तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी... कौन हैं बिहार के दो अगले डिप्टी सीएम?

तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी.
तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी.

यूपी के बाद अब बिहार में भी दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा रहे हैं. बिहार की एनडीए सरकार (Bihar Government) में तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी का चयन भाजपा विधानमंडल दल के नेता और उपनेता के लिए हुआ था, जिसके बाद तस्वीर काफी साफ हो गई थी.

  • News18India
  • Last Updated: November 16, 2020, 5:29 PM IST
  • Share this:
बिहार चुनाव (Bihar Polls) के नतीजों के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई भाजपा ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार (Nitish Kumar government) बनाने का वादा निभाते हुए इस बार दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला अपनाया है. जो ज़िम्मेदारी पहले सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) संभाल रहे थे, अब वो कटिहार के विधायक तारकिशोर प्रसाद और बेतिया से विधायक रेणु देवी को सौंपी जा रही है. कहा जा रहा है कि सुशील मोदी को केंद्र में भूमिका दी जाएगी और राज्य में दो डिप्टी सीएम का चयन भी एक खास रणनीति के तहत किया गया है.

नीतीश कुमार सोमवार की शाम शपथ लेंगे, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सबकी निगाहें प्रसाद और रेणु देवी पर रहेंगी. इससे पहले कि आपको ये बताएं कि उत्तर प्रदेश की तर्ज़ पर दो डिप्टी सीएम के पीछे भाजपा की रणनीति क्या है, ये भी जानिए कि बिहार की राजनीति में नीतीश के कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले ये दो चेहरे कौन हैं.

ये भी पढ़ें :- राजीव गांधी को न पाकिस्तान पर हमले की भनक थी, न ही बाबरी मस्जिद खुलने की!



कौन हैं तारकिशोर प्रसाद?
बिहार की राजनीति में प्रसाद का नाम नया नहीं है. कटिहार के कद्दावर विधायक रहे प्रसाद कालवार जाति से ताल्लुक रखते हैं जो कि वैश्य समुदाय का हिस्सा है. जातिगत समीकरणों के हिसाब से यह पिछड़ी जाति है. कटिहार से राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार रामप्रकाश महतो को 10,500 वोटों के अंतर से हराने वाले प्रसाद को सुशील मोदी का करीबी माना जाता है.

bihar election results, nitish kumar oath, nitish kumar cm, nitish kumar cabinet, बिहार चुनाव नतीजे, नीतीश कुमार शपथ, नीतीश कुमार सीएम, नीतीश कुमार कैबिनेट
कटिहार से विधायक तारकिशोर प्रसाद.


2005 से लगातार चार बार प्रसाद ने अपनी विधानसभा सीट जीती है. 1974 में कटिहार के डीएस कॉलेज से इंटर तक पढ़ाई करने वाले प्रसाद आरएसएस और एबीवीपी से जुड़कर राजनीति की शुरूआत करने वाले नेता रहे. भाजपा जॉइन करने से पहले सहयोगी संगठनों में प्रसाद को पद मिल चुके थे. चुनावी घोषणा पत्र के मुताबिक प्रसाद 1.9 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं.

ये भी पढ़ें :- चीन के खिलाफ पाकिस्तान से उम्मीद क्या नेहरू का ग़लत जजमेंट था?

कौन हैं रेणु देवी?
पार्टी की पूर्व उपाध्यक्ष रह चुकी रेणु देवी पहली महिला बनने जा रही हैं, जो बिहार की उपमुख्यमंत्री होंगी. नोनिया जाति से ताल्लुक रखने वाली रेणु देवी अति पिछड़ा वर्ग से आती हैं. कांग्रेस के मदन मोहन तिवारी को 18000 वोटों से हराने वाली रेणु देवी बेतिया सीट से चार बार जीत हासिल कर चुकी हैं. 2015 में मदन मोहन से हारने के बाद रेणु देवी ने इस बार सीट वापस हथियाई.

ये भी पढ़ें :- Explained : किसी और धर्म का कोई व्यक्ति कैसे बन सकता है हिन्दू?

नीतीश कुमार की दूसरी पारी में मंत्री रह चुकी रेणु देवी भी प्रसाद की तरह आरएसएस में मज़बूत पकड़ रखने वाली नेता हैं. इसके अलावा, बिहार के भाजपा प्रमुख संजय जायसवाल की करीबी मानी जाती हैं. प्रसाद, जायसवाल और रेणु देवी तीनों ही वैश्य समुदाय से ताल्लुक रखते हैं.

bihar election results, nitish kumar oath, nitish kumar cm, nitish kumar cabinet, बिहार चुनाव नतीजे, नीतीश कुमार शपथ, नीतीश कुमार सीएम, नीतीश कुमार कैबिनेट
बेतिया से विधायक रेणु देवी.


क्या है भाजपा की रणनीति?
डिप्टी सीएम के तौर पर प्रसाद और रेणु देवी को चुनने के पीछे संकेत साफ है कि बिहार में भाजपा जातिगत समीकरणों को साधना चाह रही है. अति पिछड़ा वर्ग और वैश्य समुदाय में भाजपा गहरी पैठ बनाने का इरादा कर रही है ताकि आने वाले समय मे यहां उसके वोटों का गढ़ तैयार हो सके. कहा जा रहा है कि इन दो चेहरों को अहम पद देकर भाजपा जातिवादी राज्य बिहार में अपनी पकड़ को और विस्तार देने का इरादा रखती है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज