंग एक्ट 2002 जैसे दो प्रमुख कानूनों के तहत इस नेटवर्क और कारोबार को गैरकानूनी माना जा चुका है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज