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एक्स्ट्रा मैरिटल सेक्स के मुद्दे पर क्यों इंडोनेशिया में सड़कों पर उतर रहे हैं हज़ारों लोग?

News18Hindi
Updated: September 25, 2019, 8:15 PM IST
एक्स्ट्रा मैरिटल सेक्स के मुद्दे पर क्यों इंडोनेशिया में सड़कों पर उतर रहे हैं हज़ारों लोग?
इंडोनेशिया में विशाल प्रदर्शन की तस्वीर सीएनएन से साभार.

इंडोनेशियाई सरकार (Indonesian Government) के उस कानून (Proposed Bill) के बारे में जानिए, जिसे लोग दकियानूसी करार दे रहे हैं और बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन (Protests) करने पर आमादा हैं.

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  • Last Updated: September 25, 2019, 8:15 PM IST
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जकार्ता. एक प्रस्तावित कानून के खिलाफ इंडोनेशिया (Indonesia) में हज़ारों छात्र सड़कों पर उतर रहे हैं (Mass Protest) और उनके विरोध पर काबू पाने के लिए प्रशासन आंसू गैस (Tear Gas) और पानी की बौछार (Water Canon) का इस्तेमाल कर रहा है. यही नहीं, इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता (Jakarta) में संसद भवन (Parliament Building) की सुरक्षा के लिए 18 हज़ार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है. इतना उग्र आंदोलन क्यों हो रहा है? क्या है वो कानून जिसके खिलाफ नौजवान लोग इतनी बड़ी संख्या में सरकार के खिलाफ (Against Government) सड़कों पर आ गए हैं? कौन इस कानून के समर्थन में है और कौन विरोध में?

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असल में, इंडोनेशिया की सरकार ने एक कानून का मसौदा (Legal Draft) तैयार किया है, जो लागू हुआ तो शादी के इतर शारीरिक संबंध (Extra Marital Sex) बनाने वालों और संभवत: समलैंगिक संबंधों (Homosexuality) को आपराधिक करार देकर सज़ा का प्रावधान होगा. हालांकि इस कानून पर सरकार मंगलवार को चर्चा करने वाली थी लेकिन लोगों के गुस्से को देखते हुए राष्ट्रपति (President) जोको विडोडो (Joko Widodo) ने चर्चा शुक्रवार तक टाल दी गई है. इस कानून और इसे लेकर बने पूरे हालात के बारे में हर ज़रूरी बात आपको जानना चाहिए.

क्या है विवादों में घिर चुका कानून?

मीडिया में आ रही तमाम खबरों की मानें तो इस कानून के तहत शादी से पहले अगर सेक्स संबंध बनाए जाएंगे तो इसे आपराधिक माना जाएगा और दोषी युगल को एक साल तक की कैद की सज़ा दी जा सकेगी. इसी तरह एक्स्ट्रा मैरिटल सेक्स संबंधों के लिए भी प्रावधान होंगे. इस कानून में और भी कुछ बातें हैं, जिन्हें आप बिंदुवार समझ सकते हैं.

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इंडोनेशियाई आंदोलन की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.


- राष्ट्रपति, धर्म, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान को लेकर यदि कोई भी अपमानजनक टिप्पणी या काम किया जाएगा तो गैर कानूनी माना जाएगा.- रेप या मेडिकल इमरजेंसी के बगैर किसी स्थिति में गर्भपात गैरकानूनी होगा.
- शादी के बावजूद किसी और के साथ रहना अवैधानिक माना जाएगा.
- कानून के इस मसौदे में ये भी प्रावधान है कि अवयस्कों के बीच गर्भनिरोधक प्रणालियों के प्रचार या प्रसार पर प्रतिबंध होगा.
- काला जादू करने पर भी कैद का प्रावधान होगा.

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क्यों हो रहा है इतना विरोध?
जकार्ता समेत इंडोनेशिया के कई इलाकों में इस प्रस्तावित कानून के विरोध में लोग बड़ी संख्या में उतर रहे हैं और एक विरोध बैनर पर लिखा देखा गया 'मेरा प्राइवेट पार्ट सरकार की जागीर नहीं है'. विरोध सिर्फ सड़कों ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर भी जारी है. एक पोस्ट में लिखा गया कि इस तरह का कानून अभिव्यक्ति की आज़ादी, स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे मूलभूत मानवाधिकारों पर हमला है.

कौन कर रहा है विरोध?
अब तक किसी एक संस्था या आंदोलनकारी का नाम स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है. बताया जा रहा है कि इस कानून के मसौदे के कुछ बिंदुओं से लोगों की सहमति भी है लेकिन ज़्यादातर प्रावधानों से नहीं. आंदोलन कर रहे समूहों के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में लिखा गया है कि मुस्लिम बहुल आबादी वाले दुनिया के संभवत: सबसे बड़े देश में इस तरह का कानून रूढ़िवादी इस्लामी सोच को बढ़ावा देने वाला है और 1998 में लोकतंत्र की बहाली के साथ उदारवाद का जो रास्ता बना था, ये उसके खिलाफ भी है.

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मानवाधिकार कार्यकर्ता ने इंडोनेशियाई कानून को कट्टर बताते हुए ट्वीट किया.


क्या कोई कानून के पक्ष में भी है?
इस प्रस्तावित कानून को कुछ इस्लामी समूहों का समर्थन मिल रहा है जो दकियानूसी खयालों के हामी हैं. नहदलामुल उलमा के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि 'ये कानून इंडोनेशिया के लागों के चरित्र को बखूबी दर्शाता है'. ये भी कहा जा रहा है कि ऐसे ही कुछ रूढ़िवादी संगठन इसके पक्ष में हैं और समलैंगिकता को पूरी तरह गैरकानूनी करार दिए जाने की हिमायत कर रहे हैं. वहीं, इस कानून से असहमत क्वेटा निवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता सलीम जावेद ने ट्वीट किया है कि 'इंडोनेशिया तेज़ी से सऊदी अरब बनने की तरफ है'.

क्या होगा असर?
मीडिया रिपोर्टों की मानें तो अगर ये कानून बना तो पर्यटन खासा प्रभावित हो सकता है. बाली में हर साल 12 लाख से ज़्यादा सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक पहुंचते हैं. इसी तरह दुनिया भर से और भी. इनमें से कई शादीशुदा नहीं होते. ऐसे में इस तरह के कानून से न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. दूसरी ओर राष्ट्रपति विडोडो ने इस कानून को लेकर लोगों की भावनाओं को तरजीह देने की बात कहकर मसौदे के लिए और समय लिये जाने की बात कही है, लेकिन संभवत: इस महीने के आखिर तक इस कानून पर निर्णायक फैसला होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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First published: September 25, 2019, 6:21 PM IST
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