Home /News /knowledge /

जानें क्या होते हैं ज्वाइंट सेक्रेटरी और क्या है रोल?

जानें क्या होते हैं ज्वाइंट सेक्रेटरी और क्या है रोल?

1937 में भारत सरकार के सेंट्रल सेक्रेटेरिएट में सात ज्वाइंट सेक्रेटरी थे.

1937 में भारत सरकार के सेंट्रल सेक्रेटेरिएट में सात ज्वाइंट सेक्रेटरी थे.

केंद्र सरकार ने दस विभागों में सीधे ज्वाइंट सेक्रेटरी की नियुक्ति करने का फैसला किया है. हालांकि ऐसे प्रस्ताव पहले भी आए थे लेकिन उस पर अमल नहीं हो सका था.

    ज्वाइंट सेक्रेटरी भारत सरकार में केंद्रीय कर्मचारी योजना के तहत एक पद है. इस पद का सृजन केंद्रीय कैबिनेट के अधिकार दायरे में आता है. ये उसका अधिकार है कि वो अपने किस विभाग या मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर नियुक्ति करना चाहता है.

    भारत सरकार ने हाल ही में विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स को ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर नियुक्त करने का प्रावधान किया. अब तक आमतौर पर ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारियों की ही नियुक्तियां की जाती रही हैं. ये पद भारत सरकार में वरिष्ठताक्रम में ऊपरीक्रम में होता है.

    कैसे बनते हैं ज्वाइंट सेक्रेटरी 
    जो सिविल सेवा के लोग इस पद पर आते हैं, वो अामतौर पर अखिल भारतीय सेवा में होते हैं या फिर केंद्रीय सिविल सेवा (ग्रुप ए) में. इस पद पर नियुक्ति और पदोन्नति का निर्धारण केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति करती है.

    भारतीय सरकार के कामकाज में ज्वाइंट सेक्रेटरी किसी विभाग या विंग का प्रमुख होता है. ये पद राज्य सरकारों के सचिव पद के समतुल्य होता है.

    केंद्रीय सरकार में ज्वाइंट सेक्रेट्री भारतीय सेना में मेजर जनरल या इसी के बराबर के पदों के समतुल्य होता है. भारतीय वरीयता सूची में ज्वाइंट सेक्रटरी की रैंक 26वीं होती है. अब सरकार कुछ विभागों में सीधे प्रोफेशनल्स की भर्ती इस पद पर करेगी.

    पहली बार कब बना ये पद 
    भारतीय सरकार में इस पद का सृजन सबसे पहले 1920 के दशक में किया गया. इस पद पर 1930 के दशक में 36 हजार रुपए का फिक्स वेतनमान था. ब्रिटिश राज के दौरान ज्वाइंट सेक्रेटरी का वेतन आगरा और अवध संयुक्त प्रांत, पंजाब और बर्मा के चीफ सेक्रेटरी के बराबर था. वर्ष 1905 के तरजीह अनुज्ञापत्र के अनुसार भारत सरकार में ज्वाइंट सेक्रेटरी को सेक्रेटरी के साथ सूचीबद्ध किया गया था, जिसकी रैंक प्रांतीय सरकार के चीफ सेक्रेटरी से ऊपर थी.

    क्या थी आजादी के पहले स्थिति 
    1937 में भारत सरकार के सेंट्रल सेक्रेटेरिएट में सात ज्वाइंट सेक्रेटरी थे. वो सभी इंपीरियल सिविल सर्विसेज के सदस्य थे. 1946 तक ये संख्या बढ़कर 25 तक पहुंच गई.

    जब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे, तब प्रधानमंत्री सचिवालय का मुखिया ज्वाइंट सेक्रेटरी होता था.

    पॉवर और जवाबदेही
    ज्वाइंट सेक्रेटरी के पास एक विभाग के विंग की सौंपी गई जिम्मेवारी और स्वतंत्र कार्यसंपादन की भूमिका होती है. मंत्रालय या डिपार्टमेंट की विंग का मुखिया होने के नाते उसके पास समस्त प्रशासकीय अधिकार होते हैं. अतिरिक्त सचिव और ज्वाइंट सेक्रेटरी सभी हलफनामों को भरने और सुप्रीम कोर्ट के सामने सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर प्रतिनिधि के तौर पर पेश होने के अधिकारी होते हैं.

    प्रधानमंत्री ज्वाइंट सेक्रटरी स्तर के अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर का अंतिम अथारिटी होता है. ज्वाइंट सेक्रेटरी अपनी विभाग के अतिरिक्त सचिव, विभागीय सचिव और मंत्रालय के जिम्मेदार मंत्री को रिपोर्ट करता है.

    पोजिशन
    केंद्रीय सरकार में वो सभी विभागों और मंत्रालयों में विभागीय इकाई के प्रमुख होते हैं और मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (सीएओ), विदेशी मिशन या दूतावास में दूत होते हैं. वो रजिस्ट्रार जनरल और भारतीय जनगणना आयुक्त, नागरिक उड्डयन के डायरेक्ट जनरल, राष्ट्रीय साक्षरता मिशन के डायरेक्टर जनरल, आर्थिक सलाहकार, ट्राई के सलाहकार, सीबीआई के संयुक्त निदेशक. दूरदर्शन और आकाशवाणी के अतिरिक्त निदेशक, स्टाफ सेलेक्शन आयोग के बोर्ड मेंबर, कर और पुलिस के आयुक्त, केंद्रीय सररकार के विभागों में चीफ इंजीनियर हो सकते हैं. इसके साथ साथ वो भारतीय राष्ट्रपति के सोशल सेक्रेटरी और प्रेस सेक्रेटरी हो सकते हैं.

    अब कितने मौजूदा पद 
    सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार भारत सरकार में ज्वाइंट सेक्रेटरी के 341 पदों में 249 पद आइएएस अधिकारियों के पास होते हैं.

    पासपोर्ट और आवास 
    ज्वाइंट सेक्रेटरी को अखिल भारतीय राजनयिक पासपोर्ट और एक आधिकारिक पासपोर्ट आमतौर पर जारी किया जाता है.

    भारत सरकार के सभी ज्वाइंट सेक्रेटरी डिप्लोमेटिक पासपोर्ट के लिए योग्य होते हैं. उन्हें टाइप - फाइव (डी2 और डी1) और टाइप सिक्स (सी2) अपार्टमेंट अावंटित किया जाता है.

    ज्वाइंट सेक्रेटरी का वेतन और परिलब्धियां किसी राज्य सरकार के सचिव के बराबर होती हैं. साथ ही भारतीय सेनाओं के मेजर जनरल या समवर्ती पदों के बराबर.

    मासिक वेतन
    सातवें वेतन आयोग के अनुसार
    न्यूनतम वेतन -144200 रुपए, अधिकतम 218200 रुपए
    इस सैलरी के साथ कई भत्ते और सुविधाएं अलग से सरकार द्वारा दी जाती हैं

    सरकार की नई अधिसूचना क्या है
    केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इन पदों को लिए वो लोग अप्लाई कर सकते हैं, जो मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हो और एक जुलाई तक उनकी उम्र 40 साल हो गई है. उम्मीदवार के लिए किसी सरकारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट, यूनिवर्सिटी के अलावा किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल काम का अनुभव जरूरी है.

    इन विभागों में होगी नियुक्ति
    मोदी सरकार ने जिन पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, उनकी नियुक्ति 10 मंत्रालयों में होनी है। इनमें वित्तीय सेवा इकोनॉमिक अफेयर, कृषि, सड़क परिवहन, शिपिंग, पर्यावरण और वन, नागरिक उड्डयन और वाणिज्य क्षेत्र में शामिल हैं।

    कब तक होगी नियुक्ति
    इन पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों की नियुक्ति तीन साल तक के लिए की जाएगी और सरकार इस कॉन्ट्रेक्ट को पांच साल तक बढ़ा भी सकती है। बता दें कि इन पदों के लिए प्रोफेशनल उम्मीदवार ही अप्लाई कर सकते हैं।

    ऐसे होगा चयन
    इनके चयन के लिए उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा. कैबिनेट सेक्रेटरी के नेतृत्व वाली कमेटी इनका इंटरव्यू लेगी.

    आवेदन की आखिरी तारीख- 30 जुलाई 2018

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर