Love Story: जब एमजीआर से रूठकर सुपर स्टार शोभन के पास पहुंच गई थीं जयललिता

Love Story: जब एमजीआर से रूठकर सुपर स्टार शोभन के पास पहुंच गई थीं जयललिता
फाइल फोटो

एमजीआर और जयललिता के संबंधों को लेकर बहुत कुछ कहा जाता रहा है. इसमें किसी को भी कोई शक नहीं कि उनके संबंध प्रेमियों से कहीं बढ़कर थे लेकिन उसमें उतार चढ़ाव और अविश्वास की लकीरें भी बहुत थीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 5, 2018, 2:28 AM IST
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एक जमाना था जब जयललिता अपने मेंटर और कथित प्रेमी एमजी रामचंद्रन से बुरी तरह रूठ गईं. इस कदर कि उनसे मुंह मोड़कर तेलुगु सिनेमा के सुपर स्टार शोभन बाबू के पास जा पहुंचीं. प्रेम की बेल कुछ यूं लिपटी कि लगने लगा ये बंधन नए रिश्तों की इबारत लिखेगा. जया ने शोभन से टूटकर प्यार किया था, वह उनसे शादी करना चाहती थीं लेकिन पहले से विवाहित शोभन बार-बार इनकार करते रहे. बाद में हालात ने उन्हें फिर एमजीआर के पास लौटने के लिए मजबूर किया. शोभन आकर्षक पुरुष थे, लंबे, चमकती आंखों वाले और मोहक व्यक्तित्व के धनी.

जयललिता तमिलनाडु की मुख्यमंत्री थीं. गंभीर बीमारी की वजह से पांच दिसंबर 2016  को चेन्नई के अस्पताल में उनका निधन हो गया था. जयललिता को एमजी रामचंद्रन का स्वाभाविक उत्तराधिकारी माना गया. एमजीआर और जयललिता के संबंधों को लेकर बहुत कुछ कहा जाता रहा है. इसमें किसी को भी कोई शक नहीं कि उनके संबंध प्रेमियों से कहीं बढ़कर थे लेकिन उसमें उतार चढ़ाव और अविश्वास की लकीरें भी बहुत थीं. हालांकि जयललिता के जीवन में जो भी पुरुष आए, वो उन्हें पूर्णता नहीं दे सके. लिहाजा एक असुरक्षा की भावना उनके अंदर ताजिंदगी बनी रही.

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नहीं बनना चाहती थीं एक्ट्रेस
जयललिता फिल्मों में कभी काम नहीं करना चाहती थी. वह पढ़ाई पूरी करना चाहती थीं. पढ़ाई में बहुत तेज थीं. क्लास में आगे रहने वाली. फर्स्ट डिविजन में पास होने वाली. वह बड़ी वकील बनना चाहती थीं. जब हालात के चलते उन्हें जबरदस्ती फिल्मों में एक्टिंग करने के लिए आना पड़ा तो वह बहुत रोईं. हालांकि वहां उन्होंने शोहरत व कामयाबी के शिखरों को हासिल किया. लेकिन दुनिया के संघर्षों ने उन्हें निष्ठुर और निर्मम लौह महिला बना दिया, ऐसी महिला जो पैसा, ग्लैमर, सत्ता व राजनीति के हर खेल की माहिर खिलाड़ी बन गई. जिसके सामने पुरुष प्रधान दुनिया के पुरुष लोटते थे. वह अंधी महत्त्वाकांक्षा, विराट अहंकार और विशुद्ध स्वार्थ का पर्याय बन गईं.

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जयललिता की एक्टिंग के दिनों की तस्वीर


प्रेमियों से मिली असुरक्षा
लंबे समय तक जयललिता के खास सहयोगी रहे भूतपूर्व सांसद वालमपुरी जौन ने एक इंटरव्यू में कहा, "वह अंतर्विरोधों का पुलिंदा थीं. उनके जीवन में पहले पिता के बर्ताव ने एक अजीब सा भाव भरा तो फिर प्रेमी के रूप में एम जी रामचंद्रन और शोभन बाबू उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सके." कई वर्षों पहले सिम्मी ग्रेवाल को दिए गए एक टेलीविजन इंटरव्यू में उन्होंने बहुत अफसोस के साथ कहा था कि उनका परिवार काफी संपन्न था मगर पिता शराबी और फिजूलखर्च थे. इसलिए उनकी मृत्यु के बाद परिवार कंगाल हो गया था. मां संध्या को फिल्मों में छोटीछोटी भूमिकाएं करने के लिए मजबूर होना पड़ा.

एमजीआर से उतार चढ़ाव भरे संबंध
जब वह फिल्मों में आईं तो एमजी रामचंद्रन दक्षिण भारतीय फिल्मों के बड़े स्टार थे. जल्दी ही वह उनकी जिंदगी में आ गए. दोनों ने साथ में 28 हिट फिल्में दीं. एमजी बाद में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने और एआईडीएमके सियासी दल के प्रमुख लेकिन एमजी उन्हें अपने इशारों पर चलाते थे. कई बार उन्हें मन मारकर उनकी बात माननी होती थी. शायद वह अपने समय का इंतंजार कर रही थीं. ये जगजाहिर था कि जयललिता एमजी के साथ एक ऐसे रिश्ते में बंधी थीं जिसमें वह पत्नी की तरह उनकी बात सुनती थीं. लेकिन इस रिश्ते को आधिकारिक दर्जा कभी नहीं मिला.

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तब एमजीआऱ को छोड़ दिया
जब जयललिता खुद दक्षिण भारत की फिल्मों की सुपर स्टार बन गईं तो वह अपने तरीकों से चीजों को संचालित करने लगीं. एमजीआर ने जब उनकी जगह किसी और हीरोइन के साथ फिल्में साइन करनी शुरू कीं तो उनके मतभेद चरम पर पहुंच गए. दोनों का रिश्ता टूट गया. एमजीआर को चुनौती देते हुए जयललिता ने तेलुगु फिल्म स्टार शोभन बाबू से नजदीकियां बनाईं. दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे. हालांकि कहा तो ये जाता है कि उन्होंने गुप्त विवाह कर लिया था, जिससे उन्हें एक बेटी भी हुई. हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं होती लेकिन शोभन से उनके नजदीकी रिश्तों की पुष्टि हर कोई करता है. ये भी कहा जाता है कि एमजीआर लगातार दोनों के रिश्तों पर नजर रखे हुए थे. इस तरह की कोशिश कर रहे थे कि ये रिश्ता टूट जाए. दोनों शादी नहीं कर पाएं. ऐसा हो भी गया.

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अभिनेत्री से नेता बनने का जयललिता का सफर बेहद दिलचस्प है.


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पार्टी में मिली थीं शोभन से
जयललिता ने अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में कभी किसी से कुछ जाहिर नहीं किया. शोभन से उनकी मुलाकात एक फिल्मी पार्टी में चेन्नई में हुई. उन दिनों वह चेन्नई में ही रहते थे. वह विवाहित थे और उनके बेटा भी था. लेकिन इसके बाद भी उनसे रिश्ता बनाने में जयललिता को कोई गुरेज नहीं था. कहा जाता है कि जया ने उन्हें पूरी तरह अपने मोहपाश में बांध लिया था. पहले तो वो दोनों अच्छे दोस्त बने और फिर पार्टियों में लगातार मिलने से नजदीकियां बनने लगीं, हालांकि दोनों ने तब तक कभी साथ में किसी फिल्म में काम नहीं किया था.

शोभन ने शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया
दक्षिण भारत की पत्रिकाओं में लिखा गया कि जयललिता ने तो शोभन से शादी का प्रस्ताव रखा लेकिन तब शोभन ने इसे इसलिए स्वीकार नहीं किया क्योंकि वह शादीशुदा और एक बेटे के बाप थे लेकिन जया ने उम्मीद नहीं छोड़ी. वह लगातार उन पर दबाव डालती रहीं, लिहाजा एक दिन शोभन ने तंग आकर उनसे सारे संबंध तोड़ लिये. इसके बाद जयललिता जब अकेली पड़ीं तब एमजीआर फिर उन्हें संभालने आ पहुंचे.

क्या जया की एक बेटी भी है!
हाल में बेंगलुरु की एक लड़की ने दावा किया है कि वह जयललिता और शोभन की बेटी है. जया ने गुप्त रूप से उसे अपने घर में जन्म दिया और फिर उसे जयललिता की रिश्ते की एक बहन ने पाला. जब जयललिता का निधन हो गया तब उसे इसकी जानकारी दी गई. उसने सुप्रीम कोर्ट में डीएनए जांच की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया.

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एमजीआर ने आगे बढाया तो जासूसी भी कराई
सत्तर के दशक में एमजी रामचंद्रन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन गए. जयललिता को वह अपने साथ फिर लाने में सफल रहे. वह उन्हें राजनीति में ले आए. उन्हें राजनीति में ताकतवर बनाया, हालांकि वह उनकी जासूसी भी कराते थे. जिससे उनकी एक-एक गतिविधि के बारे में खबर रख सकें. जयललिता को भी इसका अंदाज लगने लगा. हालांकि जया ने कभी स्वीकार नहीं किया कि उनके एमजीआर से प्रेम संबंध थे. सिमी ग्रेवाल के शो में उन्होंने साफ कहा कि एमजीआर ने उनके लिए राजनीति के रास्ते आसान नहीं किए बल्कि राजनीति के मुकाम और मंजिलें उन्होंने खुद बनाईं.
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