क्या होता है पीयूसी, जिसके लिए लग रही हैं गाड़ियों की लंबी कतारें

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Updated: September 12, 2019, 3:36 PM IST
क्या होता है पीयूसी, जिसके लिए लग रही हैं गाड़ियों की लंबी कतारें
सभी मोटर वाहनों के लिए पीयूसी अनिवार्य होता है.

अगर आप कोई भी गाड़ी (Motor Vehicle) चलाते हैं तो अनिवार्य रूप से आपको पीयूसी (PUC) हासिल करना चाहिए. पीयूसी से जुड़ा आपका जो भी सवाल है, उसका जवाब आप यहां पढ़ें.

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नए मोटर व्हीकल एक्ट (New Motor Vehicle Act) के प्रावधानों के लागू होते ही पेट्रोल पंपों (Petrol Pumps) पर जो प्रदूषण निवारण केंद्र (Pollution Control Units) हैं, वहां गाड़ियों की लंबी कतारें लगना शुरू हो गई हैं. ये कतारें प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट (Pollution Control Certificate) यानी पीयूसी लेने के लिए लग रही हैं क्योंकि अगर आप वाहन चलाते हैं और पीयूसी नहीं है तो आपको अच्छा खासा जुर्माना (Challan) चुकाना पड़ सकता है. लेकिन, ये पीयूसी होता क्या है, क्यों ज़रूरी है और कैसे बनता है? इन तमाम सवालों के जवाबों के साथ ये भी जानिए कि ये कब बनवाना चाहिए और आप इसे किस तरह बनवा सकते हैं.

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क्या होता है पीयूसी?
गाड़ियों से जो धुआं (Emission) निकलता है, वह पर्यावरण (Environment) के लिए खतरनाक हो सकता है. इस तरह के प्रदूषण के लिए पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए जो मानक (Pollutants Standards) तय किए गए हैं, उनके मुताबिक ही आपकी गाड़ी का धुआं प्रदूषण फैला रहा है, इस बात की पुष्टि करने के लिए एक जांच (Pollution Test) के बाद जो सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, उसे पीयूसी कहते हैं. भारत में मोटर या इंजन वाली सभी गाड़ियों के लिए यह अनिवार्य है.

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वैधता और कीमत
जब आप एक नई कार खरीदते हैं तो पीयूसी उसके साथ दिया जाता है, जो अधिकतम 1 साल तक के लिए वैध होता है. इसके बाद आपको तय समय में जांच करवाकर पीयूसी लेना होता है. आम तौर से पीयूसी की वैधता 6 महीने की होती है यानी आपको हर छहीने में यह जांच करवाना होती है. गाड़ी किस फ्यूल टाइप की है, इस आधार पर पीयूसी की कीमत 60 से 100 रुपये तक होती है.
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कैसे होती है पीयूसी जांच?
डीज़ल वाहन के लिए एक्सलरेटर को पूरी तरह दबाया जाता है और धुएं के प्रदूषण की रीडिंग ली जाती है. ऐसा पांच बार करने के बाद एवरेज निकालकर फाइनल रीडिंग ली जाती है. वहीं, पेट्रोल वाहन के लिए एक्सलरेटर नहीं दबाया जाता और केवल एक बार रीडिंग ली जाती है.

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अगर प्रदूषण ज़्यादा हुआ तो?
पीयूसी जांच के समय अगर गाड़ी में प्रदूषण की मात्रा तय मानक से ज़्यादा मिलती है तो प्रदूषण जांच केंद्र को गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर आरटीओ कार्यालय में संबंधित अधिकारी के पास एक दिन के भीतर देना होता है. उसके बाद इस गाड़ी की दोबारा जांच हो सकती है या इस पर कार्रवाई भी संभव है.

पीयूसी के बारे में ये भी जानें
- यह पूरे देश में लागू होता है यानी आप अगर दूसरे शहर जा रहे हैं तो आपको नया पीयूसी करवाने की ज़रूरत नहीं है.
- दो पहिया, तीन पहिया या चार पहिया किसी भी तरह के मोटर व्हीकल के लिए पीयूसी ज़रूरी है.
- पीयूसी की जांच के लिए वही व्यक्ति योग्य है जिसके पास मोटर मैकेनिक्स या आटोमोबाइल इंजीनियरिंग की न्यूनतम वैध डिग्री हो. जो गाड़ी में इतनी रिपेयरिंग करना जानता हो, जिससे प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सकता है लेकिन गाड़ी के इंजन की क्षमता पर कोई खराब असर न हो.
- पीयूसी सेंटर सभी वैध पेट्रोल पंपों पर आम तौर से हैं. इसके अलावा आटोमोबाइल कंपनियों के आधिकारिक गैरेजों में भी ये सुविधा होती है, जहां से आप पीयूसी हासिल कर सकते हैं.



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First published: September 9, 2019, 9:00 PM IST
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