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ट्रंप से कम नहीं चीनी प्रेसिडेंट जिनपिंग की सुरक्षा, लिमोजिन कार है बहुत खास

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: October 9, 2019, 9:54 PM IST
ट्रंप से कम नहीं चीनी प्रेसिडेंट जिनपिंग की सुरक्षा, लिमोजिन कार है बहुत खास
ऐसा होता है चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सुरक्षा काफिला

चीन के राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा देश और देश से बाहर सेंट्रल सेक्यूरिटी ब्यूरो संभालता है. इसमें चीन के सबसे एलीट और फुर्तीले गार्डस हैं, ये आधुनिक सुरक्षा के साजोसामान से लैस रहते हैं. हालांकि जिनपिंग अपने अंदरूनी घेरे के पर्सनल कमांडोज को लगातार बदलते रहते हैं

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  • Last Updated: October 9, 2019, 9:54 PM IST
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11 अक्टूबर को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आएंगे. यहां उनकी सुरक्षा तीन लेयर में होगी. इसमें अंदरूनी घेरे की सुरक्षा का दारोमदार एसपीजी के साथ उनके अपने कमांडो और सुरक्षा गार्ड पर होगा.  चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सुरक्षा जबरदस्त रहती है. वो अपने साथ बड़ा सुरक्षा काफिला लेकर चलते हैं और जिस कार में बैठते हैं तो और भी खास है. ये कार है लिमोजिन होंकी एन 501. जिसे उनके हिसाब से दुनिया की सबसे सुरक्षित कार में तब्दील किया जा चुका है.

आइए जानते हैं कि कैसी होती है कि जिनपिंग की सुरक्षा. कौन उनकी सुरक्षा करता है. कैसे है उनकी वो कार, जिसमें वो चलते हैं.

शी जिनपिंग की सुरक्षा का दारोमदार चीन की सेंट्रल सेक्यूरिटी ब्यूरो पर है. जो चीन के सभी आला नेताओं और उच्च सैन्य अधिकारियों को सुरक्षा देती है. लेकिन राष्ट्रपति शी को वो खास सुरक्षा देती है. वैसे विदेशी दौरों के समय शी जिनपिंग की सुरक्षा काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ही तरह होती है. चीन के सेंट्रल सेक्यूरिटी ब्यूरो के प्रमुख वांग शाओजुन साये की तरह उनके साथ होते हैं. वैसे वो राष्ट्रपति के सबसे भरोसेमंद लोगों में भी हैं.


सेंट्रल सेक्यूरिटी ब्यूरो का गठन 1949 में चीन राष्ट्रप्रमुख माओ त्से तुंग को सुरक्षा देने के लिए हुआ था. उसके बाद से वो चीन के सभी राष्ट्रपतियों और कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेताओं को सुरक्षा देते आ रहे हैं. लेकिन माना जाता है कि शी की सुरक्षा जिस तरह मजबूत किले की चाकचौबंद है, वैसी किसी चीनी राष्ट्रपति की नहीं रही है.

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कितने जवान हैं इस सेक्यूरिटी में 
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सेक्यूरिटी ब्यूरो चीन की सेना के कई रेजिमेंट से अपने लिए जवान लेती है. फिर उन्हें अपने तरीके से कमांडो के रूप में ढालती है. माना जाता है कि इस सेक्यूरिटी ब्यूरो में करीब 8000 जवान हैं. ये सेक्यूरिटी रेजीमेंट सात ग्रुप और 36 रेजीमेंट्स में बंटी हुई है.

इस टुकड़ी यूनिट 8341 या यूनिट 57001 या सेंट्रल गार्ड रेजिमेंट भी कहते हैं. इस यूनिट के जवानों को कहीं भी अपना नाम बताना मना है. अगर वो अपने किसी परिचित या दोस्त को पत्र लिखते हैं तो उसमें अपना नाम और पता नहीं लिख सकते. अलबत्ता वो अपनी रेजीमेंट का नाम और पद लिख सकते हैं.

जिनपिंग लगातार बदलते हैं पर्सनल कमांडो
शी ने दो तीन साल पहले अपनी सुरक्षा में व्यापक फेरबदल किए थे. शी की सुरक्षा करने वाले जवान आमतौर पर लंबे चौड़े होते हैं. ये भी कई लेयर में राष्ट्रपति की सुरक्षा करते हैं. अंदरूनी घेरे में छह से आठ पर्सनल कमांडो होते हैं. जो उन्हें घेरे होते हैं और उनकी कार के आसपास होते हैं. हालांकि जिनपिंग इन अंदरूनी घेरे वाले पर्सनल गार्ड्स को कुछ समय बाद बदलकर उन्हें उनकी रेजीमेंट में भेज देते हैं.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को घेरे हुए उनके चौकन्ने पर्सनल कमांडोज


जिनपिंग की सुरक्षा करने वाले कमांडो चीन में निर्मित 05 मशीनगन और ब्राजीली पिस्टल पीटी 709 से लैस होते हैं. हरेक के पास कम्युनिकेशन के उपकरण होते हैं, जिससे वो आपस में संवाद करते हैं.

सुरक्षा काफिला चार चौबंद होता है
सेक्यूरिटी ब्यूरो के प्रमुख 65 साल के वांग शी के किसी देश या कहीं भी दौरे पर जाने से पहले वहां पहुंचते हैं. सुरक्षा का इंतजाम देखते हैं. जिनपिंग का सुरक्षा लावलश्कर भी विदेश दौरों के अवसर पर पहले ही पहुंच जाता है. पिछले दिनों जब वो अफ्रीका और पेरिस गए तो उनके काफिले की सुरक्षा की झलक देखने को मिली. ये करीब वैसी ही थी, जैसी अमेरिकी राष्ट्रपति की.

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आगे पायलट वाहन चलते हैं. इसके पीछे चार मोटर साइकल सवार पायलट गार्ड्स. इसके पीछे चार से छह कारें , जिसमें सुरक्षा के जवान और अन्य जरूरी होता है. फिर शुरू होता है शी जिनपिंग की असली सेक्यूरिटी. जिसमें कई बाइक सवार कमांडो उनके अंदरूनी कार काफिले के आगे चल रहे होते हैं. अंदरूनी कार काफिले में दस से 12 वाहन होते हैं. ये सब अलग अलग काम कर रहे होते हैं. इसी काफिले में शी की खास बख्तरबंद लिमोजिन कार होंकी एन 501 होती है.

जिनपिंग जब पेरिस दौरे पर गए थे , तब इस तरह निकला धा उनका सुरक्षा काफिला


इस काफिले के साथ कारों के बगल में मोटर साइकल पर सुरक्षा कर्मी चल रहे होते हैं. इसके बाहर एक अन्य सुरक्षा घेरा भी सड़क पर होता है तो जनता को इस काफिले के पास भी नहीं फटकने देता है.

कैसी है जिनपिंग की लिमोजिन होंकी एन 501 कार 
ये लंबी और काले रंग की लेबोजिन है. इसकी खिड़की और दरवाजे भारी और हथियारयुक्त होते हैं. चार दरवाजों वाली इस कार में कम्युनिकेशन के पुख्ता इंतजाम होते हैं. बताया जाता है कि इसमें कई और खास सेक्यूरिटी इंतजाम हैं. जिसका खुलासा नहीं किया जाता.

ये है चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की नई लिमोजिन होंकी एन 501 कार, जिसे खास तरीके से ऐसा बनाया गया है कि इसे दुनिया की सबसे सुरक्षित कारों में गिना जाता है


ये कार चीन की सबसे बड़ी आटोमोबाइल कंपनी ने खासतौर पर उनके लिए बनाई है. बाजार में इसकी कीमत वैसे तो साढ़े पांच करोड़ है. लेकिन शी की कारण में इसमें जिस तरह के अतिरिक्त फीचर लगाए गए हैं. उससे इसकी कीमत और बढ़ जाती है. इस कार की फ्रंट ग्रिल लंबी है. ये 402 हार्स पॉवर की है. सिंगल गैस टैंक फुल होने पर 500 मील तक दौड़ सकती है. 18 फीट की ये सेडान एक लग्जरी कार है. इसका टर्बो चार्ज्ड इंजन यानि वी8 इंजन इसे गजब की ताकत देता है.

भारत भी आएगा ये सुरक्षा काफिला 
जब शी जिनपिंग भारत में आएंगे तो उनकी ये सुरक्षा और कारों का काफिला यहां भी आएगा. माना जा रहा है कि राष्ट्रपति चीन के आईटीसी चोला होटल में ठहरेंगे, जिसे कई दिन पहले भारत और चीन के सुरक्षा से जुड़े लोग अपने सुपुर्द कर लेंगे. उस समय शायद इस होटल में और किसी अन्य को ठहरने की अनुमति नहीं होगी.

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First published: October 9, 2019, 9:05 PM IST
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