किस मिशन पर है चांद पर अजीब तत्व खोजने वाला चीनी चंद्रयान?

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Updated: September 1, 2019, 7:26 PM IST
किस मिशन पर है चांद पर अजीब तत्व खोजने वाला चीनी चंद्रयान?
चीन के चंद्रयान ने इसी साल चांद की सत्ह पर सॉफ्ट लैंडिंग की थी.

एक तरफ भारत का चंद्रयान 2 मिशन (Chnadrayaan 2 Mission) अगले हफ्ते चांद पर लैंडिंग करने जा रहा है लेकिन उससे पहले चीन का चंद्रयान चांद (China Moon Mission) की सत्ह पर पहुंच चुका है और उसके कारनामे सामने आए हैं.

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भारत का चंद्रयान 2 मिशन (India's Moon Mission) अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और 7 सितंबर को रात 1.55 बजे इसकी चंद्रमा पर लैंडिंग होना तय है. इसरो (ISRO) के मुताबिक़ दो सितंबर को लैंडर ‘विक्रम’ (Moon Lander) ऑर्बिटर से अलग होगा और सात सितंबर को यह चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र (Lunar Surface) में ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा. भारत के इस मिशन के बरक्स चीन का भी चंद्रयान मिशन (Chinese Moon Mission) जारी है. चीन के चंद्रयान में भी लैंडर और रोवर जैसी ही तकनीक अपनाई गई है और दावा हुआ है कि चीनी मिशन ने एक नायाब तत्व चांद की सत्ह पर खोजा है. इस तत्व और चीन के चंद्रयान मिशन की गतिविधियों के बारे में जानिए.

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क्या है ये अजीब तत्व?
चीन का चेंग ई4 मिशन (China’s Chang’e 4 mission) धरती की सत्ह से जो दूर होती है, चांद की उस सत्ह के राज़ खोज रहा है. चीन के इस चंद्रयान ने पहले चांद की सत्ह की गहराई में खनिजों (Minerals) का होना पाया था और अब एक और चौंकाने वाली चीज़ खोजी है. इस बार इस यान ने चांद पर एक 'जेल जैसे' किसी तत्व (Gel Like Substance) का पता लगाया है, लेकिन ये तत्व क्या है और इसका स्रोत क्या है, ये सवाल अभी बरकरार है.

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इस मिशन में चीन ने चेंग ई4 लैंडर के साथ ही एक छोटा रोवर यूटू-2 भी भेजा है, जैसे भारत ने चंद्रयान 2 के साथ एक लैंडर और रोवर चांद पर भेजा है. स्पेस.कॉम की रिपोर्ट की मानें तो यूटू-2 इस खोज के वक्त कुछ लड़खड़ाया था और इस खोज के बाद मिशन से जुड़े वैज्ञानिक इस अनजाने तत्व के बारे में और जानने के लिए बेताब हो उठे हैं. ये तमाम जानकारियां चीनी भाषा में 'अवर स्पेस' नाम के एक पत्र में छपी हैं.

बताया गया है कि ये तत्व चांद के क्रेटर पर पाया गया, जिसका रंग और संरचना काफी विचित्र थी. चीनी वैज्ञानिकों ने इस बारे में ज़्यादा जानकारी न देते हुए यही बताया है कि ये एक जेल जैसा तत्व है, जिसका रंग भी काफी अजीब सा है. हो सकता है कि यह कोई पिघला हुआ कांच जैसा तत्व हो, जो किसी अंतरिक्ष उल्का पिंड के कारण चांद की सत्ह पर रह गया हो.
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चीन के चंद्रयान ने चांद पर एक 'जेल जैसे' किसी तत्व का पता लगाया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर.)


अभी परीक्षण किए जाने बाकी हैं
रिपोर्ट के मुताबिक चेंग ई4 लैंडर हाल में लंबी नींद के बाद सक्रिय हुआ और उसने नौवें लूनर डे अपनी गतिविधियां फिर शुरू कीं. एक लूनर डे पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है और इसी तरह रात भी. चांद की लंबी ठंडी रात के दौरान रोवर स्लीप मोड में चला जाता है.

अब इसका अगला काम ये बताया जा रहा है कि न्यूट्रॉन रेडिएशन डिटेक्टर और कम फ्रिक्वेंसी के रेडियो डिटेक्टर के साथ वैज्ञानिक परीक्षण किए जाएंगे. चांद की सत्ह की संरचना के तत्वों को समझना इन परीक्षणों का फोकस होगा. चीन की न्यूज़ एजेंसी ज़िनहुआनेट के मुताबिक़ चीन के इस मिशन में कुछ और देशों ने भी सहयोग किया है. नीदलैंड्स, जर्मनी, स्वीडन और सउदी अरब ने चीन के इस अंतरिक्ष मिशन के लिए चार पेलोड विकसित किए हैं.

क्या हैं चेंग ई4 मिशन?
चीन का चांद की सत्ह के राज़ जानने का यह मिशन पिछले साल दिसंबर में लॉंच हुआ था और इसी साल 3 जनवरी को इस चंद्रयान ने पहली सॉफ्ट लैंडिंग चांद की सत्ह पर की थी. चांद की सत्हों और क्रेटरों के बारे में जानने के इस रोबोटिक मिशन के लिए चीन ने एक लैंडर और यूटू 2 रोवर के साथ यह यान भेजा है और चीन की योजना इस मिशन के अगले वर्जनों यानी चेंग 5 और चेंग 6 की भी है.

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First published: September 1, 2019, 7:26 PM IST
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