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जानें कश्मीर में कब रहा सबसे लंबा 'गवर्नर रूल' और कितनी बार आई ये नौबत

News18Hindi
Updated: June 28, 2019, 4:01 PM IST
जानें कश्मीर में कब रहा सबसे लंबा 'गवर्नर रूल' और कितनी बार आई ये नौबत
जम्मू कश्मीर नक्शा.

कश्मीर में पिछले साल जून से राज्यपाल शासन लगा हुआ है. एक साल से लगा यह राज्यपाल शासन कश्मीर के इतिहास में दूसरा सबसे लंबा गवर्नर रूल है. जानिए कश्मीर में अब तक कितनी बार लग चुका है राज्यपाल शासन.

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पिछले साल 19 जून से अब तक जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लगा हुआ है. गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी अवधि और बढ़ाए जाने के बारे में भी बयान दिया है. पिछले पूरे एक साल से लगा यह राज्यपाल शासन क्या कश्मीर के इतिहास में सबसे लंबी अवधि का नहीं लेकिन दूसरा सबसे लंबा राज्यपाल शासन है. इससे पहले सिर्फ एक बार ऐसा हुआ था कि 1 साल या उससे ज़्यादा समय तक कश्मीर में राज्यपाल शासन लगे रहने की स्थिति बनी हो और वही राज्य का सबसे लंबा राज्यपाल शासन भी था.

पढ़ें : जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन नहीं राज्यपाल शासन लगता है, जानें क्यों

जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लगाए जाने का अच्छा खासा इतिहास रहा है. एक दो नहीं, कई बार ऐसे मौके आए, जब कश्मीर में राज्यपाल शासन लगाना पड़ा. कश्मीर में सबसे छोटा राज्यपाल शासन 15 दिनों का रहा है तो वहीं सबसे लंबा साढ़े 6 साल से भी ज़्यादा समय तक. ये सबसे लंबा राज्यपाल शासन जनवरी 1990 में लगा था, जब कश्मीर में हिंसा चरम पर थी और आतंकवाद तेज़ी से फैल रहा था. इस दौरान राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने इस्तीफा सौंपा था और तब राज्य की कमान जगमोहन के हाथों में थी.



1980 के दशक के आखिर तक आते आते कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के विस्थापन और आतंकवाद का दौर अपने चरम पर था. ऐसे हालात के चलते कश्मीर के राज्यपाल के तौर पर जगमोहन की नियुक्ति की गई. लेकिन, इस नियुक्ति से अब्दुल्ला संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने इस्तीफा दे दिया. तो अपने आप कमान जगमोहन के हाथों में आ गई.



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प्रतीकात्मक तस्वीर


उस समय मुफ्ती मोहम्मद सईद केंद्रीय गृह मंत्री थे और उन्हें अब्दुल्ला का यह कदम रास नहीं आया था. सईद ने अब्दुल्ला के इस​ विरोध पर ऐतराज़ जताकर उनसे दूरियां बना ली थीं. इन हालात के चलते 19 जनवरी 1990 को कश्मीर में राज्यपाल शासन लगा दिया गया. आतंकवाद और कश्मीर से हिंदुओं का पलायन बड़ी समस्या बन गया था और हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही थी. ​राज्य में चुनाव की स्थितियां न बन पाने के कारण 1996 तक राज्यपाल शासन लगा रहा और यह कश्मीर के इतिहास का सबसे लंबा राज्यपाल शासन साबित हुआ.

जम्मू कश्मीर में पहला राज्यपाल शासन
पहली बार राज्यपाल शासन साल 1977 में लगाया गया था, जब एलके झा राज्यपाल थे. उस वक्त राज्य सरकार से कांग्रेस ने अपना समर्थन वापस ले लिया था. अस्ल में राज्य में तब नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख अब्दुल्ला की सरकार चल रही थी लेकिन कांग्रेस के सहयोग से और कांग्रेस के हाथ खींच लेने के बाद नेशनल कांफ्रेंस सरकार अल्पमत में आ गई थी. इससे पहले 1975 में इंदिरा-शेख समझौते के बाद जम्मू कश्मीर का मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला को बनाया गया था. 1977 में जब चुनाव हुए तो जम्मू कश्मीर में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे अब्दुल्ला की सत्ता में वापसी हुई. 1977 में लगाया गया राज्यपाल शासन 105 दिनों का था.

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पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के साथ शेख अब्दुल्ला


8 बार लगा राज्यपाल शासन
साल 1986 में दोबारा जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लगा दिया गया था. उस वक्त भी कांग्रेस ने समर्थन खींच लिया था और इस बार अब्दुल्ला के दामाद गुलाम मोहम्मद शाह की सरकार गिरी. कुल मिलाकर आठ बार जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लगा, इस तरह जानें:

पहला मौका: 26 मार्च 1977 से 9 जुलाई 1977 तक. 105 दिन.
दूसरा मौका: 6 मार्च 1986 से 7 नवंबर 1986 तक. 246 दिन.
तीसरा मौका: 19 जनवरी 1990 से 9 अक्तूबर 1996 तक. छह साल 264 दिन.
चौथा मौका: 18 अक्तूबर 2002 से 2 नवंबर 2002 तक. 15 दिन.
पांचवा मौका: 11 जुलाई 2008 से 5 जनवरी 2009 तक. 178 दिन.
छठा मौका: 9 जनवरी 2015 से 1 मार्च 2015 तक. 51 दिन.
सातवां मौका: 8 जनवरी 2016 से 4 अप्रैल 2016 तक. 87 दिन.
आठवां मौका: 19 जून 2018 से अब तक.

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First published: June 28, 2019, 4:01 PM IST
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