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19 सालों में आखिर क्यों कभी नहीं बदली KBC की आइकॉनिक धुन?

Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: October 9, 2019, 6:08 PM IST
19 सालों में आखिर क्यों कभी नहीं बदली KBC की आइकॉनिक धुन?
लाउड धुन केबीसी शो की पहचान बन चुकी है.

जानें कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय गेम शो (Popular Game Show) में शुमार रहे हू वॉंट्स टू बी ए मिलेनियर (Who Wants To Be A Millionaire) के राइट्स जब बेचे गए थे, तो उनकी क्या कीमत थी और किसने खरीदे थे.

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भारतीय टेलिविज़न (Indian TV) के बेहद लोकप्रिय रहे गेम शो कौन बनेगा करोड़पति (Kaun Banega Crorepati) का पहला सीज़न साल 2000-01 में आया था और इन 19 सालों में गेम के रूल्स या रकम आदि को लेकर कुछ बदलाव होते रहे, लेकिन इसकी आइकॉनिक थीम ट्यून (Iconic Music) वैसी ही है. केबीसी (KBC) के इतिहास में साउंड के स्तर पर इसमें कुछ सुधार ज़रूर होते रहे हैं लेकिन जो बेसिक शुरूआती धुन थी, अब भी वही है लेकिन क्या आपको पता है कि इसकी वजह क्या है? इस सवाल के जवाब के साथ ये भी जानें कि इस धुन के ओरिजनल कंपोज़र (KBC Music Composer) कौन थे और दुनिया भर में कैसे ये एक धुन मशहूर हुई.

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अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के नाम और चेहरे से पहचाने जाने वाले इस गेम शो की शुरूआत अस्ल में ब्रिटेन से हुई थी. सितंबर 1998 में पहली बार ब्रिटिश टीवी (British Television) से प्रसारित यह शो हू वॉंट्स टू बी ए मिलेनियर इतना मशहूर हुआ कि अब तक दुनिया के डेढ़ सौ से ज़्यादा देशों में इसके अलग अलग वर्जन बन चुके हैं. होस्ट्स अलग हैं, इनामी राशि की मुद्राएं अलग हैं लेकिन, ज़्यादातर देशों में इस शो के वर्जनों में कुछ बातें जो कॉमन हैं, उनमें इसकी आइकॉनिक धुन है. जानिए कि क्यों नहीं बदली गई ये धुन और इस धुन के पीछे क्या है पूरी कहानी.

जब बेचे गए थे टीवी राइट्स

ब्रिटिश टीवी के लिए बड़ी घटना थी जब हू वॉंट्स टू बी ए मिलेनियर शो के टीवी राइट्स 2006 में दुनिया भर के लिए बेचे गए थे. इस शो के अधिकार रखने वाली मूल ब्रिटिश कंपनी सेलाडोर थी, जिसने इस टीवी शो के राइट्स बेचे थे. डच कंपनी 2वेट्रैफिक ने ये अधिकार खरीदे थे और फिर दो साल बाद सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने दुनिया भर के लिए इस शो के राइट्स 2008 में 1193 करोड़ रुपये से ज़्यादा में खरीदे थे. लेकिन, सिर्फ अमेरिका के लिए वॉल्ट डिज़्नी की कंपनी और एबीसी ने मिलकर इस शो के राइट्स खरीदे.

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Who Wants To Be A Millionaire शो की शुरूआत सबसे पहले ब्रिटिश टेलिविज़न पर हुई थी.

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स्टार टीवी के लिए ऐसे बना था शो
अस्ल में केबीसी के पहले तीन सीज़न स्टार टीवी पर प्रसारित हुए थे. इसके पीछे लंबी कहानी थी जिसका सार ये है कि 1998 से साल 2000 के बीच दुनिया के मीडिया मुगल कहे जाने वाले न्यूज़ कॉर्पोरेशन के चेयरमैन रुपर्ट मर्डोक ने इस शो को फाइनल किया था क्योंकि स्टार टीवी नेटवर्क उनकी ही कंपनी का​ हिस्सा था, जो भारत में उस वक्त अन्य चैनलों के मुकाबले पिछड़ रहा था. और इस शो पर दांव खेला गया ताकि टीवी को भारी मुनाफा हो सके.

धुन क्यों नहीं बदली जा सकी?
सोनी एंटरटेनमेंट के पास जब राइट्स पहुंचे, उससे पहले ही ब्रिटिश कंपनी सेलाडोर के प्रमुख रहे पॉल स्मिथ ने राइट्स बेचे जाने के दौरान कुछ शर्तें रखी थीं, जो डील का हिस्सा थीं. इन शर्तों में शामिल था कि अमेरिका को छोड़कर दुनिया भर में इस शो के जितने वर्जन बनेंगे, उनकी थीम धुन को नहीं बदला जा सकेगा यानी ब्रिटिश वर्जन के ओरिजनल म्यूज़िक को ही बरकरार रखा जाएगा.

स्मिथ रूल्स : सेट डिज़ाइन भी नहीं बदला
स्मिथ की शर्तों की फेहरिस्त में और भी कुछ बातें थीं जैसे सेट डिज़ाइन और लाइटिंग सिस्टम को लेकर खास बदलाव न किए जाने की हिदायत थी ताकि शो की ग्लोबल पहचान बरकरार रहे. ये भी एक शर्त थी के शो के अलग अलग वर्जनों के प्रस्तोता यानी होस्ट अरमानी के सूट ही पहनकर होस्टिंग करें, हालांकि इस शर्त में समय और देशों के साथ बदलाव आते रहे. सालों पहले हुई इस डील के समय इन शर्तों को स्मिथ रूल्स कहा गया ​लेकिन वक्त के साथ इसमें बदलाव की गुंजाइशें निकाली गईं.

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साउंड इफेक्ट और ऑर्केस्ट्रा के स्तर पर बदलाव के बावजूद केबीसी की मूल धुन वही 19 साल पुरानी है.


आइकॉनिक धुन किसने बनाई?
कीथ स्ट्रैचन. जी हां, ये उसी संगीतकार का नाम है, जिसकी लोकप्रिय धुन सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में लोगों के दिमाग में बसी हुई है. सेलाडोर ने जब इस गेम शो का कॉंसेप्ट तैयार किया, तब कीथ से पीट वॉटरमैन के एक पॉप गीत की धुन को रीअरेंज करने के लिए कहा गया था ताकि शो के लिए एक थीम धुन तैयार हो सके. लेकिन, फिर एक नई ही धुन बन गई, कैसे?

ड्रामा और तनाव थी वजह
कीथ को इस शो के लिए धुन बनाने के लिए जो कॉंसेप्ट मिला था, उसका सार था कि धुन में 'भरपूर ड्रामा और पुरज़ोर तनाव वाला' इफेक्ट हो. जब पॉप गीत को आधार बनाकर कीथ ने काम शुरू किया तो उन्होंने पाया कि इसमें ये इफेक्ट नहीं आएगा और अपने बेटे मैथ्यू के साथ मिलकर कीथ ने एक नई धुन ईजाद की. इस धुन के लिए कीथ ने होल्स्ट के द प्लेनेट सुइट से प्रेरणा ली. इस शो की कामयाबी के लिए बाद में कहा गया कि पूरा कमाल इसी एक धुन का था, जिसके लिए कीथ और मैथ्यू को कई पुरस्कार भी मिले.

तो केबीसी की धुन में बदलाव नहीं हुए?
पिछले 19 सालों में कौन बनेगा करोड़पति शो की थीम धुन की बुनावट यानी बेसिक नोट्स में कोई बदलाव नहीं हुआ लेकिन इसे आकर्षक बनाए जाने के लिए इसमें साउंड इफेक्ट और ऑर्केस्ट्रा के स्तर पर बदलाव हुए हैं. रैमन कावालो, सावन दत्ता और अजय-अतुल जैसे संगीतकार इस शो की आइकॉनिक धुन को समय के हिसाब से और गुणवत्ता देने के लिए काम कर चुके हैं. (Who Wants To Be A Millionaire शो की ओरिजनल धुन आप यहां सुनकर समझ सकते हैं कि किस तरह इस धुन को बरकरार रखा गया.)



बरकरार है धुन का जादू
इस शो की लोकप्रियता इस तरह समझी जा सकती है कि प्राइम टाइम यानी रात में एक खास समय पर देश के करोड़ों लोग टीवी पर ये गेम शो देखते रहे हैं और पहले स्टार व बाद में सोनी टीवी की लोकप्रियता में इस शो का बड़ा हाथ रहा. इस शो की पहचान इसकी धुन लंबे समय से बनी हुई है. थीम धुन के साथ ही सवालों के फ्लैश होने, जवाब गलत होने और शो के आखिर में बजने वाले हूटर की आवाज़ को लेकर भी जो ओरिजनल कंपोज़िंग थी, ज़्यादातर वही चली आ रही है.

यहां तक कि ऑस्कर विजेता मशहूर फिल्म 'स्लमडॉग मिलेनियर' इस शो के कॉंसेप्ट को लेकर बुनी गई एक कहानी पर आधारित थी और फिल्म में भी जब इस शो के सीन लिये गए, तब भी इस आइकॉनिक धुन के फ्लेवर का ही इस्तेमाल किया गया था.

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First published: October 9, 2019, 6:08 PM IST
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