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क्या है हमारा राष्ट्रगान, ममता के बैठकर गाने पर क्यों हुआ विवाद

क्या है हमारा राष्ट्रगान, ममता के बैठकर गाने पर क्यों हुआ विवाद

मेरठ में फहराता हुआ 110 फीट ऊंचा तिरंगा.

मेरठ में फहराता हुआ 110 फीट ऊंचा तिरंगा.

National Song, Jan Man Gan : बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी (Mamta banerjee) ने मुंबई के एक कार्यक्रम में राष्ट्रगान की 04 लाइनें बैठे बैठे पढीं. इसके बाद विवाद हो गया कि ऐसा करके उन्होंने राष्ट्रगान का अपमान किया है. क्या आपको मालूम है कि राष्ट्रगान क्या है और सार्वजनिक तौर पर इसको कैसे पढ़ना चाहिए. वैसे इसके दो संस्करण हैं. एक पूर्ण संस्करण और संक्षिप्त संस्करण.

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    मुंबई में एक कार्यक्रम में बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा बैठकर राष्ट्रगान की 04 लाइनें पढ़ने और जयहिंद कहने पर विवाद हो गया है. इसे राष्ट्रगान के अपमान से जोड़ा जा रहा है. वैसे ये बात सही है कि राष्ट्रगान को पढ़ने का अपना एक नियम है, जिसके जरिए राष्ट्र और राष्ट्रगान के प्रति सम्मान जाहिर किया जाता है.

    सार्वजनिक प्रोग्राम में ना तो राष्ट्रगान को बैठकर गाया जा सकता है और ना ही अधूरा गाया जाता है. वैसे राष्ट्रगान को गाने के दो संस्करण हैं. एक पूर्ण संस्करण और एक संक्षिप्त संस्करण. हम ये जानेंगे कि राष्ट्रगान क्या है और इसके नियम क्या हैं.

    क्या है राष्ट्रगान
    हमारा राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ है, जिसके रचनाकार रवींद्रनाथ टैगोर हैं. इसे मूल तौर पर बांग्ला भाषा में लिखा गया था. ‘जन गण मन’ में पांच छंद हैं. इन छंदों में भारतीय संस्कृति, सभ्यता समेत स्वतंत्रता संग्राम का वर्णन किया गया है.

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    ममता बनर्जी के बैठकर और अधूरा राष्ट्र गान गाने पर विवाद हो गया है (फोटो- फेसबुक)

    किसने किया इसका अंग्रेजी और हिंदी में अनुवाद 
    28 फरवरी, 1919 को रवींद्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का अंग्रेजी में अनुवाद किया. इसका टाइटल मॉर्निंग सॉन्ग ऑफ इंडिया रखा था. जबकि इसका हिंदी-उर्दू रूपांतरण तत्कालीन इंडियन नेशनल आर्मी के कप्तान आबिद अली द्वारा किया गया था.

    पहली बार कब गाया गया
    इसे पहली बार 27 दिसंबर, 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा आयोजित कोलकाता अधिवेशन के दूसरे दिन रवींद्रनाथ टैगोर ने हिंदी और बांगला दोनों भाषाओं में गाया था. राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के पहले छंद को संविधान सभा द्वारा आधिकारिक रूप से 24 जनवरी, 1950 को मान्यता दी गई थी.

    क्या हैं राष्ट्रगान के नियम
    जब राष्‍ट्रगान गाया या बजाया जाता है तो गाने और सुनने वालों को खड़ा रहना चाहिए. श्रोताओं को उस समय सावधान की मुद्रा में रहना चाहिए.

    कितनी देर में गाना चाहिए
    -भारतीय संविधान की मानें तो राष्ट्रगान को महज 52 सेकेंड के भीतर गाना चाहिए
    – संक्षिप्त संस्करण को 20 सेकंड के भीतर गाना चाहिए.
    – संक्षिप्त संस्करण में राष्ट्रगान की पहली और अंतिम पंक्ति को गाया जाता है.

    ये है राष्ट्रगान का हिंदी में पूर्ण संस्करण

    जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता!
    पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग
    विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग
    तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे,
    गाहे तव जय गाथा।
    जन गण मंगलदायक जय हे भारत भाग्य विधाता!
    जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे।।

    ये है राष्ट्रगान का संक्षिप्त संस्करण
    राष्‍ट्र गान की पहली और अंतिम पंक्तियों के साथ एक संक्षिप्‍त संस्‍करण भी कुछ विशिष्‍ट अवसरों पर बजाया जाता है. इसे इस प्रकार पढ़ा जाता है

    जन-गण-मन अधिनायक जय हे
    भारत-भाग्‍य-विधाता।
    जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे।

    क्या हैं राष्ट्रगान बजाने के नियम
    राष्‍ट्रगान का पूर्ण संस्‍करण निम्‍नलिखित अवसरों पर बजाया जाएगा:
    – नागरिक और सैन्‍य अधिष्‍ठापन;
    – जब राष्‍ट्र सलामी देता है (अर्थात इसका अर्थ है राष्‍ट्रपति या संबंधित राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों के अंदर राज्‍यपाल/लेफ्टिनेंट गवर्नर को विशेष अवसरों पर राष्‍ट्र गान के साथ राष्‍ट्रीय सलामी – सलामी शस्‍त्र प्रस्‍तुत किया जाता है);
    – परेड के दौरान – चाहे उपरोक्‍त में संदर्भित विशिष्‍ट अतिथि उपस्थित हों या नहीं;
    – औपचारिक राज्‍य कार्यक्रमों और सरकार द्वारा आयोजित अन्‍य कार्यक्रमों में राष्‍ट्रपति के आगमन पर और सामूहिक कार्यक्रमों में तथा इन कार्यक्रमों से उनके वापस जाने के अवसर पर;
    – ऑल इंडिया रेडियो पर राष्‍ट्रपति के राष्‍ट्र को संबोधन से तत्‍काल पूर्व और उसके पश्‍चात;
    – राज्‍यपाल/लेफ्टिनेंट गवर्नर के उनके राज्‍य/संघ राज्‍य के अंदर औपचारिक राज्‍य कार्यक्रमों में आगमन पर तथा इन कार्यक्रमों से उनके वापस जाने के समय;
    जब राष्‍ट्रीय ध्‍वज को परेड में लाया जाए;
    – जब रेजीमेंट के रंग प्रस्‍तुत किए जाते हैं;
    – नौसेना के रंगों को फहराने के लिए
    जब राष्‍ट्र गान एक बैंड द्वारा बजाया जाता है तो राष्‍ट्र गान के पहले श्रोताओं की सहायता हेतु ड्रमों का एक क्रम बजाया जाता है ताकि वे जान सकें कि अब राष्‍ट्र गान आरम्भ होने वाला है.

    सार्वजनिक अवसरों पर कैसे गाया जाए
    – सामूहिक गान के साथ राष्‍ट्र गान को गाने पर तब तक कोई आपत्ति नहीं है लेकिन इसे मातृ भूमि को सलामी देते हुए आदर के साथ गाना चाहिए. इसकी उचित ग‍रिमा को बनाकर रखना चाहिए.
    – विद्यालयों में, दिन के कार्यों में राष्‍ट्र गान को सामूहिक रूप से गाकर शुरू किया जा सकता है.

    Tags: Mamta Banarjee, Mumbai, National song

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