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ऐसे समझें बिना डरे कैसे करना है कोरोना का मुकाबला

ऐसे समझें बिना डरे कैसे करना है कोरोना का मुकाबला

कोरोना से बचाव में डर और भ्रम से ज्यादा एहतियात बरतने और सजग रहने की जरूरत है.

कोरोना से बचाव में डर और भ्रम से ज्यादा एहतियात बरतने और सजग रहने की जरूरत है.

कोरोना वायरस से सतर्क होने की बजाए लोग डर और भ्रम के शिकार हो रहे हैं. एक्सपर्ट्स और सरकार लगातार इस बात को लेकर आम लोगों को सचेत कर रहे हैं.

    कोरोना वायरस (Corona Virus) के वैश्विक फैलाव के साथ एक सबसे बड़ी समस्या आ खड़ी हुई है और वो है भ्रम और डर की. दरअसल दुनियाभर में इस रोग को लेकर एहतियात और सतर्कता बरतने से ज्यादा संदेह और डर के माहौल में जी रहे हैं. ये स्थिति बनी है सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों की वजह से. लेकिन अब इसे लेकर डॉक्टरों ने भी वीडियो बनाने शुरू कर दिए हैं. वो लोगों को समझा रहे हैं कि कोरोना भी वायरल संक्रमण का ही हिस्सा है और इससे घबराने या डरने की बजाए एहतियात बरतने की जरूरत है. सरकार द्वारा पब्लिक को दिए जा रहे संदेशों को ध्यान से सुनने और पढ़ने की जरूरत है.

    क्या है एक्सपर्ट की सलाह
    न्यूज18 ग्रुप के चैनल सीएनबीसी आवाज पर सीनियर फिजियशन डॉ. केके अग्रवाल ने स्टेप बाई स्टेप समझाया है कि कोरोना से कैसे दूर रहना है. इसके चरण क्या होते हैं. अभी भारत की स्थिति कैसी है. तो पहले ये जानिए कि कोरोना के स्टेप्स क्या हैं. यानी अभी भारत में ये किस स्तर पर है और आगे के चरण क्या हो सकते हैं.

    corona virus Demo Pic
    प्रतीकात्मक तस्वीर


    1-वायरस संक्रमण का अगर कोई केस अपने देश में बाहर यानी विदेश से आता है तो उसे हम कहते हैं स्टेज 1.

    2-अब बाहर से आए इन लोगों से जब उनके पड़ोसियों, घर वालों को संक्रमण फैलने लगता है तो हम इसे कहते हैं स्टेज 2. यानी अपने देश में ही इस संक्रामक रोग के फैलने की शुरुआत हो जाए. भारत अभी इसी स्थिति में है.

    3-तीसरा स्टेज तब आता है जब ये बीमारी व्यापक स्तर पर फैलने लगे. तब इसे कहा जाता है कम्यूनिटी स्प्रेड. यानी तब इस रोग का संक्रमण फैलने के जरूरी नहीं कि आप संक्रमित व्यक्ति से मिले हों. यही वो चरण होता है जहां से सरकारों और आम लोगों के लिए मुश्किल वाली बात शुरू होती है. क्योंकि ऐसी स्थिति में ये पता कर पाना मुश्किल हो जाता है कि बीमारी कहां से फैल रही है. भारत अभी इस स्टेज में नहीं आया है.

    तो क्या करना चाहिए
    ये सीजन सामान्य फ्लू का भी है. कोरोना के शुरुआती लक्षण भी सामान्य फ्लू की तरह ही होते हैं. लेकिन अगर आपके भीतर दो लक्षण दिख रहे हैं तो आपको जरूर डॉक्टर के पास जाना चाहिए. यानी अगर आपको सूखी खांसी के साथ तेज बुखार आ रहा है तो इसे इग्नोर मत कीजिए. किसी मान्यता प्राप्त डॉक्टर के पास जाएं.

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    प्रतीकात्मक तस्वीर


    भीड़भाड़ में जाने से बचें
    जब तक देश में कोरोना के मरीजों की संख्या कम है और प्रतिदिन सिर्फ 10 से 15 केस आ रहे हैं तब तक घबराने की बात नहीं है. भारत के लिए मुश्किल वाली स्थित तब आएगी जब एक साथ 1000 या और बड़ी संख्या में मरीज मिलें. तब इसे कम्यूनिटी स्प्रेड माना जाएगा. अभी आपको ये खयाल रखने की जरूरत है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में न जाएं. अगर किसी व्यक्ति में फ्लू के लक्षण दिख रहे हैं तो उससे कम से कम दो मीटर की दूरी बनाकर रखें. अगर आपको भी सामान्य फ्लू है तो एहतियात बरतें.

    अपनी प्रतिरोधक क्षमता पर ध्यान दें
    डॉक्टर और एक्सपर्ट लगातार इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि कोरोना से लड़ाई प्रतिरोधक क्षमता महत्वपूर्ण पहलू है. इसलिए रेगुलर एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन पर जरूर ध्यान दें. खाने में विटामिन सी का प्रयोग बढ़ाएं.
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    Tags: China, Cornovirus, Corona, Corona Virus

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